{"_id":"643ae560da3dbcc5680ec9ee","slug":"spend-more-time-in-prayer-in-last-ashra-qari-ishaq-saharanpur-news-c-34-1-smrt1024-184-2023-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिरी अशरे में इबादत में गुजारें अधिक वक्त : कारी इस्हाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिरी अशरे में इबादत में गुजारें अधिक वक्त : कारी इस्हाक
Sat, 15 Apr 2023 11:26 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 15 Apr 2023 11:26 PM IST
विज्ञापन
मौलाना कारी इस्हाक गोरा
देवबंद। जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक और प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि रमजान माह का आखिरी अशरा (अंतिम दस दिन) चल रहा है। इसलिए इसमें सभी की जिम्मेदारी बनती है कि वह अल्लाह की रजा (खुशी) हासिल करने के लिए ज्यादा से ज्यादा इबादत में अपना वक्त गुजारे।
रमजान माह के आखिरी अशरे पर मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि इसमें फर्ज नमाजों के साथ नफली इबादतों का खास ख्याल रखें। कुरआन की तिलावत करें, अपनी जुबान को अल्लाह के जिक्र से तर रखें और अल्लाह का शुक्र भी अदा करते रहें कि अल्लाह ताआला ने हमें रमजान का महीना अता दिया। कहा कि आखिरी अशरे में उन लोगों के लिए दुआएं मगफिरत करें जो दुनिया से रुखसत हो गए। साथ ही बीमारों की सेहत की दुआ करें। कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि इस बात का खास ख्याल रखें कि जकात की अदायगी के साथ साथ सदका और खैरात भी ज्यादा से ज्यादा निकालें और ऐसे लोगों की तलाश करें जो घर से बाहर निकल कर मांग नहीं सकते।
विज्ञापन
रमजान माह के आखिरी अशरे पर मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि इसमें फर्ज नमाजों के साथ नफली इबादतों का खास ख्याल रखें। कुरआन की तिलावत करें, अपनी जुबान को अल्लाह के जिक्र से तर रखें और अल्लाह का शुक्र भी अदा करते रहें कि अल्लाह ताआला ने हमें रमजान का महीना अता दिया। कहा कि आखिरी अशरे में उन लोगों के लिए दुआएं मगफिरत करें जो दुनिया से रुखसत हो गए। साथ ही बीमारों की सेहत की दुआ करें। कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि इस बात का खास ख्याल रखें कि जकात की अदायगी के साथ साथ सदका और खैरात भी ज्यादा से ज्यादा निकालें और ऐसे लोगों की तलाश करें जो घर से बाहर निकल कर मांग नहीं सकते।
विज्ञापन