{"_id":"627678d6cb776260ab0d6b78","slug":"saharanpur-news-fire-broke-out-in-factory-four-people-died-and-many-injured","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहारनपुर में बड़ा हादसा: फैक्टरी में लगी भीषण आग, तेज धमाकों से दहल उठा इलाका, तीन लोगों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहारनपुर में बड़ा हादसा: फैक्टरी में लगी भीषण आग, तेज धमाकों से दहल उठा इलाका, तीन लोगों की मौत
Sat, 07 May 2022 07:19 PM IST
कपिल kapil
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: कपिल kapil
Updated Sat, 07 May 2022 07:19 PM IST
सार
सहारनपुर में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां फैक्टरी में आग लगने से तेज धमाके हुए। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं।
विज्ञापन
सहारनपुर में फैक्टरी में लगी भीषण आग।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सरसावा थाना क्षेत्र के गांव गोविंदपुर के जंगल में चल रही पटाखा फैक्टरी में शनिवार शाम हुए धमाके में फैक्टरी संचालक सहित तीन लोगों की मौत गई। एक श्रमिक को गंभीर हालत में राजकीय मेडिकल कॉलेज सरसावा में भर्ती कराया गया है। धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरी फैक्टरी जमींदोज हो गई और उसमें खड़ी कार व बाइक के भी परखच्चे उड़ गए।
विज्ञापन
यह भीषण हादसा शनिवार शाम करीब पौने छह बजे हुआ। इस हादसे में मरने वाले फैक्टरी मालिक राहुल कुमार उर्फ जोनी (32) गांव सलेमपुर, सागर और कार्तिक सैनी गांव बलवंतपुर के रहने वाले थे। घायल वंश गांव सलेमपुर का रहने वाला है।
विज्ञापन
राहुल ने गोविंदपुर के जंगल में पटाखे बनाने की लाइसेंसी फैक्टरी लगा रखी थी और इसमें आतिशबाजी में इस्तेमाल होने वाले अनार बनाए जाते हैं। शनिवार शाम हादसे के वक्त राहुल कुमार कुछ श्रमिकों के साथ फैक्टरी में मौजूद था। शहर और सरसावा एयरफोर्स स्टेशन से पहुंचीं दमकल ने फैक्टरी में लगी आग पर काबू पाया।
विज्ञापन
सूचना पर डीआईजी प्रीतिंदर सिंह, डीएम अखिलेश सिंह, एसएसपी आकाश तोमर भी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी ने बताया कि हादसे में फैक्टरी मालिक समेत तीन लोगों की मौत हुई है और एक श्रमिक घायल हुआ है। हादसे की जांच कराई जा रही है।
दूर तक सुनी गई धमाके की आवाज
धमाके की तेज आवाज कई किलोमीटर तक सुनी गई। धमाके के बाद ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां तीन लोगों के क्षत विक्षत शव पड़े थे। पूरी फैक्टरी मलबे में तब्दील हो गई। जेसीबी से मलबा हटाकर देखा गया कि कोई और तो उसमें नहीं दबा है।