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साधु-संतों ने जेल में भी बना दिया था श्री राममय माहौल

Mon, 03 Aug 2020 11:37 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2020 11:37 PM IST
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Saints and saints also created Sri Rama's atmosphere in jail
सहारनपुर। श्री राम मंदिर आंदोलन में जिले के साधु - संतों ने भी मुख्य भूमिका निभाई, जो अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण को लेकर हिंदू समाज को जागृत और कारसेवा के लिए प्रेरित कर जोश भर देते थे। इनकी गिरफ्तारी भी हुई और इन्होंने जेल में भी श्री राममय माहौल बना दिया था। भजन-कीर्तन कर जेल में आंदोलनकारियों का साहस बढ़ाते रहे थे।
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शहर के मोहल्ला किशनपुरा स्थित सिद्घ किराना पीठ के महामंडलेश्वर बाबा रिजकदास ने 1990 में जिले में श्री राम मंदिर आंदोलन की कमान संभाली। बाबा रिजकदास ने बताया कि जगह-जगह पर धर्म संभाएं आयोजित की जाती थी। हर किसी के मन में राम मंदिर निर्माण की ज्योति जली थी। पुलिस आंदोलनकारियों को ढूंढती थी, लेकिन आंदोलन से जुड़े लोग निर्भय होकर कारसेवा के लिए जुटे रहते थे। उन्होंने भी गिरफ्तारी दी और मंदिर निर्माण के लिए समाज को जागृत किया। आवास-विकास निवासी वरिष्ठ भाजपा नेता व व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य दिनेश सेठी बताते हैं कि पुरानी मंडी निवासी श्रीश्री 108 महंत स्व. सुंदर दास रामायणी और गुरुद्वारा रोड स्थित श्री आशुतोष मंदिर के अधिष्ठाता रहे पंडित स्व. गोविंद वशिष्ठ भी जिले में आंदोलन के सूत्रधार रहे। उनकी मेहनत अब रंग लाई हैं। इन्होंने गलियों, मोहल्लों, गांवों और कस्बों में बैठक की। अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए हिंदू समाज को कारसेवा के लिए प्रेरित किया। श्री 108 महंत सुंदर दास रामायणी, पंडित गोविंद वशिष्ठ और महामंडलेश्वर बाबा रिजकदास की गिरफ्तारी हुई, जिन्हें मेरठ जेल में रखा गया था। इन्होंने मेरठ जेल में भी श्रीराममय माहौल बना दिया। भगवान श्रीराम के गुणगान कर जेल में बंद आंदोलनकारियों में जोश भरा। इसके साथ ही जब तक जेल में रहे भगवान श्रीराम का भजन और कीर्तन करते रहे और अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प लिया।
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नारा लगाते ही नवदंपत्ति को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
सहारनपुर। माधोनगर निवासी वरिष्ठ भाजपा नेता महेंद्र सचदेवा की 13 अक्तूबर 1992 में शादी हुई थी। महेंद्र सचदेवा बताते हैं कि शादी दस दिन बाद वह पत्नी सुषमा बजाज के साथ घंटाघर पर दवा लेने गए थे। घंटाघर पर तैनात एक पुलिस अधिकारी ने जोर से माइक पर कहा है कोई नारा लगाने वाला है, तब हमने पुलिस के पास पहुंचकर जोर से जय श्रीराम का नारा लगा दिया। पुलिस ने हमें ही नहीं बल्कि हमारी पत्नी को भी भेज दिया था। सुषमा तीन दिन और महेंद्र दस दिन जेल में रहे थे।
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आंदोलन रूपी महायज्ञ में दिया था अंशदान
सहारनपुर। बसंत विहार निवासी सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी बलराम अहलूवालिया बताते हैं कि वर्ष 1990- 92 में उनकी टीम बेहद सक्रिय थी। तब वह रामपुर मनिहारान में तैनात थे। उनके गांव टिपरा में अयोध्या से आई राम-ज्योति यात्रा का भव्य स्वागत किया गया था। रामपुर मनिहारान के कई युवा अयोध्या कूच के लिए निकले थे। जिन्हें रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया गया था। टिपरा गांव से वरिष्ठ जनसंघी विक्रम सिंह पुंडीर, विरेंद्र वालिया, श्रीपाल के जत्थे को अयोध्या भिजवाया, लेकिन उन्हें बुलंदशहर में ही पकड़ लिया गया। अब मंदिर निर्माण से उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है कि आंदोलन रूपी महायज्ञ में उनका भी योगदान रहा।
कारसेवकों को रोकने पर सड़कों पर आ गए थे लोग
देववंबद। भारतीय किसान संघ मेरठ प्रांत के महामंत्री श्यामवीर त्यागी बताते हैं कि उनके नेतृत्व में 1992 में 65 कारसेवकों का जत्था अयोध्या के लिए रवाना हुआ था, लेकिन तल्हेड़ी बस स्टैंड पर पुलिस ने रोक लिया। कारसेवकों को रोके जाने का पता चलते ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आ गए थे। पुलिस से झड़प के बाद कारसेवक आगे बढ़े, लेकिन शहर सहारनपुर पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें विपिन शर्मा, तल्हेड़ी के नर सिंह भगत, खटौली के सुरेंद्र त्यागी, गंगदासपुर के चौधरी समय सिंह, मास्टर धर्मसिंह शामिल रहे, जिन्हें मेरठ जेल में रखा गया था।
कर लिया था गिरफ्तार, नाबालिग होने की वजह से छोड़ा
देवबंद। वर्ष 1990 में राम मंदिर आंदोलन में हिस्सा लेने अयोध्या जा रहे बिजेंद्र गुप्ता को देवबंद रेलवे स्टेशन से पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। मात्र 14 वर्ष की आयु होने के कारण उन्हें छोड़ दिया गया था। उसके बाद पांच दिसंबर 1992 को अयोध्या जाते समय पुलिस ने देवबंद निवासी राजेश शर्मा, बिजेंद्र गुप्ता जत्थे में शामिल युवकों को गिरफ्तार कर लिया था।

पांच दिन चले थे पैदल
देवबंद। आंदोलन में हिस्सा लेने वाले क्षेत्र के बास्तम गांव निवासी 85 वर्षीय ईश्वर चंद वर्ष 1952 से जनसंघ से जुड़े हुए हैं। वह बताते हैं कि वर्ष 1989 में तत्कालीन सरकार ने आंदोलन में हिस्सा लेने जाने वालों पर गोली चलवाई थी। उन्हें पांच दिन पैदल चलकर वापस घर लौटना पड़ा था। उसके बाद वर्ष 1992 को उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और पांच दिन तक सहारनपुर की जेल में बंद रखा।

श्री राम मंदिर आंदोलन: वरिष्ठ भाजपा नेता महेंद्र सचदेवा।

श्री राम मंदिर आंदोलन: वरिष्ठ भाजपा नेता महेंद्र सचदेवा।- फोटो : SAHARANPUR

श्री राम मंदिर आंदोलन: महामंडलेश्वर बाबा रिजकदास।

श्री राम मंदिर आंदोलन: महामंडलेश्वर बाबा रिजकदास।- फोटो : SAHARANPUR

श्यामबीर त्यागी

श्यामबीर त्यागी- फोटो : SAHARANPUR

बिजेन्द्र गुप्ता। गिरफ्तारी के समय की आयु का फोटो

बिजेन्द्र गुप्ता। गिरफ्तारी के समय की आयु का फोटो- फोटो : SAHARANPUR

ईश्वर चंद त्यागी

ईश्वर चंद त्यागी- फोटो : SAHARANPUR

राजपाल त्यागी

राजपाल त्यागी- फोटो : SAHARANPUR

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