{"_id":"699486854063964e0a08e642","slug":"saharanpur-56-properties-of-former-mlc-haji-iqbal-worth-rs-2-75-billion-will-be-attached-2026-02-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur: पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की 2.75 अरब की 56 संपत्ति होंगी कुर्क, जानें कोर्ट ने क्यों दिया ये आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur: पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की 2.75 अरब की 56 संपत्ति होंगी कुर्क, जानें कोर्ट ने क्यों दिया ये आदेश
Tue, 17 Feb 2026 08:47 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 17 Feb 2026 08:47 PM IST
सार
जिला मजिस्ट्रेट के अदालत ने अवैध कार्यों से अर्जित की गई इस संपत्ति को कुर्की करने का आदेश जारी किया है। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत ये कार्रवाई की गई है। बेहट तहसील को कुर्की करने की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
हाजी इकबाल।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिला मजिस्ट्रेट मनीष बंसल की अदालत ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की करीब 2.75 अरब रुपये की 56 संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए यह आदेश दिया हैं। कुर्की की कार्रवाई के लिए बेहट तहसीलदार को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
विज्ञापन
जिला मजिस्ट्रेट की तरफ से जारी आदेशों में कहा गया कि मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद वाजिद, अलीशान, अफजाल निवासी मिर्जापुर पोल गिरोहबंद व्यक्ति है। इनके खिलाफ मिर्जापुर थाने में अपराध संख्या 83/2022 धारा 2/3 गैंगस्टर अधिनियम पंजीकृत हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहम्मद इकबाल ने सहयोगियों, रिश्तेदारों और विभिन्न कंपनी के नाम से खैर की लकड़ी चोरी, अवैध खनन आदि अपराधों में लिप्त रहने के दौरान अवैध धन अर्जित किया। लोगों को डरा-धमकाकर सरकारी व गैर सरकारी जमीनें क्रय व कब्जा की गई। उक्त संपत्तियों की कीमत करीब दो अरब 75 करोड़ है, जिसे कुर्क करने के आदेश जारी किए गए हैं। कुर्की की आगामी कार्रवाई के लिए बेहट तहसीलदार को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
हाजी इकबाल के अधिवक्ता ने बताया सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना
हाजी इकबाल के अधिवक्ता रामप्रकाश पांडे व इंद्रभान यादव की तरफ से मीडिया को प्रेसनोट जारी किया गया। इसमें बताया कि यह आदेश उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। मोहम्मद वाजिद, मोहम्मद जावेद, अफजाल, अलीशान, नसीम और राव लईक ने उक्त गैंगस्टर से जुड़ी कार्रवाई पर दाखिल आरोप पत्र को निरस्त करने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। चार सितंबर 2025 को अदालत ने मोहम्मद अफजाल, नसीम और राव लईक के खिलाफ चल रही गैंगस्टर की पूरी कार्रवाई को निरस्त कर दिया था। वहीं उच्चतम न्यायालय ने 18 सितंबर 2025 को मोहम्मद जावेद, अलीशान और वाजिद के मामले में निचली अदालत की कार्रवाई पर स्टे लगा दिया था। इस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में जाएंगे।
हाजी इकबाल के अधिवक्ता रामप्रकाश पांडे व इंद्रभान यादव की तरफ से मीडिया को प्रेसनोट जारी किया गया। इसमें बताया कि यह आदेश उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। मोहम्मद वाजिद, मोहम्मद जावेद, अफजाल, अलीशान, नसीम और राव लईक ने उक्त गैंगस्टर से जुड़ी कार्रवाई पर दाखिल आरोप पत्र को निरस्त करने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। चार सितंबर 2025 को अदालत ने मोहम्मद अफजाल, नसीम और राव लईक के खिलाफ चल रही गैंगस्टर की पूरी कार्रवाई को निरस्त कर दिया था। वहीं उच्चतम न्यायालय ने 18 सितंबर 2025 को मोहम्मद जावेद, अलीशान और वाजिद के मामले में निचली अदालत की कार्रवाई पर स्टे लगा दिया था। इस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में जाएंगे।