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शेरमऊ चीनी मिल पर 16.24 करोड़ रुपये बकाया
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किसान देशपाल सिंह
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। शेरमऊ चीनी मिल पर किसानों के करीब 16.24 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। मिल गत सीजन का बकाया गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान कर चुकी है, साथ ही उसने मौजूदा पेराई सत्र का भुगतान करना भी शुरू कर रखा है।
समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान परेशान है। हालांकि जिले की शेरमऊ चीनी मिल जहां गत वर्ष का पूरा गन्ना मूल्य भुगतान कर चुकी है वहीं उसने मौजूदा पेराई सत्र में खरीदे जा रहे गन्ने का भुगतान करना भी शुरू कर दिया है। जबकि जनपद की कई चीनी मिलों पर गत सीजन में खरीदे गए गन्ने का भुगतान अभी भी बकाया हैं। बकाया भुगतान नहीं होने से किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
मिल ने मौजूदा पेराई सत्र में 21 नवंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान कर दिया है। शेष बकाया भुगतान का भी जल्द ही कर दिया जाएगा। - राकेश दीक्षित, गन्ना महाप्रबंधक, शेरमऊ चीनी मिल।
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किसान बोले
भाकियू के तहसील अध्यक्ष चौधरी देशपाल सिंह का कहना है कि समय से गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है। रबी फसलों की बुवाई, बच्चों की शादी एवं शिक्षा के लिए भी उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है।
गंगोह नगर निवासी वकील अहमद का कहना है कि भुगतान में देरी होने से किसान का गन्ने की फसल से मोहभंग होता जा रहा है। इसके चलते किसान दूसरी फसलों की खेती करने पर विचार कर रहे हैं। यदि गन्ना भुगतान समय पर हो तो किसान कर्ज में ना डूबें।
निवासी अवतार सिंह का कहना है कि गन्ना भुगतान में देरी से उनको आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। जिसका असर किसान की देनदारियों पर पड़ता है। साथ ही किसान कर्ज के दुष्चक्र में फंसता चला जाता है।
गांव आलमपुर निवासी अंकुर सैनी का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने से उन्होंने गन्ने की खेती करना ही छोड़ दिया है। गन्ना पैदा करने में एक साल का समय लगता है, इसके बाद काफी समय तक उसे गन्ना मूल्य भुगतान का इंतजार करना पड़ता है। इसके चलते अब वे सब्जी की खेती कर रहे हैं।
आंकड़ों की नजर में शेरमऊ चीनी मिल
आपूर्तिकर्ता किसान -- 25539
गन्ना क्षेत्रफल --- 16010 हेक्टेयर
गन्ना क्रय केंद्र -- 66
बकाया गन्ना मूल्य -- 16.24 करोड़ रुपये
नोट: गन्ना विभाग के 14 दिसंबर के आंकड़ों के अनुसार
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समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान परेशान है। हालांकि जिले की शेरमऊ चीनी मिल जहां गत वर्ष का पूरा गन्ना मूल्य भुगतान कर चुकी है वहीं उसने मौजूदा पेराई सत्र में खरीदे जा रहे गन्ने का भुगतान करना भी शुरू कर दिया है। जबकि जनपद की कई चीनी मिलों पर गत सीजन में खरीदे गए गन्ने का भुगतान अभी भी बकाया हैं। बकाया भुगतान नहीं होने से किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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मिल ने मौजूदा पेराई सत्र में 21 नवंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान कर दिया है। शेष बकाया भुगतान का भी जल्द ही कर दिया जाएगा। - राकेश दीक्षित, गन्ना महाप्रबंधक, शेरमऊ चीनी मिल।
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किसान बोले
भाकियू के तहसील अध्यक्ष चौधरी देशपाल सिंह का कहना है कि समय से गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है। रबी फसलों की बुवाई, बच्चों की शादी एवं शिक्षा के लिए भी उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है।
गंगोह नगर निवासी वकील अहमद का कहना है कि भुगतान में देरी होने से किसान का गन्ने की फसल से मोहभंग होता जा रहा है। इसके चलते किसान दूसरी फसलों की खेती करने पर विचार कर रहे हैं। यदि गन्ना भुगतान समय पर हो तो किसान कर्ज में ना डूबें।
निवासी अवतार सिंह का कहना है कि गन्ना भुगतान में देरी से उनको आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। जिसका असर किसान की देनदारियों पर पड़ता है। साथ ही किसान कर्ज के दुष्चक्र में फंसता चला जाता है।
गांव आलमपुर निवासी अंकुर सैनी का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने से उन्होंने गन्ने की खेती करना ही छोड़ दिया है। गन्ना पैदा करने में एक साल का समय लगता है, इसके बाद काफी समय तक उसे गन्ना मूल्य भुगतान का इंतजार करना पड़ता है। इसके चलते अब वे सब्जी की खेती कर रहे हैं।
आंकड़ों की नजर में शेरमऊ चीनी मिल
आपूर्तिकर्ता किसान -- 25539
गन्ना क्षेत्रफल --- 16010 हेक्टेयर
गन्ना क्रय केंद्र -- 66
बकाया गन्ना मूल्य -- 16.24 करोड़ रुपये
नोट: गन्ना विभाग के 14 दिसंबर के आंकड़ों के अनुसार

उत्तम शुगर मिल- फोटो : SAHARANPUR

किसान अंकुर सैनी- फोटो : SAHARANPUR

किसान वकील अहमद- फोटो : SAHARANPUR

किसान अवतार सिंह- फोटो : SAHARANPUR