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सारी बांधाए पार कर भाई के घर पहुंची बहनें
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 19 Aug 2016 12:07 AM IST
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रक्षाबंधन पर रेलवे स्टेशन पर भीड।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में रक्षा बंधन पर ट्रेनों और बसों में मारामारी का माहौल रहा। राखी बांधने और बंधवाने पहुंचे अनेक बहन-भाइयों को ट्रेनों और बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। अनेक यात्री ट्रेनों की खिड़कियों पर खड़े होकर सफर करते नजर आए।
रक्षा बंधन पर्व पर भाई राखी बंधवाने के लिए शादीशुदा बहनों के घर राखी बंधवाने जाते हैं, तो अनेक शादीशुदा बहने भी अपने ससुराल से मायके में भाइयों को राखी बांधने जाती हैं।
ऐसे में ट्रेनों और बसों में भीड़ रहती है। हालांकि परिवहन निगम प्रत्येक वर्ष चालकों और परिचालकों के लिए प्रोत्साहन योजना चलाता है। इसमें बिना छुट्टी किए ड्यूटी पर रहने वाले चालकों और परिचालकों को वेतन से अतिरिक्त आर्थिक लाभ दिया जाता है।
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इसका मकसद बस सेवा को बेहतर बनाना होता है, जिससे त्योहारों पर यात्रियों को कोई परेशानी न हो। इस बार भी परिवहन निगम ने ऐसा किया, मगर अनेक मार्गों के लिए बसें कम पड़ गईं।
उधर, ट्रेनों में भी यात्रियों की बुरी हालत रही। प्लेटफार्मों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा रही। जैसे ही ट्रेन प्लेट फार्म पर पहुंची तो कोच में सीट कब्जाने के लिए यात्रियों में अफरा तफरी का माहौल रहा।
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रक्षा बंधन पर्व पर भाई राखी बंधवाने के लिए शादीशुदा बहनों के घर राखी बंधवाने जाते हैं, तो अनेक शादीशुदा बहने भी अपने ससुराल से मायके में भाइयों को राखी बांधने जाती हैं।
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ऐसे में ट्रेनों और बसों में भीड़ रहती है। हालांकि परिवहन निगम प्रत्येक वर्ष चालकों और परिचालकों के लिए प्रोत्साहन योजना चलाता है। इसमें बिना छुट्टी किए ड्यूटी पर रहने वाले चालकों और परिचालकों को वेतन से अतिरिक्त आर्थिक लाभ दिया जाता है।
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इसका मकसद बस सेवा को बेहतर बनाना होता है, जिससे त्योहारों पर यात्रियों को कोई परेशानी न हो। इस बार भी परिवहन निगम ने ऐसा किया, मगर अनेक मार्गों के लिए बसें कम पड़ गईं।
उधर, ट्रेनों में भी यात्रियों की बुरी हालत रही। प्लेटफार्मों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा रही। जैसे ही ट्रेन प्लेट फार्म पर पहुंची तो कोच में सीट कब्जाने के लिए यात्रियों में अफरा तफरी का माहौल रहा।