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Saharanpur: सरसावा से वाराणसी, गोरखपुर और कुशीनगर तक एक दिन में करें आना-जाना, आधा घंटे में हिंडन एयरपोर्ट
Mon, 21 Oct 2024 09:15 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Mon, 21 Oct 2024 09:15 PM IST
सार
वाराणसी, गोरखपुर और कुशीनगर पहुंचने में एक घंटे से अधिक का समय लगेगा। यानी अगर किसी को इन शहरों में कुछ काम है तो वह सुबह जाकर शाम तक लौट सकता है। हिंडन एयरपोर्ट तक आधा घंटा ही लगेगा।
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सरसावा एयरपोर्ट पर शाम का मनोरम दृश्य।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दीपावली से पहले ही जिलेवासियों को सिविल एयरपोर्ट के रूप में बड़ी सौगात मिली है। हवाई सेवा पांच नवंबर से शुरू होगी, जिसमें पहली उड़ान सरसावा से हिंडन एयरपोर्ट की करीब 30 मिनट की होगी। एयरपोर्ट का उद्घाटन होते ही खाली पड़ी जमीन पर भी विस्तार को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
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लगेज चेकिंग ट्रॉली।
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को 65 एकड़ जमीन दे रखी है, जिस पर वर्तमान में निर्माण कार्य मात्र 20 से 25 एकड़ जमीन पर ही है। ऐसे में चर्चा है कि हवाई सेवाओं का संचालन शुरू होते ही खाली भूमि पर एयरपोर्ट का विस्तार कर दिया जाएगा। इसमें बड़े स्तर पार्किंग से लेकर अन्य इमारतें बनाई जाएंगी। जिसमें स्टाफ के लिए क्वार्टर आदि भी होंगे। अभी तक जारी हुए शेड्यूल के अनुसार, पहली उड़ान 19 सीटर वायुयान से हिंडन एयरपोर्ट की होगी। सरसावा से हिंडन पहुंचने का अनुमानित समय 30 मिनट है। इसी तरह मुरादाबाद की दूरी भी अधिक नहीं है। वहां का सफर भी अधिकतम 40 मिनट में पूरा हो जाएगा।
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एयरपोर्ट का एंट्री गेट।
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी, गोरखपुर और कुशीनगर की दूरी ज्यादा है। वहां पहुंचने में एक घंटे से अधिक का समय लगेगा। यानी अगर किसी को इन शहरों में कुछ काम है तो वह सुबह जाकर शाम तक लौट सकता है। लंबी दूरी वाले तीनों शहरों में स्पाइसजेट एयरलाइंस सेवाएं देगी, जिसमें एक साथ 78 यात्री सफर कर सकते हैं, जबकि कम दूरी के लिए 19-19 सीटर विमान रहेंगे। शेड्यूल भले ही जारी हो गया हो, लेकिन हवाई सेवाएं देने वाली दोनों कंपनियों की वेबसाइट पर किराए को लेकर कोई अपडेट नहीं किया गया है।
इसलिए चुने गए पांचों शहर
सरसावा सिविल एयरपोर्ट से जिन पांच शहरों के लिए उड़ान की योजना बनाई गई है उनमें औद्योगिक गतिविधियों के लिए केवल मुरादाबाद तथा वाराणसी ज्यादा प्रसिद्ध हैं। बताया जा रहा है कि हिंडन, मुरादाबाद और कुशीनगर का चयन इसलिए किया गया है कि देश का मध्यम वर्ग भी हवाई सेवा के दायरे में आ सके। प्रधानमंत्री की उड़ान योजना के तहत यह खाका तैयार किया गया है।
जल्दी ही महान हस्ती के नाम होगा समर्पित
सिविल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो गया, लेकिन अभी तक उसका नामकरण नहीं हुआ है। टर्मिनल भवन पर केवल सरसावा एयरपोर्ट लिखा हुआ है। माना जा रहा था कि प्रधानमंत्री उद्घाटन के दौरान सरसावा सिविल एयरपोर्ट को किसी महान हस्ती को समर्पित करते हुए नाम देंगे, लेकिन ऐसी घोषणा नहीं हुई।
सरसावा सिविल एयरपोर्ट से जिन पांच शहरों के लिए उड़ान की योजना बनाई गई है उनमें औद्योगिक गतिविधियों के लिए केवल मुरादाबाद तथा वाराणसी ज्यादा प्रसिद्ध हैं। बताया जा रहा है कि हिंडन, मुरादाबाद और कुशीनगर का चयन इसलिए किया गया है कि देश का मध्यम वर्ग भी हवाई सेवा के दायरे में आ सके। प्रधानमंत्री की उड़ान योजना के तहत यह खाका तैयार किया गया है।
जल्दी ही महान हस्ती के नाम होगा समर्पित
सिविल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो गया, लेकिन अभी तक उसका नामकरण नहीं हुआ है। टर्मिनल भवन पर केवल सरसावा एयरपोर्ट लिखा हुआ है। माना जा रहा था कि प्रधानमंत्री उद्घाटन के दौरान सरसावा सिविल एयरपोर्ट को किसी महान हस्ती को समर्पित करते हुए नाम देंगे, लेकिन ऐसी घोषणा नहीं हुई।