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Saharanpur News: मशकरा नदी पर पुल निर्माण को लेकर धरना और भूख हड़ताल शुरू
Thu, 26 Mar 2026 01:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 26 Mar 2026 01:17 AM IST
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बेहट के गांव मुर्तजापुर में नदी किनारे धरना देते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : shrinagar news
बेहट। मशकरा नदी पुल निर्माण की मांग को लेकर मुर्तजापुर के ग्रामीणों ने एक बार नदी किनारे अनिश्चित कालीन धरना व भूख हड़ताल शुरु की है। इसमें पास के गांव दयालपुर, नगला झंडा, मांझीपुर, भूकड़ी आदि गांवों के लोगों से भी सहयोग मांगा है।
धरनास्थल पर हवन पूजन के बाद ग्रामीणों ने धरना शुरु किया। हरपाल सिंह सैनी व बृजभूषण ने कहा, कि गत वर्ष भी उन्होंने नदी किनारे महीनों तक धरना दिया था। उस समय भाजपा नेताओं ने उन्हें पुल बनवाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कर दिया था, लेकिन उनका वायदा कोरा साबित हुआ। इस बार वह यहां से तभी उठेंगे जब नदी पर पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरु होगी। नाथीराम धीमान, रतिराम आदि ग्रामीणों का कहना था, कि तहसील से उनके गांव की दूरी मुश्किल से एक किमी है। न तो गांव तक पक्की सड़क है और न ही नदी पर पुल है।
बरसात में नदी में बाढ़ आने पर उन्हें वाया कलसिया आठ किमी की दूरी तय कर बेहट आना पड़ता है। बच्चे कई-कई दिन स्कूल कॉलेज नहीं जा पाते। नदी पार खेतों में काम करने के लिए भी आने के लिए आठ किमी का चक्कर लगाकर आना पड़ता है। सेवाराम, श्यामलाल व खड़क सिंह ने कहा, कि इस बार ग्रामीण निर्णायक आंदोलन करेंगे। धरनास्थल पर पहल सिंह, दिनेश, बबलू, आशीष, पप्पी, इश्कलाल, धूम सिंह, लोकेश सैनी, कालू पंडित आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।
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धरनास्थल पर हवन पूजन के बाद ग्रामीणों ने धरना शुरु किया। हरपाल सिंह सैनी व बृजभूषण ने कहा, कि गत वर्ष भी उन्होंने नदी किनारे महीनों तक धरना दिया था। उस समय भाजपा नेताओं ने उन्हें पुल बनवाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कर दिया था, लेकिन उनका वायदा कोरा साबित हुआ। इस बार वह यहां से तभी उठेंगे जब नदी पर पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरु होगी। नाथीराम धीमान, रतिराम आदि ग्रामीणों का कहना था, कि तहसील से उनके गांव की दूरी मुश्किल से एक किमी है। न तो गांव तक पक्की सड़क है और न ही नदी पर पुल है।
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बरसात में नदी में बाढ़ आने पर उन्हें वाया कलसिया आठ किमी की दूरी तय कर बेहट आना पड़ता है। बच्चे कई-कई दिन स्कूल कॉलेज नहीं जा पाते। नदी पार खेतों में काम करने के लिए भी आने के लिए आठ किमी का चक्कर लगाकर आना पड़ता है। सेवाराम, श्यामलाल व खड़क सिंह ने कहा, कि इस बार ग्रामीण निर्णायक आंदोलन करेंगे। धरनास्थल पर पहल सिंह, दिनेश, बबलू, आशीष, पप्पी, इश्कलाल, धूम सिंह, लोकेश सैनी, कालू पंडित आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।
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