{"_id":"5fd3b2ee8ebc3e3e771983f6","slug":"saharanpur-saharanpur-news-mrt515049924","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभियान चले, पर पूरी तरह कब्जा मुक्त नहीं हुई ग्राम समाज की भूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभियान चले, पर पूरी तरह कब्जा मुक्त नहीं हुई ग्राम समाज की भूमि
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सहारनपुर। जनपद में ग्राम समाज की भूमि से अवैध कब्जे हटवाने को अभियान चले और आगे भी चलेंगे। बावजूद अवैध कब्जे बरकरार है। अवैध कब्जों की शिकायतें भी अधिकारियों तक खूब हो रही हैं।
ताजा मामला रामपुर मनिहारान क्षेत्र मेें ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे का सामने आया, जिसमें एक भाजपा नेता के करीबी पर अवैध कब्जे का आरोप था। हालांकि मामला सुर्खियों में आने पर अगले ही दिन राजस्व टीम ने अवैध कब्जा हटवा दिया। वहीं, जिले की अलग अलग ग्राम पंचायतों में अब भी ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे बने हुए हैं।
शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
बेहट तहसील क्षेत्र के गांव शाहपुर गाडा के प्रधान खुर्शीद अहमद ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व पट्टे आवंटित किए गए थे, जिन पर ग्रामीण खेती कर रहे हैं। कुछ पट्टे खाली पड़े हैं और चारागाह की 800 बीघा भूमि बरसाती नदियों के क्षेत्र में आती है। शेरपुर पेलो मार्ग पर 100 बीघा जमीन पर कब्जा है। तहसील दिवस में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तहसील के गांव मंझाडी की प्रधान संगीता सैनी ने बताया कि चारागाह की लगभग 15 बीघा भूमि पर अवैध कब्जे हैं। पांच बीघा भूमि खाली कराने के लिए तीन बार राजस्व की टीम ने पैमाइश की, लेकिन कब्जा नहीं हट सका।
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ग्रामीणों ने कर रखा कब्जा
नकुड़ तहसील के गांव कलसी में गऊशाला के सामने ग्राम पंचायत के दूसरे मजरे अकबरपुर माफी में चारागाह के लिए 56 बीघा भूमि आरक्षित है। ग्राम प्रधान अमरीश कुमार ने बताया कि कुछ भूमि पर आसपास लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इसमें से 15 बीघा भूमि मवेशियों के लिए चारा उगाया हुआ है। इसी तहसील के गांव चापरचीड़ी के प्रधान रमेश चंद्र ने बताया कि करीब 20 बीघा ग्राम समाज की जमीन है, जिस पर पूर्व में ही पट्टे कटे हुए हैं। पट्टा धारक खेती कर रहे हैं। गऊशाला के लिए भूमि नहीं है। तहसील रामपुर मनिहारान क्षेत्र की ग्राम पंचायत जड़ौदापांडा के प्रधान राकेश त्यागी ने बताया कि पट्टे की भूमि पर खेती की जा रही है।
चारागाह की भूमि पर कब्जा
बड़गांव क्षेत्र की ग्राम पंचायत महेशपुर के प्रधान पप्पू उर्फ श्याम सिंह ने बताया कि अब ग्राम समाज की भूमि नहीं है, जो पट्टे आवंटित हैं, उन पर खेती की जा रही है। 12 बीघा जमीन चारागाह के लिए हैं, जिस पर अवैध कब्जे हुए हैं। दल्हेड़ी गांव के प्रधान सोनू राणा ने बताया कि करीब आठ बीघा ग्राम पंचायत की भूमि पर पट्टाधारक खेती कर रहे हैं।
पंचायत भवन और स्वास्थ्य केंद्र के लिए दान भी दी भूमि
सहारनपुर। तहसील रामपुर मनिहारान क्षेत्र की ग्राम पंचायत जड़ौदापांड़ा के मजरे जयपुर गांव में 20 बीघा ग्राम समाज की भूमि को स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के लिए दान में दिया गया है। इसी तरह 298 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बनने हैं। इनमें से अभी तक करीब 80 ग्राम पंचायतों में भूमि दान की गई।
आई 12734 शिकायतें, 2427.86 हेक्टेयर भूमि से हटवाए कब्जे
सहारनपुर। सितंबर 2017 से लेकर नवंबर 2020 तक प्रशासन को अवैध कब्जों को लेकर 12734 शिकायतें मिली। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि इनमें से 2427.86 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त कराई गई है।
ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। जुर्माना लगाने के साथ ही प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। --- एसबी सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)
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ताजा मामला रामपुर मनिहारान क्षेत्र मेें ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे का सामने आया, जिसमें एक भाजपा नेता के करीबी पर अवैध कब्जे का आरोप था। हालांकि मामला सुर्खियों में आने पर अगले ही दिन राजस्व टीम ने अवैध कब्जा हटवा दिया। वहीं, जिले की अलग अलग ग्राम पंचायतों में अब भी ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे बने हुए हैं।
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शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
बेहट तहसील क्षेत्र के गांव शाहपुर गाडा के प्रधान खुर्शीद अहमद ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व पट्टे आवंटित किए गए थे, जिन पर ग्रामीण खेती कर रहे हैं। कुछ पट्टे खाली पड़े हैं और चारागाह की 800 बीघा भूमि बरसाती नदियों के क्षेत्र में आती है। शेरपुर पेलो मार्ग पर 100 बीघा जमीन पर कब्जा है। तहसील दिवस में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तहसील के गांव मंझाडी की प्रधान संगीता सैनी ने बताया कि चारागाह की लगभग 15 बीघा भूमि पर अवैध कब्जे हैं। पांच बीघा भूमि खाली कराने के लिए तीन बार राजस्व की टीम ने पैमाइश की, लेकिन कब्जा नहीं हट सका।
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ग्रामीणों ने कर रखा कब्जा
नकुड़ तहसील के गांव कलसी में गऊशाला के सामने ग्राम पंचायत के दूसरे मजरे अकबरपुर माफी में चारागाह के लिए 56 बीघा भूमि आरक्षित है। ग्राम प्रधान अमरीश कुमार ने बताया कि कुछ भूमि पर आसपास लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इसमें से 15 बीघा भूमि मवेशियों के लिए चारा उगाया हुआ है। इसी तहसील के गांव चापरचीड़ी के प्रधान रमेश चंद्र ने बताया कि करीब 20 बीघा ग्राम समाज की जमीन है, जिस पर पूर्व में ही पट्टे कटे हुए हैं। पट्टा धारक खेती कर रहे हैं। गऊशाला के लिए भूमि नहीं है। तहसील रामपुर मनिहारान क्षेत्र की ग्राम पंचायत जड़ौदापांडा के प्रधान राकेश त्यागी ने बताया कि पट्टे की भूमि पर खेती की जा रही है।
चारागाह की भूमि पर कब्जा
बड़गांव क्षेत्र की ग्राम पंचायत महेशपुर के प्रधान पप्पू उर्फ श्याम सिंह ने बताया कि अब ग्राम समाज की भूमि नहीं है, जो पट्टे आवंटित हैं, उन पर खेती की जा रही है। 12 बीघा जमीन चारागाह के लिए हैं, जिस पर अवैध कब्जे हुए हैं। दल्हेड़ी गांव के प्रधान सोनू राणा ने बताया कि करीब आठ बीघा ग्राम पंचायत की भूमि पर पट्टाधारक खेती कर रहे हैं।
पंचायत भवन और स्वास्थ्य केंद्र के लिए दान भी दी भूमि
सहारनपुर। तहसील रामपुर मनिहारान क्षेत्र की ग्राम पंचायत जड़ौदापांड़ा के मजरे जयपुर गांव में 20 बीघा ग्राम समाज की भूमि को स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के लिए दान में दिया गया है। इसी तरह 298 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बनने हैं। इनमें से अभी तक करीब 80 ग्राम पंचायतों में भूमि दान की गई।
आई 12734 शिकायतें, 2427.86 हेक्टेयर भूमि से हटवाए कब्जे
सहारनपुर। सितंबर 2017 से लेकर नवंबर 2020 तक प्रशासन को अवैध कब्जों को लेकर 12734 शिकायतें मिली। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि इनमें से 2427.86 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त कराई गई है।
ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। जुर्माना लगाने के साथ ही प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। --- एसबी सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)