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सहारनपुर: इमरान मसूद को प्रदेश की कमान में हिस्सेदारी, सपा से गठबंधन की बातचीत में रहेगी अहम भूमिका
Fri, 02 Oct 2026 11:05 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Fri, 02 Oct 2026 11:05 PM IST
सार
इमरान मसूद को कांग्रेस का प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के बाद समीकरणों में बदलाव दिखाई देने का अनुमान लगाया जा रहा है। सपा को लेकर उनकी तल्खी यदा-कदा उजागर होती रहती है। पिछले दिनों उनकी कैराना से सपा सांसद इकरा हसन के साथ भी तकरार हुई थी। सपा विधायक आशु मलिक के साथ भी उनकी पिछले तकरार होती रहती है।
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इमरान मसूद, कांग्रेस सांसद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सहारनपुर सांसद इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही पश्चिमी यूपी की राजनीति में उनका सियासी कद प्रदेश स्तर पर बढ़ गया है। कांग्रेस ने शुक्रवार को संगठन में बदलाव करते हुए इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुए इस फेरबदल में कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को साधने की कोशिश की है।
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इमरान मसूद लंबे समय से पश्चिमी यूपी की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं। उनका राजनीतिक सफर नगर पालिका की राजनीति से शुरू हुआ। 2006 में वह सहारनपुर नगर पालिका के अध्यक्ष बने और 2007 में मुजफ्फराबाद विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए। 2012 में कांग्रेस ने उन्हें राहुल गांधी की टीम के युवा चेहरों में शामिल किया। इसके बाद वह कांग्रेस छोड़कर सपा और फिर बसपा में गए, लेकिन 2023 में दोबारा कांग्रेस में लौट आए।
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2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें सहारनपुर से प्रत्याशी बनाया। मसूद ने भाजपा के राघव लखनपाल शर्मा को हराकर पहली बार लोकसभा चुनाव जीता। इसके बाद वह संसद की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संबंधी समिति समेत अन्य संसदीय समितियों के सदस्य बने।
अब कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने से मसूद की भूमिका सहारनपुर तक सीमित नहीं रहेगी। कांग्रेस के सामने पश्चिमी यूपी में संगठन को मजबूत करने के साथ सपा के साथ गठबंधन में अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी और प्रभाव बढ़ाने की चुनौती भी है। हाल के दिनों में मसूद ने 2027 के लिए सीट बंटवारे में कांग्रेस को सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलने की बात कही थी। ऐसे में नई जिम्मेदारी उन्हें प्रदेश स्तर पर पार्टी की रणनीति और गठबंधन की राजनीति में अधिक सक्रिय भूमिका दे सकती है।
मसूद परिवार की राजनीतिक विरासत
सहारनपुर की राजनीति में मसूद का प्रभाव उनके परिवार की लंबी राजनीतिक विरासत से भी जुड़ा है। उनके चाचा काजी रशीद मसूद कई बार सांसद रहे। अब प्रदेश कांग्रेस में नई जिम्मेदारी के साथ इमरान मसूद के सामने अपने क्षेत्रीय प्रभाव को राज्य संगठन में बदलने की चुनौती होगी। हाल ही में इमरान मसूद के दामाद शायान मसूद कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं।
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सहारनपुर की राजनीति में मसूद का प्रभाव उनके परिवार की लंबी राजनीतिक विरासत से भी जुड़ा है। उनके चाचा काजी रशीद मसूद कई बार सांसद रहे। अब प्रदेश कांग्रेस में नई जिम्मेदारी के साथ इमरान मसूद के सामने अपने क्षेत्रीय प्रभाव को राज्य संगठन में बदलने की चुनौती होगी। हाल ही में इमरान मसूद के दामाद शायान मसूद कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं।
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