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Saharanpur News: पहचान होने पर मार दी गोली
Wed, 09 Apr 2025 12:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 09 Apr 2025 12:15 AM IST
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सरसावा में फाइनेंसकर्मी की हत्या के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर बैठे गमजदा परिजन।
सहारनपुर। सरसावा में फाइनेंसकर्मी की हत्या करने वाले उसके परिचित हैं, जिस समय बदमाश लूट कर रहे थे, उस दौरान आशीष ने एक बदमाश को पहचान लिया था। इसके बाद बदमाश ने आशीष को दो गोली मारी। आशीष नौकरी के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षा की भी तैयारी कर रहे थे। वह सरसावा में मकान किराए पर लेकर रहते थे।
वारदात को अंजाम देने के लिए चार बदमाश दो बाइकों पर आए थे। सभी बदमाशों के चेहरे नकाब से ढके हुए थे। घटनास्थल से पंजाब नेशनल बैंक की दूरी करीब 50 मीटर है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें बदमाश पहले ही चिलकाना तिराहे पर डेयरी के पास घात लगाए बैठे नजर आ रहे हैं। इससे साफ है कि वह आशीष और अभिषेक के आने का इंतजार कर रहे थे।
जिस समय वारदात हुई, उस दौरान पुलिस कुंडी गांव में दो पक्षों के बीच झगड़े में गई थी। यह भी एक कारण हो सकता है। पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को आशीष का अंतिम संस्कार किया गया। चार भाई-बहनों में आशीष सबसे बड़े थे। अभी शादी नहीं हुई थी। पिता ट्रक चलाते हैं।
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आशीष और अभिषेक दोनों ही घर चलाने के लिए काफी समय से माइक्रो फाइनेंस कंपनी से जुड़े हुए थे। आशीष सरसावा में किराए पर रहते थे। वहां रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, ताकि प्राइवेट नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई अच्छे से हो सके। फाइनेंसकर्मी की हत्या के मामले में पुलिस की छह टीमें केवल सीसीटीवी खंगालने में जुटी हुई है, जबकि अन्य टीमें आशीष कहां-कहां से फाइनेंस के रुपये लेते थे, वहां जाकर पूछताछ कर रही। एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि टीमें हर बिंदु पर जांच रही हैं।
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वारदात को अंजाम देने के लिए चार बदमाश दो बाइकों पर आए थे। सभी बदमाशों के चेहरे नकाब से ढके हुए थे। घटनास्थल से पंजाब नेशनल बैंक की दूरी करीब 50 मीटर है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें बदमाश पहले ही चिलकाना तिराहे पर डेयरी के पास घात लगाए बैठे नजर आ रहे हैं। इससे साफ है कि वह आशीष और अभिषेक के आने का इंतजार कर रहे थे।
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जिस समय वारदात हुई, उस दौरान पुलिस कुंडी गांव में दो पक्षों के बीच झगड़े में गई थी। यह भी एक कारण हो सकता है। पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को आशीष का अंतिम संस्कार किया गया। चार भाई-बहनों में आशीष सबसे बड़े थे। अभी शादी नहीं हुई थी। पिता ट्रक चलाते हैं।
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आशीष और अभिषेक दोनों ही घर चलाने के लिए काफी समय से माइक्रो फाइनेंस कंपनी से जुड़े हुए थे। आशीष सरसावा में किराए पर रहते थे। वहां रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, ताकि प्राइवेट नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई अच्छे से हो सके। फाइनेंसकर्मी की हत्या के मामले में पुलिस की छह टीमें केवल सीसीटीवी खंगालने में जुटी हुई है, जबकि अन्य टीमें आशीष कहां-कहां से फाइनेंस के रुपये लेते थे, वहां जाकर पूछताछ कर रही। एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि टीमें हर बिंदु पर जांच रही हैं।