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गन्ना किसानों को भरना होगा ऑनलाइन घोषणा पत्र
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सहारनपुर। जनपद में गन्ना सर्वे का काम करीब 39 फीसदी पूरा हो चुका है। इसके आधार पर किसानों का गन्ना सट्टा तय होगा। जिसका उपयोग गन्ना पर्चियां की संख्या तय करने में किया जाएगा। इस बार किसानों के लिए ऑनलाइन घोषणा पत्र भरना अनिवार्य कर दिया गया है। जिससे पर्चियों के लिए होने वाले फर्जीवाडे पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
पेराई सत्र समाप्त होने के बाद गन्ना विभाग और चीनी मिल संयुक्त रूप से गन्ना सर्वे कराते हैं। जिससे जनपद में पेड़ी गन्ना और पौधा गन्ना का वास्तविक क्षेत्रफल का पता चल जाता है। इसके आधार पर न सिर्फ किसानों की पर्चियों का निर्धारण होता है बल्कि शुगर मिलों को होने वाले गन्ना आवंटन तय करने में मदद मिलती है। इससे पता चल जाता है कि किस चीनी मिल के एरिया में कितना गन्ना फसल हैं। जनपद में 1.51 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता किसान हैं। इनमें से 57873 किसानों के यहां सर्वे हो चुका है। जिनके पास 41 हजार 14 हेक्टेयर रकबे में गन्ना फसल खड़ी हैं। गन्ना सर्वें के साथ ही गन्ना किसानों के लिए ऑनलाइन घोषणा पत्र भरना भी अनिवार्य कर दिया गया है। जिससे पर्चियों को लेकर होने वाले फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाया जा सके। ऑनलाइन घोषणा पत्र में किसान को आधार कार्ड या बैंक की पासबुक या ड्राइविंग लाइसेंस की स्वप्रमाणित प्रति, गन्ना रकबा की जानकारी के लिए गाटा संख्या, खतौनी की कंप्यूटराइज्ड प्रति को अपलोड करना होगा। गन्ने की पौधा या पेड़ी फसल है उसका भी अलग अलग विवरण भरना होगा।
किसान ऐसे भरें घोषणा पत्र
गन्ना किसान अपना घोषणा पत्र कंप्यूटर के साथ ही मोबाइल के माध्यम से भी भर सकते हैं। इसके लिए गन्ना विभाग की वेबसाइट पर जाकर परफोर्मा भरना होगा। इसके लिए वेबसाइट में पहले जनपद फिर मिल का चयन करें। फिर अपने गांव का और अपना कोड भरें। इसके बाद मांगी गई सभी जानकारियों को पूरा कर दें। सबसे बाद में किसान को अपने अभिलेख जमा अपलोड करनी होगी।
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इस बार किसानों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन घोषणा पत्र भरना होगा। जो किसान घोषणा पत्र नहीं भरेंगे उनका सट्टा संचालित नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी किसान ऑनलाइन घोषणा पत्र अवश्य भर दें। - कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
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पेराई सत्र समाप्त होने के बाद गन्ना विभाग और चीनी मिल संयुक्त रूप से गन्ना सर्वे कराते हैं। जिससे जनपद में पेड़ी गन्ना और पौधा गन्ना का वास्तविक क्षेत्रफल का पता चल जाता है। इसके आधार पर न सिर्फ किसानों की पर्चियों का निर्धारण होता है बल्कि शुगर मिलों को होने वाले गन्ना आवंटन तय करने में मदद मिलती है। इससे पता चल जाता है कि किस चीनी मिल के एरिया में कितना गन्ना फसल हैं। जनपद में 1.51 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता किसान हैं। इनमें से 57873 किसानों के यहां सर्वे हो चुका है। जिनके पास 41 हजार 14 हेक्टेयर रकबे में गन्ना फसल खड़ी हैं। गन्ना सर्वें के साथ ही गन्ना किसानों के लिए ऑनलाइन घोषणा पत्र भरना भी अनिवार्य कर दिया गया है। जिससे पर्चियों को लेकर होने वाले फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाया जा सके। ऑनलाइन घोषणा पत्र में किसान को आधार कार्ड या बैंक की पासबुक या ड्राइविंग लाइसेंस की स्वप्रमाणित प्रति, गन्ना रकबा की जानकारी के लिए गाटा संख्या, खतौनी की कंप्यूटराइज्ड प्रति को अपलोड करना होगा। गन्ने की पौधा या पेड़ी फसल है उसका भी अलग अलग विवरण भरना होगा।
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किसान ऐसे भरें घोषणा पत्र
गन्ना किसान अपना घोषणा पत्र कंप्यूटर के साथ ही मोबाइल के माध्यम से भी भर सकते हैं। इसके लिए गन्ना विभाग की वेबसाइट पर जाकर परफोर्मा भरना होगा। इसके लिए वेबसाइट में पहले जनपद फिर मिल का चयन करें। फिर अपने गांव का और अपना कोड भरें। इसके बाद मांगी गई सभी जानकारियों को पूरा कर दें। सबसे बाद में किसान को अपने अभिलेख जमा अपलोड करनी होगी।
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इस बार किसानों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन घोषणा पत्र भरना होगा। जो किसान घोषणा पत्र नहीं भरेंगे उनका सट्टा संचालित नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी किसान ऑनलाइन घोषणा पत्र अवश्य भर दें। - कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।