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Saharanpur News: एक आदमी का सदका-ए-फितर 46 रुपये तय
Tue, 11 Apr 2023 12:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 11 Apr 2023 12:02 AM IST
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देवबंद। ईदगाह वक्फ कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ईदगाह में ईद की नमाज सुबह 8 बजे अदा कराई जाएगी। कमेटी सदस्यों ने ईद की नमाज के लिए ईदगाह के आसपास व्यवस्था कराए जाने को लेकर पालिका प्रशासन को पत्र भी भेजा है।
सोमवार को दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी के आवास पर आयोजित ईदगाह वक्फ कमेटी की बैठक में कमेटी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने दारुल उलूम के हवाले से एक आदमी का सदका-ए-फितर 46 रुपये तय किए जाने की घोषणा की। कमेटी ने सर्वसम्मति से ईदगाह में ईद की नमाज का वक्त सुबह आठ बजे करते हुए निर्णय लिया कि इस वर्ष मौलाना मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ईदगाह में नमाज अदा कराएंगे। इसके साथ ही ईदगाह कमेटी की ओर से व्यवस्थाओं को लेकर पालिका प्रशासन को पत्र भेजा गया। इसमें मौलाना सुफियान कासमी, अनस सिद्दीकी, मुस्लिम फंड ट्रस्ट के प्रबंधक सुहैल सिद्दीकी, उमैर उस्मानी, फहीम अख्तर आदि मौजूद रहे।
क्या होता है सदका-ए-फितर
देवबंद। गरीबों को ईद की खुशी में बराबर शामिल करने के उद्देश्य से सदका-ए-फितर निकाला जाता है। सदका-ए-फितर उस व्यक्ति पर वाजिब होता है जो मालदार हो। लेकिन अगर कोई व्यक्ति हैसियत न होने के बावजूद सदका-ए-फितर अदा करता है तो उसको अल्लाह सवाब से मालामाल करेगा। अल्लाह का हुक्म है कि ईद की नमाज से पूर्व सदका-ए-फितर अदा करना अजफल (पवित्र) है।
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स्थानीय उलमा से नमाज अदा कराने की मांग
देवबंद। नगर वासियों की ओर से ईदगाह वक्फ कमेटी को ज्ञापन सौंपकर साल में दो बड़े त्योहार ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा की नमाज
स्थानीय उलमा से पढ़ाए जाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि देवबंद की सभी मरकजी मस्जिदों, संस्थानों और पदों पर एक वर्ग विशेष का कब्जा है। वर्ष की दो अहम नमाजें देवबंद वासियों के हिस्से में आनी चाहिए। ज्ञापन में कहा गया कि मौलाना सुफियान कासमी, मौलाना अहमद खिजर शाह मसूदी, डॉ. शकेब कासमी, डॉ. यासिर नदीम, मुफ्ती आरिफ कासमी, मुफ्ती वासिफ कासमी और कारी फौजान से इमामत कराई जाए।
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सोमवार को दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी के आवास पर आयोजित ईदगाह वक्फ कमेटी की बैठक में कमेटी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने दारुल उलूम के हवाले से एक आदमी का सदका-ए-फितर 46 रुपये तय किए जाने की घोषणा की। कमेटी ने सर्वसम्मति से ईदगाह में ईद की नमाज का वक्त सुबह आठ बजे करते हुए निर्णय लिया कि इस वर्ष मौलाना मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ईदगाह में नमाज अदा कराएंगे। इसके साथ ही ईदगाह कमेटी की ओर से व्यवस्थाओं को लेकर पालिका प्रशासन को पत्र भेजा गया। इसमें मौलाना सुफियान कासमी, अनस सिद्दीकी, मुस्लिम फंड ट्रस्ट के प्रबंधक सुहैल सिद्दीकी, उमैर उस्मानी, फहीम अख्तर आदि मौजूद रहे।
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क्या होता है सदका-ए-फितर
देवबंद। गरीबों को ईद की खुशी में बराबर शामिल करने के उद्देश्य से सदका-ए-फितर निकाला जाता है। सदका-ए-फितर उस व्यक्ति पर वाजिब होता है जो मालदार हो। लेकिन अगर कोई व्यक्ति हैसियत न होने के बावजूद सदका-ए-फितर अदा करता है तो उसको अल्लाह सवाब से मालामाल करेगा। अल्लाह का हुक्म है कि ईद की नमाज से पूर्व सदका-ए-फितर अदा करना अजफल (पवित्र) है।
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स्थानीय उलमा से नमाज अदा कराने की मांग
देवबंद। नगर वासियों की ओर से ईदगाह वक्फ कमेटी को ज्ञापन सौंपकर साल में दो बड़े त्योहार ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा की नमाज
स्थानीय उलमा से पढ़ाए जाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि देवबंद की सभी मरकजी मस्जिदों, संस्थानों और पदों पर एक वर्ग विशेष का कब्जा है। वर्ष की दो अहम नमाजें देवबंद वासियों के हिस्से में आनी चाहिए। ज्ञापन में कहा गया कि मौलाना सुफियान कासमी, मौलाना अहमद खिजर शाह मसूदी, डॉ. शकेब कासमी, डॉ. यासिर नदीम, मुफ्ती आरिफ कासमी, मुफ्ती वासिफ कासमी और कारी फौजान से इमामत कराई जाए।