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Saharanpur News: सुनील राठी को दस, नीरज बवाना को सात व सचिन को पांच साल की सजा
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बागपत। गैंगस्टर के मुकदमे में मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष गैंगस्टर) ने कुख्यात सुनील राठी को दस साल, नीरज बवाना को सात साल और सचिन हलालपुर को पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही सुनील राठी पर एक लाख रुपये, नीरज बवाना पर 70 हजार रुपये और सचिन हलालपुर पर पचास हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
वर्ष 2014 में बागपत में उत्तराखंड पुलिस की कस्टडी से कुख्यात अमित उर्फ भूरा निवासी सरनावली जिला मुजफ्फरनगर को छुड़ाने और पुलिस कर्मियों की दो एके-47 समेत अन्य असलाह लूटने की घटना को अंजाम दिया गया था। जिसमें टीकरी गांव के कुख्यात सुनील राठी, दिल्ली के पूर्व विधायक रामवीर शौकीन के भांजे बवाना निवासी नीरज समेत तीन गिरोह शामिल रहे थे।
दो जुलाई 2015 को तत्कालीन कोतवाली प्रभारी कृष्ण मुरारी दोहरे ने कुख्यात सुनील राठी, अमित उर्फ भूरा, संदीप उर्फ मोनू त्यागी, प्रमोद, प्रवीण उर्फ लड्डू, रवि चौहान, विन्नी उर्फ विनीत, नवीन उर्फ विक्की, योगेश उर्फ टुन्ना, नीरज बवाना उर्फ नीटू, सचिन उर्फ मोनू, रोबिन, प्रिंस, मोहम्मद सद्दाम, मोहम्मद गौरी, अरविंद, प्रवेश, दिनेश उर्फ थापा के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष गैंगस्टर में हुई। जिसमें उत्तराखंड की पौड़ी गढ़वाल जेल में बंद कुख्यात सुनील राठी, दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद नीरज बवाना और चित्रकूट जेल में बंद सचिन हलालपुर की पत्रावली पर अलग सुनवाई की गई।
सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश पवन कुमार राय ने सुनील राठी को दस साल की सजा सुनाने के साथ ही एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया। जिसे अदा नहीं करने पर एक साल की सजा बढ़ाई जाएगी। नीरज बवाना को सात साल की सजा सुनाई और 70 हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर छह माह की सजा बढ़ाने के आदेश दिए। सचिन हलालपुर को पांच साल की सजा और पचास हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर तीन माह की सजा बढ़ाने के आदेश दिए गए।
- सुनील राठी ने जेल में रची थी साजिश, अन्य ने फिल्मी अंदाज में की घटना
कुख्यात अमित उर्फ भूरा वर्ष 2014 में जब उत्तराखंड जेल में बंद था तो उसे वहां से पुलिस बागपत कोर्ट में एक मुकदमे में पेशी पर लेकर आ रही थी। लोनिवि गेस्ट हाउस के पास थ्री व्हीलर में बदमाशों ने पुलिस कर्मियों की आंखों में मिर्च डालकर असलहे लूटे और अमित उर्फ भूरा को छुड़ा ले गए थे। इस पूरी घटना की साजिश उत्तराखंड जेल में बंद कुख्यात सुनील राठी ने रची थी और यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा तक के बदमाश इसमें शामिल थे।
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वर्ष 2014 में बागपत में उत्तराखंड पुलिस की कस्टडी से कुख्यात अमित उर्फ भूरा निवासी सरनावली जिला मुजफ्फरनगर को छुड़ाने और पुलिस कर्मियों की दो एके-47 समेत अन्य असलाह लूटने की घटना को अंजाम दिया गया था। जिसमें टीकरी गांव के कुख्यात सुनील राठी, दिल्ली के पूर्व विधायक रामवीर शौकीन के भांजे बवाना निवासी नीरज समेत तीन गिरोह शामिल रहे थे।
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दो जुलाई 2015 को तत्कालीन कोतवाली प्रभारी कृष्ण मुरारी दोहरे ने कुख्यात सुनील राठी, अमित उर्फ भूरा, संदीप उर्फ मोनू त्यागी, प्रमोद, प्रवीण उर्फ लड्डू, रवि चौहान, विन्नी उर्फ विनीत, नवीन उर्फ विक्की, योगेश उर्फ टुन्ना, नीरज बवाना उर्फ नीटू, सचिन उर्फ मोनू, रोबिन, प्रिंस, मोहम्मद सद्दाम, मोहम्मद गौरी, अरविंद, प्रवेश, दिनेश उर्फ थापा के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष गैंगस्टर में हुई। जिसमें उत्तराखंड की पौड़ी गढ़वाल जेल में बंद कुख्यात सुनील राठी, दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद नीरज बवाना और चित्रकूट जेल में बंद सचिन हलालपुर की पत्रावली पर अलग सुनवाई की गई।
सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश पवन कुमार राय ने सुनील राठी को दस साल की सजा सुनाने के साथ ही एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया। जिसे अदा नहीं करने पर एक साल की सजा बढ़ाई जाएगी। नीरज बवाना को सात साल की सजा सुनाई और 70 हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर छह माह की सजा बढ़ाने के आदेश दिए। सचिन हलालपुर को पांच साल की सजा और पचास हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर तीन माह की सजा बढ़ाने के आदेश दिए गए।
- सुनील राठी ने जेल में रची थी साजिश, अन्य ने फिल्मी अंदाज में की घटना
कुख्यात अमित उर्फ भूरा वर्ष 2014 में जब उत्तराखंड जेल में बंद था तो उसे वहां से पुलिस बागपत कोर्ट में एक मुकदमे में पेशी पर लेकर आ रही थी। लोनिवि गेस्ट हाउस के पास थ्री व्हीलर में बदमाशों ने पुलिस कर्मियों की आंखों में मिर्च डालकर असलहे लूटे और अमित उर्फ भूरा को छुड़ा ले गए थे। इस पूरी घटना की साजिश उत्तराखंड जेल में बंद कुख्यात सुनील राठी ने रची थी और यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा तक के बदमाश इसमें शामिल थे।