Saharanpur: मुठभेड़ में पांच बदमाश गिरफ्तार, गिरोह के सरगना ने भाई के साढू के घर ही डाली थी डकैती
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पांच बदमाश गिरफ्तार किए हैं। आरोपियों के पास से नकदी हथियार और दो बाइक बरामद हुई हैं।वहीं पूछताछ में खुलासा हुआ कि गैंग के सरगना ने अपने भाई के साढ़ू के घर भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
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सहारनपुर देहात कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया, जबकि इनके तीन साथी मौके से फरार हो गए। आरोपियों ने खुद को घिरा देखकर पुलिस टीम पर भी फायरिंग की। पकड़े गए बदमाशों में गिरोह के सरगना ने ही भाई के साढ़े के घर ही डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों के नकदी, हथियार और दो बाइक बरामद हुई हैं।
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि 23 जुलाई की रात गांव सकलापुरी रोड स्थित रिजा गार्डन निवासी शहजाद के घर बदमाशों ने हथियारों के बल पर डकैती डाल थी। विरोध करने पर आरोपियों ने शहजाद की टांग में तमंचे से गोली मार दी थी। आरोपी घर से 50 हजार की नकदी और सोने के जेवरात लूट ले गए थे। देहात कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम को लगाया गया।
सोमवार की रात देहात कोतवाली इंस्पेक्टर मनोज चाहल ने एक सूचना के आधार पर पुलिस टीम के साथ बिजोपुरा नहर की पुलिया के बदमाशों की घेराबंदी की। तब, बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी।
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद शोएब निवासी गांव लंढौरा गुर्जर, प्रशांत निवासी कांकरकुई कोतवाली रामपुर मनिहारान, हुसैन व कादिर निवासी गांव तिगरी, आवेश उर्फ घुल्लर निवासी अहतमाल थाना झिंझाना जनपद शामली को गिरफ्तार किया, जबकि इनके तीन साथी फरार हो गए। आरोपियों के पास से एक तमंचा, दस हजार 200 रुपये की नकदी, दो बाइक बरामद हुई है।
गिरोह का सरगना है शोएब
गिरोह का सरगना शोएब है, जो अनपढ़ है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि शहजाद उसके भाई का साढृू है। उसे पहले से पता था कि शहजाद के घर किस दिन पैसे आने वाले हैं। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
आईटीआई पास है प्रशांत, शोएब कादिर की जेल में हुई थी मुलाकात
पकड़े गए आरोपियों प्रशांत आईटीआई पास है, जबकि मुख्य आरोपी शोएब शातिर अपराधी है, जो कोतवाली रामपुर मनिहारान से पहले भी जेल जा चुका है। कादिर भी पिछले दिनों एक मामले में जेल गया था। जेल में ही शोएब और कादिर दोस्ती हो गई थी। जमानत पर छूटने के बाद इन्होंने गिरोह बनाया और डकैती की वारदात को अंजाम दिया।