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नगर निगम में वर्षों से एक ही पटल पर जमे हैं कुछ लिपिक

Sun, 29 May 2022 11:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2022 11:15 PM IST
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Some clerks have been on the same table in the municipal corporation for years.
सहारनपुर। तीन साल बाद लिपिकों के पटल बदलने के शासन के आदेश नगर निगम में बेमानी साबित हो रहे हैं। कुछ लिपिक ऐसे हैं, जिनको उनकी कुर्सी से हटाने की हिम्मत न तो अधिकारी कर पा रहे हैं और न ही नगर निगम बोर्ड कर पा रहा है। नगर निगम के अन्य लिपिक उन्हें बाहुबली लिपिक की संज्ञा देते हैं। चर्चा है कि यह लिपिक आठ से दस साल से एक ही पटल पर काम कर रहे हैं, जबकि ज्यादातर लिपिक की हालत ऐसी है, जिन्हें जब और जहां चाहे बैठा दिया जाता है।
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शासन के आदेश हैं कि जो भी लिपिक किसी पटल पर तीन साल से अधिक से जमा है या कोई अधिकारी किसी जनपद में तीन साल से अधिक समय से है तो उसका स्थानांतरण किया जाए, लेकिन शासन की इस मंशा का पालन कुछ जगहों पर नहीं हो रहा है, जिनमें से नगर निगम भी एक है। यहां करीब आठ साल से शासन के इन आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है। हालांकि ऐसा नहीं है कि लिपिकों के पटल नहीं बदले जाते हैं, लेकिन कुछ लिपिक ऐसे हैं, जो राजनीतिक संरक्षण और अन्य कारणों से एक ही पटल पर जमे हुए हैं। इन लिपिकों पर समय समय पर गंभीर आरोप भी लगते रहे हैं, लेकिन अधिकारी तो दूर की बात नगर निगम बोर्ड भी इनको इनकी कुर्सी से हिला नहीं पा रहा है।
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सहारनपुर नहीं छोड़ना चाहते कर्मचारी
नगर निगम के अलग अलग विभागों में कुछ कर्मचारी ऐसे हैं, जो सहारनपुर भी नहीं छोड़ना चाहते हैं। जब भी इनके स्थानांतरण के आदेश आते हैं तो वह सेटिंग के जरिए अपने स्थानांतरण रुकवाते रहे हैं। एक कर्मचारी ने अपनी 25 साल की नौकरी में 19 साल सहारनपुर में बिताए हैं, जिनमें से ज्यादातर वर्ष नगर निगम में नौकरी की है। ऐसे कर्मचारियों की मंशा पर भी सवाल उठते रहे हैं।
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नगर निगम में यदि कोई लिपिक या अन्य अधिकारी व कर्मचारी निर्धारित वर्षों से अधिक लंबे समय से एक ही पटल पर काम कर रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। पटल या विभाग बदलने को लेकर जो भी वर्ष निर्धारित हैं उनका नियमानुसार पालन कराया जाएगा।
लोकेश एम, मंडलायुक्त।
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