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Saharanpur News: 2,14,327 आबादी का सर्वें, चार नए कुष्ठ रोगी मिले, उपचार शुरू
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-अभियान के तहत 1023 टीमों को करना है 10.30 आबादी का सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चलाए गए कुष्ठ रोगी खोज एवं नियमित निगरानी अभियान में चार नए कुष्ठ रोगी मिले हैं। इन मरीजों का निशुल्क इलाज शुरू कर दिया। पांच दिनों में 1023 टीमों ने 2,14,327 आबादी का सर्वे किया है।
जिले में एक सितंबर से सघन कुष्ठ रोगी खोज एवं नियमित निगरानी अभियान चल रहा है, जो 30 सितंबर तक चलेगा। इसमें आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों की खोज कर रहे हैं। अभियान में अभी चार नए कुष्ठ मिले हैं। इनमें एक पासी बैसीलेसरी (पीबी) और तीन मल्टी बैसीलेसरी (एमबी) के शामिल हैं।
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोग की दो श्रेणियां हैं। पासी बैसीलेसरी (पीबी) श्रेणी में कम से कम पांच चकत्ते वाले मरीजों को रखा जाता है। इनका इलाज छह महीने तक होता है। मल्टी बैसीलेसरी (एमबी) श्रेणी के मरीजों के शरीर पर पांच से अधिक चकत्ते होते हैं। इन मरीजों का इलाज एक साल तक होता है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोगियों का नियमित इलाज के बाद रोग के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं। अब जनपद में 68 कुष्ठ रोगी सक्रिय हैं।
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सहारनपुर। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चलाए गए कुष्ठ रोगी खोज एवं नियमित निगरानी अभियान में चार नए कुष्ठ रोगी मिले हैं। इन मरीजों का निशुल्क इलाज शुरू कर दिया। पांच दिनों में 1023 टीमों ने 2,14,327 आबादी का सर्वे किया है।
जिले में एक सितंबर से सघन कुष्ठ रोगी खोज एवं नियमित निगरानी अभियान चल रहा है, जो 30 सितंबर तक चलेगा। इसमें आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों की खोज कर रहे हैं। अभियान में अभी चार नए कुष्ठ मिले हैं। इनमें एक पासी बैसीलेसरी (पीबी) और तीन मल्टी बैसीलेसरी (एमबी) के शामिल हैं।
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जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोग की दो श्रेणियां हैं। पासी बैसीलेसरी (पीबी) श्रेणी में कम से कम पांच चकत्ते वाले मरीजों को रखा जाता है। इनका इलाज छह महीने तक होता है। मल्टी बैसीलेसरी (एमबी) श्रेणी के मरीजों के शरीर पर पांच से अधिक चकत्ते होते हैं। इन मरीजों का इलाज एक साल तक होता है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोगियों का नियमित इलाज के बाद रोग के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं। अब जनपद में 68 कुष्ठ रोगी सक्रिय हैं।
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