{"_id":"60788abd8ebc3ee64e6fcac5","slug":"remedycivir-injection-shortage-in-the-district-demand-250-more-saharanpur-news-mrt5346456188","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी, 250 और मांगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी, 250 और मांगे
विज्ञापन
जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी, 250 और मांगे
सहारनपुर। जनपद में कोरोना संक्रमण 137 लोगों की जान ले चुका है। वर्तमान में भी राजकीय मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में कई गंभीर मरीज जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मगर उनके लिए पर्याप्त मात्रा में रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं हैं। इसकी वजह प्रदेश भर में इंजेक्शन की कमी बताई जा रही है।
सरकार ने कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन को इजाजत दी है, जो केवल अस्पतालों में भर्ती कोरोना के गंभीर रोगियों को ही लगाया जा रहा है। मगर राजकीय मेडिकल कॉलेज सहारनपुर में इन इंजेक्शन की भारी कमी चल रही है। बीते दिनों 100 इंजेक्शन की मांग कॉलेज द्वारा की गई थी, उसके सापेक्ष 75 ही इंजेक्शन दिए गए। अब हाल ही में 25 इंजेक्शन और मिले हैं। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में 13 मरीज भर्ती हैं। आईसीयू के मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने 250 इंजेक्शन की और मांग की है।
410 बेड की व्यवस्था, 2850 बेड रिजर्व में
जनपद के तीनों कोविड अस्पतालों में 410 बेड की व्यवस्था है, जबकि 2850 बेड रिजर्व में रखे गए हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर किसी कॉलेज या स्कूल में डालकर कोविड अस्पताल के रूप में विकसित किया जा सकता है।
विज्ञापन
अस्पताल और उपलब्ध सुविधाएं
अस्पताल------------------- कुल बेड ------- आईसीयू ---- वेेेंटिलेटर
राजकीय मेडिकल कॉलेज --- 300 ----------- 60 बेड------- 60
फतेहपुर सीएचसी ------------ 50 -------------10----------- 05
ग्लोकल मेडिकल कॉलेज ----- 60 -------------10---------- 10
ऑक्सीजन और अन्य सामान
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन के 300 बड़े और 100 छोटे सिलिंडर उपलब्ध हैं। जरूरत के हिसाब से संख्या कम-अधिक होती है। फतेहपुर और ग्लोकल मेडिकल कॉलेज में भी 100-100 से अधिक ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। इनके अलावा पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर आदि सामान रखा गया है।
80 रुपये में पूरे दिन का भोजन
सरकार लगातार डाइट का खर्च कम कर रही है। अभी तक प्रत्येक मरीज का एक दिन का भोजन खर्च 100 रुपये था, जिसे 80 रुपये कर दिया गया है। अब नाश्ते में चना, दलिया, पोहा और चाय दी जा रही है, जबकि लंच में सब्जी, दाल, रोटी और चावल मिल रहे हैं। शाम को चाय और बिस्कुट दिए जाते हैं। रात के भोजन में भी सब्जी, दाल, रोटी और चावल दिए जा रहे हैं। सप्ताह में एक बार पनीर की सब्जी दी जाती है। अंडा अनिवार्य नहीं है, मगर यदि कोई मांग करता है तो अंडा और हल्दी का दूध भी दिया जा रहा है। गर्म पानी नियमित रूप से दिया जा रहा है। बीते वर्ष मरीजों को च्यवनप्राश, काड़ा आदि भी दिया जा रहा था।
होम आइसोलेट मरीजों की सुविधा
कोरोना के जिन मरीजों में कोई लक्षण नहीं होते हैं, उन्हें होम आइसोलट किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि वह शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को जरूरी दवाएं जैसे आइबरमैक्टीन, पैरासिटामौल, एंटीबायोटिक आदि मुहैया करा रहे हैं। साथ ही दिन में दो बार फोन कर हाल पूछा जाता है। इसकी पड़ताल के लिए हमने खानआलमपुरा निवासी एक मरीज से बात की। उन्होंने दस दिन की दवा मिलने और दिन में दो बार फोन आने की बात बताई। नानौता निवासी मरीज ने भी यही बताया। मगर नानौता के ही एक अन्य मरीज से बताया कि उन्हें दवा अभी तक नहीं मिली है।
एक से 14 अप्रैल तक 1251 मरीज मिले
तिथि ----------------- मिले मरीज
एक अप्रैल ------------ 26
दो अप्रैल -------------- 20
तीन अप्रैल ------------ 48
चार अप्रैल ------------ 126
पांच अप्रैल ----------- 43
छह अप्रैल ------------ 126
सात अप्रैल ----------- 52
आठ अप्रैल ----------- 128
नौ अप्रैल ------------- 53
दस अप्रैल ------------ 76
11 अप्रैल ------------- 148
12 अप्रैल ------------- 133
13 अप्रैल ------------- 157
14 अप्रैल ------------- 115
कोरोना से निपटने के पूरे इंतजाम हैं। 410 बेड एक्टिव हैं, जबकि 2850 बेड रिजर्व में रखे हैं। रही बात वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और दवाओं की तो पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। लखनऊ में रेमडेसिविर इंजेक्शन आने की सूचना मिली है। दो-तीन दिन में सहारनपुर को भी इंजेक्शन मिलने की उम्मीद है।
- डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ
विज्ञापन
सहारनपुर। जनपद में कोरोना संक्रमण 137 लोगों की जान ले चुका है। वर्तमान में भी राजकीय मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में कई गंभीर मरीज जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मगर उनके लिए पर्याप्त मात्रा में रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं हैं। इसकी वजह प्रदेश भर में इंजेक्शन की कमी बताई जा रही है।
सरकार ने कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन को इजाजत दी है, जो केवल अस्पतालों में भर्ती कोरोना के गंभीर रोगियों को ही लगाया जा रहा है। मगर राजकीय मेडिकल कॉलेज सहारनपुर में इन इंजेक्शन की भारी कमी चल रही है। बीते दिनों 100 इंजेक्शन की मांग कॉलेज द्वारा की गई थी, उसके सापेक्ष 75 ही इंजेक्शन दिए गए। अब हाल ही में 25 इंजेक्शन और मिले हैं। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में 13 मरीज भर्ती हैं। आईसीयू के मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने 250 इंजेक्शन की और मांग की है।
विज्ञापन
410 बेड की व्यवस्था, 2850 बेड रिजर्व में
जनपद के तीनों कोविड अस्पतालों में 410 बेड की व्यवस्था है, जबकि 2850 बेड रिजर्व में रखे गए हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर किसी कॉलेज या स्कूल में डालकर कोविड अस्पताल के रूप में विकसित किया जा सकता है।
विज्ञापन
अस्पताल और उपलब्ध सुविधाएं
अस्पताल------------------- कुल बेड ------- आईसीयू ---- वेेेंटिलेटर
राजकीय मेडिकल कॉलेज --- 300 ----------- 60 बेड------- 60
फतेहपुर सीएचसी ------------ 50 -------------10----------- 05
ग्लोकल मेडिकल कॉलेज ----- 60 -------------10---------- 10
ऑक्सीजन और अन्य सामान
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन के 300 बड़े और 100 छोटे सिलिंडर उपलब्ध हैं। जरूरत के हिसाब से संख्या कम-अधिक होती है। फतेहपुर और ग्लोकल मेडिकल कॉलेज में भी 100-100 से अधिक ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। इनके अलावा पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर आदि सामान रखा गया है।
80 रुपये में पूरे दिन का भोजन
सरकार लगातार डाइट का खर्च कम कर रही है। अभी तक प्रत्येक मरीज का एक दिन का भोजन खर्च 100 रुपये था, जिसे 80 रुपये कर दिया गया है। अब नाश्ते में चना, दलिया, पोहा और चाय दी जा रही है, जबकि लंच में सब्जी, दाल, रोटी और चावल मिल रहे हैं। शाम को चाय और बिस्कुट दिए जाते हैं। रात के भोजन में भी सब्जी, दाल, रोटी और चावल दिए जा रहे हैं। सप्ताह में एक बार पनीर की सब्जी दी जाती है। अंडा अनिवार्य नहीं है, मगर यदि कोई मांग करता है तो अंडा और हल्दी का दूध भी दिया जा रहा है। गर्म पानी नियमित रूप से दिया जा रहा है। बीते वर्ष मरीजों को च्यवनप्राश, काड़ा आदि भी दिया जा रहा था।
होम आइसोलेट मरीजों की सुविधा
कोरोना के जिन मरीजों में कोई लक्षण नहीं होते हैं, उन्हें होम आइसोलट किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि वह शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को जरूरी दवाएं जैसे आइबरमैक्टीन, पैरासिटामौल, एंटीबायोटिक आदि मुहैया करा रहे हैं। साथ ही दिन में दो बार फोन कर हाल पूछा जाता है। इसकी पड़ताल के लिए हमने खानआलमपुरा निवासी एक मरीज से बात की। उन्होंने दस दिन की दवा मिलने और दिन में दो बार फोन आने की बात बताई। नानौता निवासी मरीज ने भी यही बताया। मगर नानौता के ही एक अन्य मरीज से बताया कि उन्हें दवा अभी तक नहीं मिली है।
एक से 14 अप्रैल तक 1251 मरीज मिले
तिथि ----------------- मिले मरीज
एक अप्रैल ------------ 26
दो अप्रैल -------------- 20
तीन अप्रैल ------------ 48
चार अप्रैल ------------ 126
पांच अप्रैल ----------- 43
छह अप्रैल ------------ 126
सात अप्रैल ----------- 52
आठ अप्रैल ----------- 128
नौ अप्रैल ------------- 53
दस अप्रैल ------------ 76
11 अप्रैल ------------- 148
12 अप्रैल ------------- 133
13 अप्रैल ------------- 157
14 अप्रैल ------------- 115
कोरोना से निपटने के पूरे इंतजाम हैं। 410 बेड एक्टिव हैं, जबकि 2850 बेड रिजर्व में रखे हैं। रही बात वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और दवाओं की तो पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। लखनऊ में रेमडेसिविर इंजेक्शन आने की सूचना मिली है। दो-तीन दिन में सहारनपुर को भी इंजेक्शन मिलने की उम्मीद है।
- डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ