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महिलाओं के नाम वाले संदिग्ध खातों को खंगालेगी एसआईटी
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महिलाओं के नाम वाले संदिग्ध खातों को खंगालेगी एसआईटी
सहारनपुर। आनलाइन ठगी और सट्टेबाजी के बड़े खेल के मामले में एसआईटी महिलाओं के नाम वाले संदिग्ध खातों को खंगालेगी। आनलाइन ठगों के गिरोह में अब तक गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों में एक महिला आरोपी छम्मकछल्लो का भी नाम सामने आया था। इसी महिला ने लोगों को खासकर महिलाओं को प्रलोभन देकर उनके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज हासिल किए थे। इनके आधार पर ही फर्जी सिम लेकर पेटीएम अकाउंट बनाए गए थे। महिलाओं पर कम शक के कारण ही ऐसे खातों का प्रयोग कर लाखों रुपये इधर से उधर करने की आशंका है।
इस गिरोह में दो नेपाली नागरिकों पदम और भानू के जरिये ही पुलिस टीमों को कई अहम सुराग मिले हैं। इनसे ही पता चला कि दोनों नेपाली नागरिक दिल्ली के जिस फ्लैट में रह रहे थे, वह हवाला कारोबारी अमित सोनी का है। इसके साथ ही गिरोह का कनेक्शन अमित सोनी के गुर्गे माने जाने वाले अलीबाबा और सत्यम से भी जुड़ा है। पेटीएम और आनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए कुछ व्यापारियों और महिलाओं के खाते का भी सहारा लिया गया है।
सफेदपोश और व्यापारियों के नेटवर्क पर नजर
ठगी के इस बड़े गिरोह के तार सफेदपोशों और व्यापारियों से भी जुड़े होने की आशंका है। इसके चलते इस दिशा में भी जांच टीमें काम कर रही हैं। अभी तक की विवेचना में यूपी, दिल्ली, इंदौर, उत्तराखंड सहित आसपास के राज्यों में नेटवर्क के सक्रिय होने के आसार हैं। इसके अलावा नेपाल से दुबई तक ठगों का गिरोह कहां तक काम कर रहा था, इसकी अलग से पड़ताल की जा रही है।
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अभी तक 1400 पेटीएम खाते बंद किए गए
सहायक पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय की अगुवाई में गठित एसआईटी की जांच से पूर्व अभी तक ठगी से जुड़े 1400 पेटीएम खाते बंद कराए गए हैं। इसके अलावा 53 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कराया गया है। मगर ठगों के गिरोह द्वारा ऑनलाइन निवेश कर काली कमाई से जुटाई रकम करोड़ों में हो सकती है। इसीलिए एसआईटी के लिए भी पड़ताल का काम काफी चुनौतीपूर्ण है।
पेटीएम और कई तरह के निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले की जांच में तेजी लाने के लिए ही एसआईटी का गठन किया गया है। यह गिरोह काफी बड़ा है। इसकी जांच काफी जटिल स्तर की है। इसलिए एसआईटी से जल्द जांच की उम्मीद है।
- डा. एस. चनप्पा, एसएसपी
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सहारनपुर। आनलाइन ठगी और सट्टेबाजी के बड़े खेल के मामले में एसआईटी महिलाओं के नाम वाले संदिग्ध खातों को खंगालेगी। आनलाइन ठगों के गिरोह में अब तक गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों में एक महिला आरोपी छम्मकछल्लो का भी नाम सामने आया था। इसी महिला ने लोगों को खासकर महिलाओं को प्रलोभन देकर उनके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज हासिल किए थे। इनके आधार पर ही फर्जी सिम लेकर पेटीएम अकाउंट बनाए गए थे। महिलाओं पर कम शक के कारण ही ऐसे खातों का प्रयोग कर लाखों रुपये इधर से उधर करने की आशंका है।
इस गिरोह में दो नेपाली नागरिकों पदम और भानू के जरिये ही पुलिस टीमों को कई अहम सुराग मिले हैं। इनसे ही पता चला कि दोनों नेपाली नागरिक दिल्ली के जिस फ्लैट में रह रहे थे, वह हवाला कारोबारी अमित सोनी का है। इसके साथ ही गिरोह का कनेक्शन अमित सोनी के गुर्गे माने जाने वाले अलीबाबा और सत्यम से भी जुड़ा है। पेटीएम और आनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए कुछ व्यापारियों और महिलाओं के खाते का भी सहारा लिया गया है।
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सफेदपोश और व्यापारियों के नेटवर्क पर नजर
ठगी के इस बड़े गिरोह के तार सफेदपोशों और व्यापारियों से भी जुड़े होने की आशंका है। इसके चलते इस दिशा में भी जांच टीमें काम कर रही हैं। अभी तक की विवेचना में यूपी, दिल्ली, इंदौर, उत्तराखंड सहित आसपास के राज्यों में नेटवर्क के सक्रिय होने के आसार हैं। इसके अलावा नेपाल से दुबई तक ठगों का गिरोह कहां तक काम कर रहा था, इसकी अलग से पड़ताल की जा रही है।
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अभी तक 1400 पेटीएम खाते बंद किए गए
सहायक पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय की अगुवाई में गठित एसआईटी की जांच से पूर्व अभी तक ठगी से जुड़े 1400 पेटीएम खाते बंद कराए गए हैं। इसके अलावा 53 लाख रुपये की राशि को फ्रीज कराया गया है। मगर ठगों के गिरोह द्वारा ऑनलाइन निवेश कर काली कमाई से जुटाई रकम करोड़ों में हो सकती है। इसीलिए एसआईटी के लिए भी पड़ताल का काम काफी चुनौतीपूर्ण है।
पेटीएम और कई तरह के निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले की जांच में तेजी लाने के लिए ही एसआईटी का गठन किया गया है। यह गिरोह काफी बड़ा है। इसकी जांच काफी जटिल स्तर की है। इसलिए एसआईटी से जल्द जांच की उम्मीद है।
- डा. एस. चनप्पा, एसएसपी