{"_id":"66bbd142fc00bc04e8042474","slug":"saharanpur-being-harassed-after-leaving-islam-sought-protection-2024-08-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur: इस्लाम धर्म छोड़ने के बाद से किया जा रहा प्रताड़ित, मांगी सुरक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur: इस्लाम धर्म छोड़ने के बाद से किया जा रहा प्रताड़ित, मांगी सुरक्षा
Wed, 14 Aug 2024 03:04 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Wed, 14 Aug 2024 03:04 AM IST
सार
इस्लाम धर्म छोड़कर कादियानी अपनाने वाले शोएब अहमद को धमकी मिल रही है। शोएब ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
विज्ञापन
शोएब अहमद।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वर्ष 2007 में इस्लाम धर्म छोड़कर सर्व धर्म को अपनाने वाले अहमदी संगठन में शामिल हुए खान आलमपुरा निवासी बुजुर्ग शोएब अहमद (63) को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने एसएसपी से सुरक्षा मांगी है।
थाना जनकपुरी क्षेत्र के मोहल्ला खानआलमपुरा के अब्दुल्ला कॉलोनी निवासी शोएब अहमद ने बताया कि कादियानी मतलब अहमदी संगठन सर्व समाज का धर्म है, जिसमें सभी धर्म के लोग जुड़े हैं। उन्होंने 2007 में इस्लाम धर्म छोड़कर अहमदी संगठन अपना लिया था। मिर्जा गुलाम अहमद ने सर्व धर्म को एक साथ जोड़ा था। शोएब अहमद का कहना है कि उनके दो बेटी और एक बेटा है। परिवार को उनके निर्णय से कभी कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अहमदी संगठन अपनाने के बाद से कुछ लोग उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जाए।
विज्ञापन
थाना जनकपुरी क्षेत्र के मोहल्ला खानआलमपुरा के अब्दुल्ला कॉलोनी निवासी शोएब अहमद ने बताया कि कादियानी मतलब अहमदी संगठन सर्व समाज का धर्म है, जिसमें सभी धर्म के लोग जुड़े हैं। उन्होंने 2007 में इस्लाम धर्म छोड़कर अहमदी संगठन अपना लिया था। मिर्जा गुलाम अहमद ने सर्व धर्म को एक साथ जोड़ा था। शोएब अहमद का कहना है कि उनके दो बेटी और एक बेटा है। परिवार को उनके निर्णय से कभी कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अहमदी संगठन अपनाने के बाद से कुछ लोग उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जाए।
विज्ञापन