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लिंक चैनल नहर की साइफन के डैमेज होने खतरा
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बेहट में खारा-कुल्हाल मार्ग पर लिंक पावर चैनल नहर की ध्वस्त हुई पेचिंग।
- फोटो : SAHARANPUR
बेहट (सहारनपुर)। हथनीकुंड बैराज के पास लिंक चैनल नहर की गैजरा राव नदी पर बनी साइफन की सफाई न होने से इसके डैमेज होने का खतरा बना है। उधर, खारा-कुल्हाल मार्ग पर खारा पावर चैनल के किनारे पहाड़ी के दरकने से आने वाली मिट्टी को रोकने के लिए बनाए गए पैचिंग के पत्थर भी खिसकने लगे हैं। आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग द्वारा कराए गए इस कार्य में अधिकारियों एवं ठेकेदारों की मिलीभगत से लाखों रुपये का गोलमाल हुआ है, जिसकी जांच होनी चाहिए।
यूपी, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित महत्वपूर्ण खारा जल विद्युत परियोजना की गांव जानीपुर के पास 40 मीटर चौड़ी एवं 100 मीटर लंबी अंडरग्राउंड नहर (साइफन) की सफाई में लीपापोती के आरोप लग रहे हैं। इसके ऊपर लगभग 4000 क्यूबिक मीटर आरबीएम (रेत, बजरी) चढ़ा हुआ है, जिससे साइफन के डैमेज होने का खतरा बना है। सिंचाई विभाग से साइफन की सफाई के लिए प्रतिवर्ष बरसात से पहले अलग से बजट जारी होता है, जिसकी सफाई में इस साल औपचारिकता पूरी की गई है। इसके लिए खारा-कुल्हाल मार्ग पर खारा पावर चैनल के किनारे पहाड़ी से खिसकर आने वाली मिट्टी को रोकने के लिए पिछले वर्ष में पैचिंग के पत्थर भी हल्के लोहे के तार लगाने से जाल से खिसकने शुरू हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस पैचिंग में 10 किग्रा से ऊपर के वजन के पत्थर लगने चाहिए थे, जबकि मात्र 4 से 5 किग्रा वजन के पत्थर एवं उनके नीचे मिट्टी डालकर कार्य की इतिश्री कर ली गई।
यदि ऐसा हुआ है, तो संबंधित कार्य की जांच कराई जाएगी। संजय गुप्ता, एसडीओ लिंक चैनल सिंचाई विभाग
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यूपी, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित महत्वपूर्ण खारा जल विद्युत परियोजना की गांव जानीपुर के पास 40 मीटर चौड़ी एवं 100 मीटर लंबी अंडरग्राउंड नहर (साइफन) की सफाई में लीपापोती के आरोप लग रहे हैं। इसके ऊपर लगभग 4000 क्यूबिक मीटर आरबीएम (रेत, बजरी) चढ़ा हुआ है, जिससे साइफन के डैमेज होने का खतरा बना है। सिंचाई विभाग से साइफन की सफाई के लिए प्रतिवर्ष बरसात से पहले अलग से बजट जारी होता है, जिसकी सफाई में इस साल औपचारिकता पूरी की गई है। इसके लिए खारा-कुल्हाल मार्ग पर खारा पावर चैनल के किनारे पहाड़ी से खिसकर आने वाली मिट्टी को रोकने के लिए पिछले वर्ष में पैचिंग के पत्थर भी हल्के लोहे के तार लगाने से जाल से खिसकने शुरू हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस पैचिंग में 10 किग्रा से ऊपर के वजन के पत्थर लगने चाहिए थे, जबकि मात्र 4 से 5 किग्रा वजन के पत्थर एवं उनके नीचे मिट्टी डालकर कार्य की इतिश्री कर ली गई।
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यदि ऐसा हुआ है, तो संबंधित कार्य की जांच कराई जाएगी। संजय गुप्ता, एसडीओ लिंक चैनल सिंचाई विभाग

बेहट में हथनीकुंड बैराज के पास लिंक चैनल नहर की साइफन पर जमी सिल्ट- फोटो : SAHARANPUR
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