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कृषि एवं श्रम विधेयकों पर सपा ने जताया विरोध, सौंपा ज्ञापन
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- सपा ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपाफोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कृषि एवं श्रम विधेयकों को किसान और श्रमिकों का विरोधी बताते हुए समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से सिर्फ कारपोरेट घरानों को ही फायदा होगा, जबकि किसानों और श्रमिकों की बदहाली बढेगी।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष चौधरी रुद्रसैन के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की भाजपा सरकारों की गलत नीतियों की वजह से किसान एवं मजदूर परेशान हैं। सरकार की इन नीतियों से केवल कारपोरेट घरानों को ही फायदा होगा। जबकि श्रमिकों एवं किसानों की बदहाली ओर बढेगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने कृषि एवं श्रमिक विधेयकों को वापस नहीं लिया गया तो न सिर्फ किसान बरबाद हो जाएंगे बल्कि श्रमिकों को भी नुकसान होगा। सपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं नगर विधायक संजय गर्ग ने कहा कि भाजपा सरकारों का रवैया किसानों के प्रति अन्यायपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खेतों से किसानों का मालिकाना हक छीनना चाहती है। कृषि विधेयकों के कानून बनने से न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने वाली मंडियां धीरे धीरे समाप्त हो जाएंगी। जिससे किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य मिलना तो दूर न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पाएगा। पूर्व विधायक शशिबाला पुण्डीर एवं माविया अली, पूर्व चेयरमैन सरफराज खान, रामपुर विधानसभा प्रभारी जसवीर वाल्मीकि, महानगर अध्यक्ष आजम शाह आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष फरहाद आलम गाडा, जिला उपाध्यक्ष अब्दुल गफूर, पूर्व महानगर अध्यक्ष फैसल सलमानी, चौधरी नवाब गुर्जर, प्रवीन बांदुखेड़ी, राव वजाहत, आकाश खटीक, रतन यादव इसरार प्रमुख आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कृषि एवं श्रम विधेयकों को किसान और श्रमिकों का विरोधी बताते हुए समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से सिर्फ कारपोरेट घरानों को ही फायदा होगा, जबकि किसानों और श्रमिकों की बदहाली बढेगी।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष चौधरी रुद्रसैन के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की भाजपा सरकारों की गलत नीतियों की वजह से किसान एवं मजदूर परेशान हैं। सरकार की इन नीतियों से केवल कारपोरेट घरानों को ही फायदा होगा। जबकि श्रमिकों एवं किसानों की बदहाली ओर बढेगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने कृषि एवं श्रमिक विधेयकों को वापस नहीं लिया गया तो न सिर्फ किसान बरबाद हो जाएंगे बल्कि श्रमिकों को भी नुकसान होगा। सपा व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं नगर विधायक संजय गर्ग ने कहा कि भाजपा सरकारों का रवैया किसानों के प्रति अन्यायपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खेतों से किसानों का मालिकाना हक छीनना चाहती है। कृषि विधेयकों के कानून बनने से न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने वाली मंडियां धीरे धीरे समाप्त हो जाएंगी। जिससे किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य मिलना तो दूर न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पाएगा। पूर्व विधायक शशिबाला पुण्डीर एवं माविया अली, पूर्व चेयरमैन सरफराज खान, रामपुर विधानसभा प्रभारी जसवीर वाल्मीकि, महानगर अध्यक्ष आजम शाह आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष फरहाद आलम गाडा, जिला उपाध्यक्ष अब्दुल गफूर, पूर्व महानगर अध्यक्ष फैसल सलमानी, चौधरी नवाब गुर्जर, प्रवीन बांदुखेड़ी, राव वजाहत, आकाश खटीक, रतन यादव इसरार प्रमुख आदि मौजूद रहे।
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