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विवादित भूमि पर एक और फैसला रेलवे के पक्ष में

Thu, 07 Nov 2019 10:09 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2019 10:09 PM IST
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Star paper mill shocked, court decides in favor of railway
Star paper mill shocked, court decides in favor of railway
स्टार पेपर मिल को झटका, कोर्ट ने रेलवे के पक्ष में दिया फैसला
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सहारनपुर। रेलवे और स्टार पेपर मिल में भूमि को लेकर चल रहे विवाद में कोर्ट ने निर्णय रेलवे के पक्ष में दे दिया है। इस भूमि पर स्टार पेपर मिल ने अपना दावा जताया था। उस पर पेपर मिल की लकड़ियां भी काफी समय से रखी हुईं थीं। 20 साल से मिल द्वारा भूमि का उपयोग करने पर रेलवे ने लगभग 32 करोड़ रुपये की भी मांग की है।
स्टार पेपर मिल के नजदीक ही 6724.37 वर्ग मीटर भूमि को लेकर रेलवे और पेपर मिल में काफी समय समय से विवाद चला आ रहा था। रेलवे के अधिवक्ता मनोज कुमार सिंघल ने बताया कि स्टार पेपर मिल की चारदीवारी से लगी यह भूमि 1998 से पेपर मिल के कब्जे में है। इस पर पेपर मिल ने लकड़ियों के लट्ठे डाल रखे हैं। रेलवे द्वारा कई बार नोटिस दिया गया। उत्तर रेलवे अंबाला के संपदा अधिकारी ने दोनों पक्षों को सुनकर नौ अक्तूबर 2018 को भूमि रेलवे की मानते हुए स्टार पेपर मिल को भूमि खाली करने के निर्देश दिए थे। साथ ही भूमि का उपयोग करने के कारण 31,70,53102 रुपये रेलवे को हर्जाने के रूप में अदा करने का निर्णय सुनाया। साथ ही निर्णय के बाद कब्जामुक्त किए जाने तक हर माह 12,88,834 रुपये भी देने होंगे।
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अधिवक्ता मनोज कुमार सिंघल ने बताया कि स्टार पेपर मिल ने इस निर्णय के बाद जिला जज सहारनपुर के यहां अपील दायर कर दी थी। उन्होंने बताया कि स्टार पेपर मिल के चीफ जनरल मैनेजर ने न्यायालय के समक्ष शपथ-पत्र दिया था कि न्यायालय हर्जाने की राशि को अंतिम निर्णय में वाजिब ठहराता है, तो धनराशि अदा कर दी जाएगी। स्टार पेपर मिल द्वारा दायर अपील में अपर जिला जज कक्ष संख्या तीन में दोनों पक्षों की सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पेपर मिल की अपील को छह नवंबर को खारिज कर रेलवे के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने रेलवे के संपदा अधिकारी द्वारा पारित निर्णय को कायम रखा है।
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हाईकोर्ट में अपील करेगा स्टार मिल प्रबंधन
वहीं स्टार पेपर मिल के प्रतिनिधि मोहन शर्मा का कहना है कि यह भूमि 1957 में उत्तर प्रदेश के गवर्नर ने पेपर मिल को दी थी। रेलवे के पास विवादित भूमि से संबंधित कोई कागजात नहीं हैं। पेपर मिल के पास भूमि के स्वामित्व से संबंधित सभी कागजात उपलब्ध हैं। राजस्व विभाग में हर जगह पेपर मिल का स्वामित्व दर्ज है। रेलवे द्वारा लगाया गया अर्थदंड न्यायोचित नहीं है। स्टार पेपर मिल प्रबंधन इस आदेश को चुनौती के लिए हाईकोर्ट में अपील करेगा।
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