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हर स्तर पर हेराफेरी, जांच में खुलेंगी परतें

Mon, 08 Mar 2021 12:01 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Mar 2021 12:01 AM IST
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Rigging at every level, layers will open in investigation
हर स्तर पर हेराफेरी, जांच में खुलेंगी परतें
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सहारनपुर। टपरी स्थित शराब फैक्टरी में टैक्स चोरी के मामले को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। एसआईटी में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने रविवार को हर एक बिंदु पर गहनता से पड़ताल की। जांच पूरी होने पर टैक्स चोरी की परतें खुलना तय माना जा रहा है, क्योंकि उत्पादन, डिस्पैच लेकर कागजों तक में हेराफेरी की गई है। इस खेल में शराब फैक्टरी के अधिकारियों-कर्मचारियों, आबकारी विभाग के अधिकारी, ट्रांसपोर्टरों से लेकर शराब विक्रेता तक सभी शामिल हैं।
जांच में पता चला है कि शराब फैक्टरी से रोजाना एक कंटेनर शराब फर्जी बिल्टी पर निकाली जा रही थी। यही सूचना एसटीएफ तक भी पहुंची थी, जिसके बाद इस खेल का भंडाफोड़ करने के लिए जाल बिछाया गया था। उन्नाव में शराब ठेकेदार अजय जायसवाल के गोदाम से लेकर सहारनपुर के टपरी स्थित फैक्टरी से शराब लादकर निकले कंटेनर का पीछा किया गया था। ताकि आरोपियों को रंगेहाथ पकड़कर खुलासा किया जा सके। इस कार्य में एसटीएफ को कई दिन लग गए।
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अभी तक की कार्रवाई में आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन जगराम पाल, आबकारी निरीक्षक अरविंद वर्मा सहित फैक्टरी मालिक प्रणव अनेजा अभी गिरफ्तार नहीं किए गए हैं। एसआईटी की जांच के साथ ही इनकी गिरफ्तारी भी जल्द होने की संभावना जताई जा रही है।
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फैक्टरी से लेकर उन्नाव गोदाम तक होगी जांच
अभी एसआईटी ने टपरी स्थित फैक्टरी में छानबीन की है, मगर अभी उन्नाव में शराब ठेकेदार अजय जायसवाल के गोदाम पर भी छानबीन होगी। एसआईटी ने फैक्टरी से शराब निकलने सहित अन्य बिंदुओं पर ब्योरा जुटाया है, जिसके बाद उन्नाव स्थित गोदाम में पहुंचने वाली शराब और उसके स्टॉक से भी मिलान किया जाएगा।
उत्पादन और पैकिंग भी
टपरी स्थित शराब फैक्टरी में देशी शराब का उत्पादन किया जा रहा था, जिसे शबनम अंगूरी तीव्र मसालेदार के नाम से पैकिंग कर भेजा जाता था। इसके अलावा रम में सिक्किम, व्हिस्की में ओसीईएएन और वोदका की बॉटलिंग भी यहां की जाती थी।
बार कोड की भी ली जानकारी
शराब पैकिंग के दौरान बोतलों पर लगने वाले बार कोड के बारे में जांच की। फर्जी बार कोड कैसे जनरेट किया जाता था, इसकी भी पड़ताल की गई। दोपहर बाद तक टीम फैक्टरी में जांच करने में लगी रही।
12 अधिकारी हुए निलंबित
टपरी स्थित शराब फैक्टरी से 100 करोड़ टैक्स चोरी के मामले में शासन ने कड़ी कार्रवाई की है। अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने शनिवार रात ही 12 अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इनमें सहारनपुर में कार्यरत उपायुक्त राकेश कुमार चतुर्वेदी, मामले में नामजद सहायक आयुक्त आबकारी जगराम पाल, आबकारी निरीक्षक अरविंद वर्मा, आबकारी निरीक्षक रविंद्र किशोर, आबकारी निरीक्षक रामजीत, आबकारी निरीक्षक पवन कुमार शर्मा और आबकारी निरीक्षक ज्योति सिंह को निलंबित किया गया है।
इन बिंदुओं पर जांच होनी जरूरी
ईएनए की खपत : फैक्टरी में कितने टैंकर ईएनए (एक्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल) प्रतिमाह मंगाया जाता था और कहां-कहां से मंगाया जाता था। बिलों में ईएनए की कितनी मात्रा दर्शाई जा रही थी और उसका कितना भुगतान होता था। इसकी जांच होनी है।

शराब का उत्पादन : प्रतिमाह शराब का कितना उत्पादन किया जा रहा था। उत्पादन के साथ ही पैकिंग की प्रक्रिया क्या थी और कितना रॉ मैटिरियल पैकिंग के लिए बीते महीनों में मंगाया गया।
शराब की सप्लाई : रोजाना कितने कंटेनर शराब फैक्टरी से बाहर निकाली जा रही थी। शराब की कितनी सप्लाई कहां-कहां हो रही थी।
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