{"_id":"db8be02c7ec3705002fd73eca52c0c76","slug":"sat-quantal-rasgulee-nast-karye-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात क्विंटल रसगुल्ले नष्ट कराए ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात क्विंटल रसगुल्ले नष्ट कराए
Thu, 16 Apr 2020 06:55 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 16 Apr 2020 06:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मानकमऊ में छापा
विज्ञापन
मारकर एक मिठाई की दुकान पर गंदे और बदबूदार डिब्बों में रखे करीब सात क्विंटल
रसगुल्लों को नष्ट कराया।
गंदगी के माहौल में सप्लाई के लिए यहां तैयार की जा रही मिठाई के ये हालात देखकर अफसरों की टीम दंग रह गई। यह मिठाई नष्ट करवाने के साथ ही रसगुल्ले और मिल्क केक के दो नमूने भी जांच को लिए गए हैं।
शनिवार को कुछ लोगों की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट ने दोपहर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ मानकमऊ में बिजलीघर के पास छापेमारी की। यहां प्रजापति स्वीट्स नाम की मिठाई की दुकान पर 40 से अधिक प्लास्टिक के डिब्बों में तैयार सफेद रसगुल्ले मिले।
इन डिब्बों की हालत देखकर टीम दंग रह गई। सफेद रसगुल्ले वाले करीब सभी डिब्बे सड़े गंदे और बदबूदार मिले, जो गंदी पॉलीथिन से ढके थे। टीम ने सारी मिठाई को नष्ट कराया।
यह करीब सात क्विंटल थी। खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी सुनील कुमार, मंडलीय अधिकारी पीके वर्मा, एमके त्रिपाठी, सुधीर सिंह आदि की टीम ने यह मिठाई नष्ट करवाने के साथ ही सफेद रसगुल्ले और एक मिल्क केक का सैंपल भी लिया। इसे जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
बागपत से मंगाई थी रेडीमेड रसगुल्लों की खेप
मिठाई विक्रेता सुखबीर सिंह ने पूछताछ में टीम को बताया कि रेडीमेड सफेद रसगुल्लों की यह खेप बागपत से मंगवाई थी। यह मिठाई रक्षा बंधन और जन्माष्टमी जैसे त्योहारों पर बिकनी थी। टीम ने बताया कि मिठाई विक्रेता के लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन से लेकर अन्य जरूरी जानकारियों के लिए उससे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
80 रुपये में रेडीमेड लेकर 150 रुपये में सप्लाई
मिठाइयों के कारोबार से जुड़े कुछ सूत्रों की माने तो जिले में ही कुछ देहाती इलाकों, कस्बों या फिर बाहरी जिलों से रेडीमेड रसगुल्ले, मावा आदि मंगाया जाता है। रेडीमेड रसगुल्लों की लागत 80 रुपये किलो के आसपास पड़ती है, जबकि ग्राहक को यही मिठाई 120 से 150 रुपये किलो तक बेच दी जाती है। दूध, पाउडर और खोए के मिश्रण से तैयार ऐसे रसगुल्ले हर त्योहारों पर बड़ी मात्रा में बाजार में खपा दिए जाते हैं।
गंदगी के माहौल में सप्लाई के लिए यहां तैयार की जा रही मिठाई के ये हालात देखकर अफसरों की टीम दंग रह गई। यह मिठाई नष्ट करवाने के साथ ही रसगुल्ले और मिल्क केक के दो नमूने भी जांच को लिए गए हैं।
शनिवार को कुछ लोगों की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट ने दोपहर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ मानकमऊ में बिजलीघर के पास छापेमारी की। यहां प्रजापति स्वीट्स नाम की मिठाई की दुकान पर 40 से अधिक प्लास्टिक के डिब्बों में तैयार सफेद रसगुल्ले मिले।
इन डिब्बों की हालत देखकर टीम दंग रह गई। सफेद रसगुल्ले वाले करीब सभी डिब्बे सड़े गंदे और बदबूदार मिले, जो गंदी पॉलीथिन से ढके थे। टीम ने सारी मिठाई को नष्ट कराया।
यह करीब सात क्विंटल थी। खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी सुनील कुमार, मंडलीय अधिकारी पीके वर्मा, एमके त्रिपाठी, सुधीर सिंह आदि की टीम ने यह मिठाई नष्ट करवाने के साथ ही सफेद रसगुल्ले और एक मिल्क केक का सैंपल भी लिया। इसे जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
बागपत से मंगाई थी रेडीमेड रसगुल्लों की खेप
मिठाई विक्रेता सुखबीर सिंह ने पूछताछ में टीम को बताया कि रेडीमेड सफेद रसगुल्लों की यह खेप बागपत से मंगवाई थी। यह मिठाई रक्षा बंधन और जन्माष्टमी जैसे त्योहारों पर बिकनी थी। टीम ने बताया कि मिठाई विक्रेता के लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन से लेकर अन्य जरूरी जानकारियों के लिए उससे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
80 रुपये में रेडीमेड लेकर 150 रुपये में सप्लाई
मिठाइयों के कारोबार से जुड़े कुछ सूत्रों की माने तो जिले में ही कुछ देहाती इलाकों, कस्बों या फिर बाहरी जिलों से रेडीमेड रसगुल्ले, मावा आदि मंगाया जाता है। रेडीमेड रसगुल्लों की लागत 80 रुपये किलो के आसपास पड़ती है, जबकि ग्राहक को यही मिठाई 120 से 150 रुपये किलो तक बेच दी जाती है। दूध, पाउडर और खोए के मिश्रण से तैयार ऐसे रसगुल्ले हर त्योहारों पर बड़ी मात्रा में बाजार में खपा दिए जाते हैं।