धुआं करो, पटाखे फोड़ो, ढोल नगाडे़ बजाओ तो चला जाएगा टिड्डी दल
सहारनपुर। टिड्डी दल के आने की आशंका के मद्देनजर कृषि वैज्ञानिकों से लेेकर उद्यान विशेषज्ञ तक किसानों को इससे बचाव के टिप्स दे रहे हैं। उन्होंने किसानों को इससे बचाव के प्रति सचेत रहने की सलाह देते हुए बताया कि धुआं करो, पटाखे फोड़ो, ढोल नगाडे़ बजाओ तो चला जाएगा टिड्डी दल। औद्योनिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केन्द्र के संयुक्त निदेशक भानू प्रकाश राम ने बताया कि टिड्डी कीट समूह में रहता है और दो से ढाई इंच लंबा कीट होता है। टिड्डी दल सामूहिक रूप से लाखों की संख्या में झुंड बनाकर पेड़ पौधों एवं वनस्पतियों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। यह टिड्डी दल क्षेत्र में शाम को छह से आठ बजे के आसपास बैठ जाता है। टिड्डी दल शाम के समय समूह में पेड़ों झाड़ियों एवं फसलों पर बसेरा कर वहीं पर रात गुजारते हैं और रात भर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे बचाव के उपाय बताते हुए उन्होंने कहा कि टिड्डी दल का समूह जब भी आकाश में दिखाई पडे़ तो उनको उतरने से रोकने के लिए अपने खेत के आसपास मौजूद घास फूंस का उपयोग करके धुआं करना चाहिए। टिड्डी दल दिखाई देते ही पटाखे फोड़कर, थाली बजाकर, ढोल नगाडे़ बजाकर इन्हें भगा सकते हैं। कल्टीवेटर या रोटावेटर चलाकर टिड्डी को एवं उनके अंडों को नष्ट किया जा सकता है। यह टिड्डी दल शाम को छह से सात बजे के आसपास जमीन पर बैठ जाता है इस दौरान कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव करके इन पर नियंत्रण किया जा सकता है। इसके लिए क्लोरपाइरीफास या बेंडियोकार्ब, डेल्टामेथरिन आदि का प्रयोग किया जा सकता है।