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Saharanpur News: फोन पर कहा एक घंटे में आ जाएंगे, फिर फोन बंद मिला
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिशंबर सिंह सहित तीन ग्रामीणों की मौत से गांव खुब्बनपुर में शोक की लहर है। जैसे ही हादसे की सूचना परिजनों को मिली तो पूरा गांव घटनास्थल पर पहुंचा, जहां तीनों शवों को बामुश्किल ट्रैक्टर के नीचे से निकाला गया। गांव में रातभर जाग रही। सुबह बड़ी संख्या में लोग दुख व्यक्त करने खुब्बनपुर पहुंचे। बिशंबर सिंह ग्रामीण कर्ण और अपिन को मजदूरी के लिए साथ लेकर जनता रोड स्थित अपनी ससुराल मुसैल नवादा में गेहूं की बुआई कराने गए थे। गेहूं की बुआई कराने के बाद मंगलवार रात वह ट्रैक्टर पर सवार होकर लौट रहे थे।
रात करीब नौ बजे बिशंबर सिंह के बेटे अभय सिंह उर्फ मोनू ने अपिन के फोन पर कॉल कर पूछा था कि कितनी देर में लौट रहे हैं। अपिन ने बताया था कि गांव सरकड़ी के पास पहुंच गए हैं और एक घंटे में पहुंच जाएंगे।
जब दस बजे तक भी वह नहीं लौटे तो मोनू ने फिर फोन किया तो फोन स्विच ऑफ आया। साढ़े दस बजे तक इंतजार करने के बाद मोनू बाइक लेकर तलाश में निकल गया। बेहट रोड से नाजिरपुरा के बीच को होकर मढ़ के रास्ते जनता रोड पर जा ही रहा था कि सड़क किनारे करीब दस फीट गहरे खेत में उसे किसी वाहन की दोनों लाइट जली नजर आईं, जो पलटा हुआ था। उसने गौर से देखा तो वह ट्रैक्टर था। खेत में उतरकर देखा तो पिता बिशंबर सिंह और दोनों अन्य साथी खून से लथपथ ट्रैक्टर के नीचे दबे हुए थे, जिनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद उसने अपने छोटे भाई अनूप सिंह को फोन कर सूचना दी।
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इसके बाद सभी परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मोनू के चाचा के बेटे पूर्व प्रधान सोनू ने पुलिस को फोन कर सूचना दी। कुछ ही देर बार पुलिस और एंबुलेंस आदि पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। साथ ही मशीन मंगवाकर ट्रैक्टर को बाहर निकलवाया।
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सहारनपुर। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिशंबर सिंह सहित तीन ग्रामीणों की मौत से गांव खुब्बनपुर में शोक की लहर है। जैसे ही हादसे की सूचना परिजनों को मिली तो पूरा गांव घटनास्थल पर पहुंचा, जहां तीनों शवों को बामुश्किल ट्रैक्टर के नीचे से निकाला गया। गांव में रातभर जाग रही। सुबह बड़ी संख्या में लोग दुख व्यक्त करने खुब्बनपुर पहुंचे। बिशंबर सिंह ग्रामीण कर्ण और अपिन को मजदूरी के लिए साथ लेकर जनता रोड स्थित अपनी ससुराल मुसैल नवादा में गेहूं की बुआई कराने गए थे। गेहूं की बुआई कराने के बाद मंगलवार रात वह ट्रैक्टर पर सवार होकर लौट रहे थे।
रात करीब नौ बजे बिशंबर सिंह के बेटे अभय सिंह उर्फ मोनू ने अपिन के फोन पर कॉल कर पूछा था कि कितनी देर में लौट रहे हैं। अपिन ने बताया था कि गांव सरकड़ी के पास पहुंच गए हैं और एक घंटे में पहुंच जाएंगे।
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जब दस बजे तक भी वह नहीं लौटे तो मोनू ने फिर फोन किया तो फोन स्विच ऑफ आया। साढ़े दस बजे तक इंतजार करने के बाद मोनू बाइक लेकर तलाश में निकल गया। बेहट रोड से नाजिरपुरा के बीच को होकर मढ़ के रास्ते जनता रोड पर जा ही रहा था कि सड़क किनारे करीब दस फीट गहरे खेत में उसे किसी वाहन की दोनों लाइट जली नजर आईं, जो पलटा हुआ था। उसने गौर से देखा तो वह ट्रैक्टर था। खेत में उतरकर देखा तो पिता बिशंबर सिंह और दोनों अन्य साथी खून से लथपथ ट्रैक्टर के नीचे दबे हुए थे, जिनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद उसने अपने छोटे भाई अनूप सिंह को फोन कर सूचना दी।
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इसके बाद सभी परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मोनू के चाचा के बेटे पूर्व प्रधान सोनू ने पुलिस को फोन कर सूचना दी। कुछ ही देर बार पुलिस और एंबुलेंस आदि पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। साथ ही मशीन मंगवाकर ट्रैक्टर को बाहर निकलवाया।