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कहीं मरीजों को चाय भी नहीं और कहीं अंडा, फल और दूध का नाश्ता

Sun, 08 May 2022 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2022 11:51 PM IST
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Somewhere patients do not even have tea and somewhere egg, fruit and milk breakfast
सहारनपुर। सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीज को इलाज के साथ ही भोजन भी देने की व्यवस्था है। खास बात यह है कि एसबीडी जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, टीबी अस्पताल और एनआरसी यानी पोषण पुनर्वास केंद्र में भोजन की अलग अलग मेन्यू और व्यवस्था है। यानि, जिस प्रकार का मरीज वैसा उसका भोजन। जैसे एसबीडी जिला अस्पताल में मरीजों को नाश्ता देने की व्यवस्था नहीं है, लेकिन दोपहर और रात का भोजन मिलता है, लेकिन जिला महिला अस्पताल में महिलाओं को दोपहर और रात के भोजन के साथ ही सुबह नाश्ता भी दिया जा रहा है। नाश्ते में अंडा, फल और दूध शामिल किया गया है, लेकिन टीबी और एनआरसी में मरीजों के हिसाब से भोजन दिया जाता है, जो उन्हें नुकसान ना दे और रोग के ठीक होने में मदद करे। पेश है रिपोर्ट...
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एसबीडी जिला अस्पताल
एसबीडी जिला अस्पताल 316 बेड का है, जिसमें 12 महीने 316 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। यहां भर्ती मरीजों का भोजन जिला अस्पताल में ही संचालित रसोई से तैयार होकर आता है। यहां मरीजों को दोपहर के भोजन में दाल, सब्जी, रोटी और चावल या खिचड़ी दी जाती है। रात में भी इसी तरह के भोजन की व्यवस्था है। यदि किसी मरीज के लिए चिकित्सक विशेष भोजन कहते हैं जैसे दलिया, अंडा, दूूध आदि तो वह भी दिया जाता है। इतना ही नहीं, मरीज के साथ एक तीमारदार को भी भोजन दिया जाता है।
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महिला अस्पताल
जिला महिला अस्पताल में प्रसूताएं भर्ती रहती हैं, जिनके लिए अलग तरह के भोजन की व्यवस्था रहती हैं। यहां दोपहर और रात के भोजन में दाल, रोटी, सब्जी और खिचड़ी या चावल दिए जाते हैं। विशेष परिस्थितियों में डॉक्टर की सलाह पर कुछ प्रसूताओं के लिए विशेष भोजन भी बनाया जाता है। बीते कुछ माह से सीएमएस के प्रयास से यहां भर्ती प्रसूताओं को नाश्ते में अंडा, एक फल और दूध दिया जा रहा है, जिससे प्रसूताएं जल्दी कवर कर ठीक हो सकें। प्रसूताओं के साथ ही एक तीमारदार को भी भोजन की व्यवस्था है।
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एनआरसी में भोजन
एनआरसी में दस बेड की व्यवस्था है। यहां इतने बच्चे भर्ती रखे जाते हैं। उक्त बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप भोजन दिया जाता है। नोडल अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि एनआरसी की अपनी रसोई है, जिसमें बच्चों के लिए हलवा, खिचड़ी, दूध, दलिया दिया जाता है। ज्यादातर प्रोटीनयुक्त भोजन दिया जाता है, जिससे कि उनका कुपोषण जल्दी दूर हो सके। यहां बच्चे के साथ रहने वाली मां को भी भोजन दिया जाता है।
सीएचसी पर केवल प्रसूताओं को भोजन
जिले की जितनी भी सीएचसी पर प्रसव की सुविधा है। वहां केवल प्रसूताओं को नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन दिया जाता है। बाकी सामान्य मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था नहीं रहती। सामान्य मरीजों को अपने घरों से भोजन मंगाना पड़ता है।
नाश्ते में दलिया और अंडे
जिला अस्पताल परिसर ही में टीबी का अस्पताल भी चलता है, जो 55 बेड का है। चूंकि टीबी के मरीज हैं तो उनके लिए भोजन भी अलग तरह का रहता है। यहां मरीजों को नाश्ते में दलिया और अंडे दिए जाते हैं। इसके बाद दोपहर और रात के भोजन की व्यवस्था है, जिसमें दाल, रोटी और सब्जी रहती है।

जनपद के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए भोजन की बेहतरीन व्यवस्था है। बाकायदा भोजन को चेक करने के लिए डाइटीशियन तैनात हैं, जो भोजन को चेक करने के बाद ही पास करते हैं। कई बार हमारे सीएमएस भी मरीजों के पास भोजन जाने से पहले अपने पास मंगवाकर चेक करते हैं।
डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
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