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गैंग लीडर बन सकता है सादर या महताब
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सहारनपुर। पहले साबिर जंधेड़ी एनकाउंटर में मारा गया, फिर वाजिद काला हरियाणा में मरा और अब गैंग लीडर मुकीम काला चित्रकूट जेल में मारा गया। पुलिस का मानना है कि इन तीनों की मौत के बाद अब गैंग का लीडर सादर तीतरो अथवा महताब काना बन सकता है। यह दोनों ही इस गैंग के शार्प शूटर और मुकीम काला के खास रहे हैं। पुलिस भी जेलों में बंद मुकीम गैंग के सदस्यों की हलचल पर नजर रखे हुए हैं्।
दरअसल, मुकीम काला ने अपने गैंग में शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ के साथ ही यमुनानगर (हरियाणा) और दिल्ली तक के बदमाशों को जोड़ रखा था। वर्ष 2011 से 2015 के बीच चार साल के दौरान इस गैंग ने लूट, हत्या, डकैती और रंगदारी मांगने की अनेक वारदात अंजाम दीं। यहां तक कि मुकीम काला ने गौतमबुद्धनगर के बदमाश अनिल दुजाना से हाथ मिलाकर एके-47 और अन्य अत्याधुनिक हथियार तक इकट्ठा कर लिए थे। बाद में 2017 में जब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ तो गैंग बिखरना शुरू हो गया। इसमें सबसे पहले साबिर जंधेडी एनकाउंटर में मारा गया तो उसके बाद वाजिद काला की हरियाणा में हत्या हुई। अब मुकीम काला चित्रकूट जेल में मारा गया है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार अब भी इस गैंग में 15 से ज्यादा बदमाश शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा खतरनाक महताब काना और उसके बाद सादर तीतरो को ही बताया जाता है। पुलिस सूत्रों की मानें तो मुकीम काला के मरने के बाद अब महताब काना और सादर तीतरो में से कोई एक इस गैंग की कमान संभाल सकता है। पूर्व में भी ऐसी आशंका पुलिस जता चुकी थी कि महताब काना और सादर तीतरो को पुलिस कस्टडी से फरार किए जाने की कोशिशें हो सकती हैं।
राजस्थान की जेलों में हैं यह दोनों बदमाश
महताब उर्फ काना उर्फ जीवा उर्फ धन्नू शामली जिले के गांव बलवा गुजरान का रहने वाला है। यह फिलहाल राजस्थान की जयपुर जेल में बंद है। वहीं, सहारनपुर के तीतरो निवासी सादर उर्फ खां साहब भी राजस्थान की अजमेर जेल में बंद है। इसके अलावा गैंग में तेज तर्रार दिमाग रखने वाला मुन्शाद शामली जिले के खंदरावली गांव का रहने वाला है, जो इन दिनों हरियाणा की करनाल जेल में बंद बताया जाता है। जबकि मुकीम का रिश्तेदार मोबीन उर्फ काला यूपी की मैनपुरी जेल में बंद है।
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दरअसल, मुकीम काला ने अपने गैंग में शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ के साथ ही यमुनानगर (हरियाणा) और दिल्ली तक के बदमाशों को जोड़ रखा था। वर्ष 2011 से 2015 के बीच चार साल के दौरान इस गैंग ने लूट, हत्या, डकैती और रंगदारी मांगने की अनेक वारदात अंजाम दीं। यहां तक कि मुकीम काला ने गौतमबुद्धनगर के बदमाश अनिल दुजाना से हाथ मिलाकर एके-47 और अन्य अत्याधुनिक हथियार तक इकट्ठा कर लिए थे। बाद में 2017 में जब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ तो गैंग बिखरना शुरू हो गया। इसमें सबसे पहले साबिर जंधेडी एनकाउंटर में मारा गया तो उसके बाद वाजिद काला की हरियाणा में हत्या हुई। अब मुकीम काला चित्रकूट जेल में मारा गया है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार अब भी इस गैंग में 15 से ज्यादा बदमाश शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा खतरनाक महताब काना और उसके बाद सादर तीतरो को ही बताया जाता है। पुलिस सूत्रों की मानें तो मुकीम काला के मरने के बाद अब महताब काना और सादर तीतरो में से कोई एक इस गैंग की कमान संभाल सकता है। पूर्व में भी ऐसी आशंका पुलिस जता चुकी थी कि महताब काना और सादर तीतरो को पुलिस कस्टडी से फरार किए जाने की कोशिशें हो सकती हैं।
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राजस्थान की जेलों में हैं यह दोनों बदमाश
महताब उर्फ काना उर्फ जीवा उर्फ धन्नू शामली जिले के गांव बलवा गुजरान का रहने वाला है। यह फिलहाल राजस्थान की जयपुर जेल में बंद है। वहीं, सहारनपुर के तीतरो निवासी सादर उर्फ खां साहब भी राजस्थान की अजमेर जेल में बंद है। इसके अलावा गैंग में तेज तर्रार दिमाग रखने वाला मुन्शाद शामली जिले के खंदरावली गांव का रहने वाला है, जो इन दिनों हरियाणा की करनाल जेल में बंद बताया जाता है। जबकि मुकीम का रिश्तेदार मोबीन उर्फ काला यूपी की मैनपुरी जेल में बंद है।
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