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कोई भर्ती कराने में तो, दवा दिलाने में बना मददगार
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सहारनपुर। कोरोना काल में पीड़ितों की मदद को भी खूब लोग आगे आ रहे हैं। कोई मरीज को भर्ती कराने में मददगार बन रहा है तो कोई संक्रमित की मौत होने पर अंतिम संस्कार कराने का बीड़ा उठा रहा है। ऐसे लोग कोरोना काल में किसी हीरो से कम नहीं हैं।
ऐसे अनेक नाम सामने आ रहे हैं। इनमें से दवाओं और सर्जिकल उपकरणों के कारोबार से जुड़े प्रशांत गुप्ता मरीजों को भर्ती कराने में मददगार बन रहे हैं। उन्होंने चार दिन पूर्व फेसबुक पर पोस्ट डाली और कहा कि किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती होने में दिक्कत हो तो संपर्क कर सकता है, वह उसकी मदद करेंगे। प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इसके बाद कई लोगों ने उनसे संपर्क किया। अब तक वह यमुनानगर, अंबाला, देहरादून और ऋषिकेश के कई अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करा चुके हैं। वहां भर्ती कराने में उन्होंने अपने पुराने संबंधों का इस्तेमाल किया, जो दवा कारोबार के चलते बने थे।
वहीं, भाजपा नेता राहुल झांब ने अपनी टीम के साथ संक्रमण से मरने वाले उन लोगों के अंतिम संस्कार कराने का बीड़ा उठाया है, जिनके परिवार वाले मौजूद नहीं हैं। राहुल झांब का सहयोग कर रहे सुरेंद्र चौहान ने बताया कि इनके साथियों ने अब तक ऐसे कई लोगों का अंतिम संस्कार कराया है। वहीं, कुछ जगह उन्हें अंतिम संस्कार के लिए समय पर लकड़ी नहीं मिलने की भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। उधर, उर्दू तालिमी बोर्ड के महासचिव दानिश सिद्दीकी ने कहा कि बोर्ड की शाखा सहारनपुर द्वारा गरीब एवं बेसहारा रोगियों को मदद पहुंचाई जा रही है। मरीजों को दवाएं और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।
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ऐसे अनेक नाम सामने आ रहे हैं। इनमें से दवाओं और सर्जिकल उपकरणों के कारोबार से जुड़े प्रशांत गुप्ता मरीजों को भर्ती कराने में मददगार बन रहे हैं। उन्होंने चार दिन पूर्व फेसबुक पर पोस्ट डाली और कहा कि किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती होने में दिक्कत हो तो संपर्क कर सकता है, वह उसकी मदद करेंगे। प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इसके बाद कई लोगों ने उनसे संपर्क किया। अब तक वह यमुनानगर, अंबाला, देहरादून और ऋषिकेश के कई अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करा चुके हैं। वहां भर्ती कराने में उन्होंने अपने पुराने संबंधों का इस्तेमाल किया, जो दवा कारोबार के चलते बने थे।
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वहीं, भाजपा नेता राहुल झांब ने अपनी टीम के साथ संक्रमण से मरने वाले उन लोगों के अंतिम संस्कार कराने का बीड़ा उठाया है, जिनके परिवार वाले मौजूद नहीं हैं। राहुल झांब का सहयोग कर रहे सुरेंद्र चौहान ने बताया कि इनके साथियों ने अब तक ऐसे कई लोगों का अंतिम संस्कार कराया है। वहीं, कुछ जगह उन्हें अंतिम संस्कार के लिए समय पर लकड़ी नहीं मिलने की भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। उधर, उर्दू तालिमी बोर्ड के महासचिव दानिश सिद्दीकी ने कहा कि बोर्ड की शाखा सहारनपुर द्वारा गरीब एवं बेसहारा रोगियों को मदद पहुंचाई जा रही है। मरीजों को दवाएं और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।
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