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तो हर दिन 15.66 करोड़ रुपये करना होगा भुगतान
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सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 अक्तूबर से चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू होना है। प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र शुरू होने से पहले तमाम बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने का वादा किया हुआ है। जिले की चार चीनी मिलों पर 284.90 करोड़ रुपये अभी भी बकाया है। जबकि दो मिलों ने पूरा भुगतान कर दिया है। मिल चलने में 18 दिन शेष हैं, ऐसे में यदि प्रतिदिन 15.82 करोड़ रुपये भुगतान हो तो ही 20 अक्तूबर तक तमाम बकाया भुगतान हो सकता है। गन्ना विभाग के लिए यह किसी चुनौती से कम नहीं है।
शासन प्रशासन के तमाम प्रयास किसानों को समय पर बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करा पाने में विफल साबित हो रहे हैं। जिले में अभी तक देवबंद और शेरमऊ चीनी मिल ने ही पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। जबकि चार चीनी मिलों पर 284.90 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं। इनमें सबसे अधिक बकाया गांगनौली शुगर मिल पर हैं। इसके साथ ही चीनी मिलों पर करीब 35 करोड़ रुपये बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज के भी हो गए। बकाया भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बिड़वी के सुधीर सिंह, चौरा खुर्द के महक सिंह, हलगोवा के आरिफ प्रधान आदि किसानों का कहना है बकाया भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों को उम्मीद है कि 20 अक्तूबर तक न सिर्फ पूरा बकाया भुगतान हो जाएगा बल्कि मिलों में भी पेराई सत्र शुरू हो जाएगा।
अंतिम चरण में मिलों में मेंटीनेंस कार्य
शुगर मिलों में मेंटीनेंस का कार्य अंतिम चरण में है। चीनी मिलों में मिल हाउस, बॉयलर, पावर हाउस आदि का मरम्मत का काम 70 से 80 फीसदी तक हो गया है। गन्ना विभाग के अधिकारी मरम्मत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। जिससे समय पर मरम्मत कार्य पूरा होकर मिलों में 20 अक्तूबर से पेराई सत्र शुरू हो सके।
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जनपद में सभी चीनी मिलों को 20 अक्तूबर से पेराई सत्र शुरू करने और बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। दो मिलों ने तो पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है। लेकिन चार मिलों पर 284.90 करोड़ रुपये की बकायादारी है। इन पर भुगतान में तेजी लाने का दबाव बनाया हुआ है। - कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
जनपद में बकाया गन्ना मूल्य
मिल ------------ बकाया
गांगनौली ------ 152.82 करोड़ रुपये
गागलहेडी -------- 38.57 करोड़ रुपये
नानौता ----------- 58.45 करोड़ रुपये
सरसावा ---------- 35.06 करोड़ रुपये
नोट: गन्ना विभाग के एक अक्तूबर के आंकड़ों के अनुसार।
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शासन प्रशासन के तमाम प्रयास किसानों को समय पर बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करा पाने में विफल साबित हो रहे हैं। जिले में अभी तक देवबंद और शेरमऊ चीनी मिल ने ही पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। जबकि चार चीनी मिलों पर 284.90 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं। इनमें सबसे अधिक बकाया गांगनौली शुगर मिल पर हैं। इसके साथ ही चीनी मिलों पर करीब 35 करोड़ रुपये बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज के भी हो गए। बकाया भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बिड़वी के सुधीर सिंह, चौरा खुर्द के महक सिंह, हलगोवा के आरिफ प्रधान आदि किसानों का कहना है बकाया भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों को उम्मीद है कि 20 अक्तूबर तक न सिर्फ पूरा बकाया भुगतान हो जाएगा बल्कि मिलों में भी पेराई सत्र शुरू हो जाएगा।
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अंतिम चरण में मिलों में मेंटीनेंस कार्य
शुगर मिलों में मेंटीनेंस का कार्य अंतिम चरण में है। चीनी मिलों में मिल हाउस, बॉयलर, पावर हाउस आदि का मरम्मत का काम 70 से 80 फीसदी तक हो गया है। गन्ना विभाग के अधिकारी मरम्मत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। जिससे समय पर मरम्मत कार्य पूरा होकर मिलों में 20 अक्तूबर से पेराई सत्र शुरू हो सके।
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जनपद में सभी चीनी मिलों को 20 अक्तूबर से पेराई सत्र शुरू करने और बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। दो मिलों ने तो पूरा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है। लेकिन चार मिलों पर 284.90 करोड़ रुपये की बकायादारी है। इन पर भुगतान में तेजी लाने का दबाव बनाया हुआ है। - कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
जनपद में बकाया गन्ना मूल्य
मिल ------------ बकाया
गांगनौली ------ 152.82 करोड़ रुपये
गागलहेडी -------- 38.57 करोड़ रुपये
नानौता ----------- 58.45 करोड़ रुपये
सरसावा ---------- 35.06 करोड़ रुपये
नोट: गन्ना विभाग के एक अक्तूबर के आंकड़ों के अनुसार।