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Saharanpur News: सफाईकर्मियों की हड़ताल जारी, पूरे शहर में लगे गंदगी के ढेर
Wed, 20 May 2026 01:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 20 May 2026 01:15 AM IST
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हड़ताल के चलते निगम में धरना प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी
सहारनपुर। 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में दिए जाने के विरोध में सफाईकर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। कर्मचारियों ने नगर निगम में चार घंटे तक धरना और प्रदर्शन किया।
सभी सफाईकर्मी मंगलवार की सुबह भी गैराज पहुंचे और ताला जड़ दिया। इसके बाद वह नगर निगम परिसर में लगे टेंट में पहुंचे और वहां महापौर और नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। कई वक्ताओं ने मौजूदा सरकार के खिलाफ भी अपनी भड़ास निकाली। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सोनी आजाद ने सफाईकर्मी अपने हक के लिए पांच दिन से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधि चैन की नींद सो रहे हैं। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है कर्मचारियों का आक्रोश भी बढ़ रहा है। यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन उग्र होगा, जिसके लिए नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने आगामी चुनाव में सत्ताधारी दल के खिलाफ वोट करने की चेतावनी दी। धरने में धीरज आजादी, सोनीराज, रामकुमार, मनमोहन सूद, प्रमोद, संजीव वर्मा, संजय सैनी, बृजमोहन चिनालिया, राहुल बहौत, बिट्टू वाल्मीकि आदि रहे। सपा पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने धरने में पहुंचकर समर्थन दिया।
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बिजली कटने पर नाराजगी जताई
जिस समय सफाई कर्मचारियों का धरना चल रहा था। माइक से कर्मचारी नेता अपनी बात रख रहे थे। तभी बिजली काट दी गई, जबकि पूरे निगम में पंखे और लाइट चल रहे थे। इस पर सफाईकर्मियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निगम अधिकारियों के खिलाफ भड़ास निकाली। करीब 20 मिनट की जद्दोजहद के बाद सफाईकर्मियों ने खुद बिजली जोड़ी।
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बेनतीज रही वार्ता
नगर आयुक्त ने पांच सदस्यों की समिति गठित की है, जिसमें अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय, सहायक नगर आयुक्त जेपी यादव, लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह आदि शामिल हैं। मंगलवार की शाम समिति ने कर्मचारी नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता में उन्होंने ईद तक काम करने की बात सफाईकर्मियों से कही, जिस पर वह नहीं माने। साथ ही पानी बंद न करने, बाहरी लोगों को धरने में न आने देने की मांग रखी। सफाईकर्मियों का कहना था कि वह शहर का पानी बंद नहीं करेंगे, लेकिन बाकी विकल्प खुले हैं।
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सभी सफाईकर्मी मंगलवार की सुबह भी गैराज पहुंचे और ताला जड़ दिया। इसके बाद वह नगर निगम परिसर में लगे टेंट में पहुंचे और वहां महापौर और नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। कई वक्ताओं ने मौजूदा सरकार के खिलाफ भी अपनी भड़ास निकाली। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सोनी आजाद ने सफाईकर्मी अपने हक के लिए पांच दिन से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधि चैन की नींद सो रहे हैं। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है कर्मचारियों का आक्रोश भी बढ़ रहा है। यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन उग्र होगा, जिसके लिए नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने आगामी चुनाव में सत्ताधारी दल के खिलाफ वोट करने की चेतावनी दी। धरने में धीरज आजादी, सोनीराज, रामकुमार, मनमोहन सूद, प्रमोद, संजीव वर्मा, संजय सैनी, बृजमोहन चिनालिया, राहुल बहौत, बिट्टू वाल्मीकि आदि रहे। सपा पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने धरने में पहुंचकर समर्थन दिया।
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बिजली कटने पर नाराजगी जताई
जिस समय सफाई कर्मचारियों का धरना चल रहा था। माइक से कर्मचारी नेता अपनी बात रख रहे थे। तभी बिजली काट दी गई, जबकि पूरे निगम में पंखे और लाइट चल रहे थे। इस पर सफाईकर्मियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निगम अधिकारियों के खिलाफ भड़ास निकाली। करीब 20 मिनट की जद्दोजहद के बाद सफाईकर्मियों ने खुद बिजली जोड़ी।
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बेनतीज रही वार्ता
नगर आयुक्त ने पांच सदस्यों की समिति गठित की है, जिसमें अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय, सहायक नगर आयुक्त जेपी यादव, लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह आदि शामिल हैं। मंगलवार की शाम समिति ने कर्मचारी नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता में उन्होंने ईद तक काम करने की बात सफाईकर्मियों से कही, जिस पर वह नहीं माने। साथ ही पानी बंद न करने, बाहरी लोगों को धरने में न आने देने की मांग रखी। सफाईकर्मियों का कहना था कि वह शहर का पानी बंद नहीं करेंगे, लेकिन बाकी विकल्प खुले हैं।