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Saharanpur News: केदारनाथ में फंसा सरसावा का परिवार, चार दिन बाद हुई बात
Sun, 04 Aug 2024 02:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 04 Aug 2024 02:38 AM IST
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सरसावा। पांच दिन पहले केदारनाथ धाम में दर्शन करने गया एक परिवार वहां आई तबाही में फंस गया। परिवार के अन्य लोग तो आ गए, लेकिन तीन लोग अभी भी केदारनाथ में ही फंसे हैं। परिजनों ने बताया कि भाभी तथा भतीजे से तो बात हो गई है। एक भतीजे से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
सरसावा की कश्यप बिरादरी का एक परिवार रिश्तेदारों के साथ केदारनाथ यात्रा पर गया था। 30 जुलाई को अचानक केदारनाथ में बादल फटने से भारी बारिश आ गई और बड़ी संख्या में यात्री फंस गए। इनमें सरसावा का परिवार भी था। पानी के सैलाब से सुरक्षित बचकर आए शिवकुमार ने बताया कि वो तथा अन्य परिजनों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित निकालकर सोनप्रयाग पहुंचाया गया। इसके बाद वे सरसावा पहुंच गए। परंतु उनकी बाइक अभी भी वहीं पर खड़ी है। शिवकुमार ने बताया कि उनकी बड़ी भाभी ममता तथा भतीजा विजय एवं 14 वर्षीय दीपांशु अभी वहीं पर फंसे हुए थे। इनकी चार दिन से कोई सूचना नहीं मिल पा रही थी, लेकिन शनिवार को भाभी ममता तथा भतीजे विजय से तो बात हो गई है, जो रविवार तक घर लौट आएंगे। एक भतीजे दीपांशु से संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों ने संभावना जताई कि दीपांशु यात्रियों के जत्थे में कहीं फंसा हुआ है। परिजनों ने भतीजे दीपांशु के सुरक्षित लौटने की आशा जताई है।
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सरसावा की कश्यप बिरादरी का एक परिवार रिश्तेदारों के साथ केदारनाथ यात्रा पर गया था। 30 जुलाई को अचानक केदारनाथ में बादल फटने से भारी बारिश आ गई और बड़ी संख्या में यात्री फंस गए। इनमें सरसावा का परिवार भी था। पानी के सैलाब से सुरक्षित बचकर आए शिवकुमार ने बताया कि वो तथा अन्य परिजनों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित निकालकर सोनप्रयाग पहुंचाया गया। इसके बाद वे सरसावा पहुंच गए। परंतु उनकी बाइक अभी भी वहीं पर खड़ी है। शिवकुमार ने बताया कि उनकी बड़ी भाभी ममता तथा भतीजा विजय एवं 14 वर्षीय दीपांशु अभी वहीं पर फंसे हुए थे। इनकी चार दिन से कोई सूचना नहीं मिल पा रही थी, लेकिन शनिवार को भाभी ममता तथा भतीजे विजय से तो बात हो गई है, जो रविवार तक घर लौट आएंगे। एक भतीजे दीपांशु से संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों ने संभावना जताई कि दीपांशु यात्रियों के जत्थे में कहीं फंसा हुआ है। परिजनों ने भतीजे दीपांशु के सुरक्षित लौटने की आशा जताई है।
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