Saharanpur Breaking: अधिवक्ता कर्मवीर हत्याकांड में पांच दोषियों को फांसी की सजा
सहारनपुर में अधिवक्ता की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पांच आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई है।
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सहारनपुर जनपद के पटेल नगर निवासी अधिवक्ता कर्मवीर छाबड़ा हत्याकांड और उनके पिता सतपाल छाबड़ा पर जानलेवा हमले के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-8 महेश कुमार की अदालत ने बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने पिता-पुत्र समेत पांच दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। अन्य दोषी भी इसी परिवार के सदस्य है। टिप्पणी करते हुए कहा कि इस अपराध की कर्मवीर हत्याकांड के नाम से लोग चर्चा करते हैं। निश्चित तौर पर कर्मवीर हत्याकांड का समाज पर बुरा प्रभाव पड़ा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता बिक्रम सिंह और पीड़ित के अधिवक्ता ठाकुर बिशंबर सिंह पुंडीर ने बताया कि पटेल नगर निवासी प्रोपर्टी कारोबारी सतपाल छाबड़ा का दूसरे पक्ष भूपेंद्र सिंह बतरा के साथ जमीन का विवाद था।
दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी। 26 दिसंबर 2015 को कुतुबशेर थाना क्षेत्र में सतपाल छाबड़ा और उनके अधिवक्ता बेटे कर्मवीर छाबड़ा पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। इसमें कर्मवीर को बुरी तरह से चाकू और कृपाण से गोदकर मौत के घाट उतारा गया था, जबकि सतपाल छाबड़ा घायल हो गए थे।
घायल के बयान पर पुलिस ने माधव प्रसाद गली निवासी भूपेंद्र सिंह बत्रा, उसके बेटे गुरु प्रताप, भाई अमरजीत सिंह, भतीजे गुरनीत उर्फ सन्नी और किशनपुरा नाला पटरी निवासी गुरमीत सिंह उर्फ राजू के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 302, 307, 341, 504 में केस दर्ज किया था। सभी आरोपी कई साल से हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहे थे।
मंगलवार को अदालत ने आरोपियों को दोषी करार दिया था, जिसके बाद पुलिस ने पांचों दोषियों को अदालत से ही गिरफ्तार कर लिया था। दोषियों पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।