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संगीतकार वाजिद की मौत से सदमे में सहारनपुर

Mon, 01 Jun 2020 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2020 11:54 PM IST
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Saharanpur in shock due to musician Wajid's death
साजिद-वाजिद (बड़ा फोटो वाजिद का) - फोटो : DEVBAND
संगीतकार वाजिद की मौत से सदमे में सहारनपुर
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सहारनपुर। संगीतकार वाजिद की मौत की अचानक खबर से बॉलीवुड के बाद सहारनपुर के लोग सबसे अधिक परेशान हैं। इसकी अहम वजह वाजिद का पुश्तैनी मकान सहारनपुर में ही है। वाजिद अपने जोड़ीदार भाई साजिद के साथ अक्सर सहारनपुर आते रहे हैं।
वाजिद के पिता शराफत अली के खास मित्र राव महबूब ने बताया वाजिद के परिवार का पुश्तैनी मकान सहारनपुर के मोहल्ला आली सराय अहमद अली में है। वाजिद के पिता शराफत अली एक तबलावादक थे, जो फिल्मों में काम करने का सपने लेकर करीब 50 वर्ष पहले मुंबई गए थे। वहां काफी संघर्ष के बाद उन्हें काम मिला और जब काम मिला तो उन्होंने बड़े संगीतकारों जैसे नौशाद, जयशंकर, प्यारेलाल आदि के साथ काम किया। मुंबई में ही उन्होंने शादी की। साजिद, वाजिद और तीसरे भाई जावेद मुंबई में ही पैदा हुए और वहीं उनकी शिक्षा दीक्षा हुई। साजिद और वाजिद इकबाल साबरी की सरपरस्ती में पले, जो कि बड़े कव्वाल थे। साजिद और वाजिद की सबसे पहली एलबम भी इकबाल साबरी ही ने तैयार कराई थी। साजिद-वाजिद को पहला काम सलमान खान की फिल्म औजार में मिला था। उन्होंने तेरी जवानी बड़ी मस्त-मस्त है, कव्वाली के लिए संगीत दिया था। इस कव्वाली को इकबाल साबरी ही ने गाया था। इसके बाद दोनों भाइयों को लगातार काम मिलता गया। सारेगामा फेम रुपाली जग्गा, मुंबई में रह रहे हास्य कवि डॉ. मुकेश गौतम आदि भी वाजिद के जाने से सदमे में हैं।
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लोगों से मिलना कम पसंद था
राव महबूब बताते हैं कि वाजिद बेहद कम और नपातुला बोलने वाले इंसान थे, मगर उन्हें कंपोजिंग और सलाहितों की अधिक समझ थी। वह लोगों से कम ही मिलते थे।
ताहरी और तिलबुग्गा था पसंद
साजिद और वाजिद सहारनपुर आने का बहाना ढूंढते थे। उन्हें जब भी किसी शादी या अन्य कार्यक्रम का निमंत्रण जाता था तो वह जरूर आया करते थे। उन्हें सहारनपुर की ताहरी और तिलबुग्गा बेहद पसंद था। वह आते ही ताहरी की डिमांड रखते थे।
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कइयों के करियर बनाए
राव महबूब बताते हैं कि वाजिद को सहारनपुर की धरती से बेहद प्यार था। यही वजह रही कि यहां से मुंबई गए शबाब साबरी, दानिश, अल्मतश फरीदी, शादाब फरीदी, अमजद नदीम आदि को आगे बढ़ाने में उनका अहम रोल रहा।
किडनी ट्रांसप्लांट कराई थी
बॉलीवुड सिंगर और वाजिद की बुआ के बेटे शबाब साबरी वाजिद के जाने से आहत हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले वाजिद की किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी। हाल ही में उन्हें कुछ परेशानी आई, जिसके बाद भर्ती कराया गया। वेंटीलेटर पर रहते हुए हार्ट अटैक आया। शबाब वाजिद की अंतिम यात्रा में भी शामिल रहे।

देवबंद में बुआ का घर, आते थे मिलने
देवबंद। वाजिद के इंतकाल की खबर ने बुआ के परिवार के लोगों को हैरान कर दिया। देवबंद में बुआ का घर मोहल्ला किला में था। सहारनपुर जब भी साजिद-वाजिद आए, देवबंद जरूर अपने बुआ के घर रिश्तेदारों से मिलने आते थे। देवबंद के लोग और साजिद-वाजिद से करीबी रिश्ता रखने वाले बताते हैं कि बुआ के लड़के प्रख्यात संगीतकार अफजाल साबरी ही साजिद-वाजिद को मुंबई ले गए थे।
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