फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Sewer manholes are open in smart city

स्मार्ट सिटी में जगह-जगह खुले हैं सीवर के मेनहॉल

Sat, 12 Dec 2020 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2020 11:42 PM IST
विज्ञापन
Sewer manholes are open in smart city
धोबीघाट पर टूटा हुआ सीवर का ढक्कन। - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। शहर में सीवर के ढक्कन कहीं टूटे तो कहीं खुले पड़े हैं। गलियों के साथ ही मुख्य मार्गों पर भी इनकी अनदेखी हो रही है। खास बात यह है कि नगर निगम को बार-बार पत्र लिखने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
विज्ञापन

पेपर मिल रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी में करीब 15 ढक्कन खुले और टूटे हुए हैं। कई जगहों पर ढक्कन तो हैं, मगर फ्रेम नहीं होने की वजह से उनको ऐसे ही रखकर छोड़ दिया गया है। स्थानीय पार्षद करीब एक दर्जन बार ढक्कन बदलने की मांग नगर निगम से कर चुके हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही है। वार्ड 43 में गलियों के साथ ही मुख्य मार्गों पर ढक्कन टूटे पड़े हैं। कई बार लोग रात में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। धोबीघाट के पास पांवधोई की पटरी पर सीवर का ढक्कन लंबे समय से टूटा हुआ है। नया ढक्कन सड़क किनारे पड़ा है, मगर फ्रेम नहीं होने की वजह से ढक्कन रखा नहीं जा रहा है। चूंकि मेन हॉल सड़क के बीचोंबीच है। ऐसे में किसी भी दिन हादसा हो सकता है। पार्षदों का आरोप है कि निजी कंपनी को ठेका देने के बाद हालात बिगड़े हैं।
विज्ञापन

तीन साल का हिसाब नहीं: निक्कू
बसपा पार्षद दल के नेता चंद्रजीत सिंह निक्कू ने बताया कि नगर निगम के पास बीते तीन साल में बदले गए सीवर के ढक्कनों का कोई लिखित आंकड़ा नहीं है। उन्होंने बोर्ड बैठक में भी इसकी जानकारी मांगी थी, मगर नहीं दी जा रही है। उनका आरोप है कि तीन साल में 50 लाख से अधिक के ढक्कन बदले गए हैं, मगर उसके बाद भी अनेक जगहों पर ढक्कन टूटे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मनमानी कर रही कंपनी : बदर
वार्ड 43 के पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि उनके वार्ड में कई ढक्कन टूटे हुए हैं। कई लोग रात में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। बार-बार कहने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन संबंधित कंपनी के विरुद्घ एफआईआर के लिए तहरीर तक देनी पड़ी है।
नहीं होती सुनवाई :उपाध्याय
पार्षद प्रदीप उपाध्याय ने बताया कि उनके वार्ड में कांशीराम कॉलोनी आती है, जिसमें करीब 15 ढक्कन टूटे हैं या फिर मेन हॉल से अलग पड़े हैं। उन्होंने बताया कि वह अनेक पत्र नगर निगम को लिख चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
पूर्व में सीवर सफाई और ढक्कन बदलने की जिम्मेदारी जलकल विभाग की होती थी। मगर बीते करीब एक साल से एक निजी कंपनी को ठेका दिया गया है। ऐसे में कंपनी के अधिकारी ही बेहतर बता सकते हैं।

मनोज सिंह, महाप्रबंधक, जलकल, नगर निगम।

पार्षद चन्द्रजीत सिंह निक्कू

पार्षद चन्द्रजीत सिंह निक्कू- फोटो : SAHARANPUR

पार्षद मंसूर बदर

पार्षद मंसूर बदर- फोटो : SAHARANPUR

कांशीराम कॉलोनी में खुला सीवर का ढिक्कन

कांशीराम कॉलोनी में खुला सीवर का ढिक्कन- फोटो : SAHARANPUR

वार्ड 43 में बिना ढक्कन के बंद किया गया सीवर का मेन हॉल।

वार्ड 43 में बिना ढक्कन के बंद किया गया सीवर का मेन हॉल।- फोटो : SAHARANPUR

पेपर मिल रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी में उखड़ा पड़ा ढक्कन।

पेपर मिल रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी में उखड़ा पड़ा ढक्कन।- फोटो : SAHARANPUR

वार्ड 43 में सीवर के मेन हॉल में भरा मलबा।

वार्ड 43 में सीवर के मेन हॉल में भरा मलबा।- फोटो : SAHARANPUR

शहर के वार्ड 43 स्थित सीवर का ढक्कन।

शहर के वार्ड 43 स्थित सीवर का ढक्कन।- फोटो : SAHARANPUR

पार्षद प्रदीप उपाध्याय

पार्षद प्रदीप उपाध्याय- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed