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रविंद्र मिगलानी का आईआईए से त्यागपत्र, लगाए गंभीर आरोप
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सहारनपुर। इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन (आईआईए) चैप्टर सहारनपुर में चल रही कलह अब खुलकर सामने आ गई है आईआईए के निवर्तमान चैप्टर चेयरमैन रविंद्र मिगलानी ने त्यागपत्र दे दिया है और कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दावा किया है कि वर्तमान पदाधिकारियों के तानाशाही रवैये के कारण कई सदस्य भी इस्तीफा दे रहे हैं।
इस बारे में रविंद्र मिगलानी ने रविवार को ही संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र भेजा है। इसमें कहा कि वह 34 साल से आईआईए के सदस्य हैं और वर्ष 2019 -20 और 2020 -21 में चैप्टर चेयरमैन रहे। उनके कार्यकाल में बेस्ट चैप्टर का सम्मान भी मिला है।
उन्होंने बताया नौ जुलाई को जब कार्यकारी पदाधिकारियों की मीटिंग हुई, तब आईआईए के प्रोटोकॉल और समृद्ध परंपरा को दरकिनार कर उनके साथ पीड़ादायक व्यवहार किया। जबकि संगठन ने उन्हें मंडल स्तर पर भी जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद भी वर्तमान कार्यकारिणी के कुछ पदाधिकारियों ने जानबूझकर ऐसा व्यवहार किया। रविंद्र मिगलानी ने कहा नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को निवर्तमान पदाधिकारियों द्वारा ही कार्यभार सौंपा जाता है, ऐसा पहले से होता आया है।
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इस पूरे मामले के बारे में उसी दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी अवगत कराया और पदाधिकारियों से भी निवेदन किया कि उनके आत्म सम्मान को जो ठेस पहुंचाई गई, उस पर खेद व्यक्त करके परस्पर तालमेल से कार्य किया जाए, लेकिन 23 दिन बाद भी इस विषय पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। रविंद्र मिगलानी ने आरोप लगाया कि कुछ पदाधिकारियों के अहम की वजह से संगठन के कई सदस्य आहत हैं, क्योंकि दो तीन पदाधिकारियों द्वारा मनमानी की जा रही है। उन्होंने अपने त्यागपत्र के साथ ही 20 से ज्यादा सदस्यों के भी त्यागपत्र देने का दावा किया है।
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इस बारे में रविंद्र मिगलानी ने रविवार को ही संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र भेजा है। इसमें कहा कि वह 34 साल से आईआईए के सदस्य हैं और वर्ष 2019 -20 और 2020 -21 में चैप्टर चेयरमैन रहे। उनके कार्यकाल में बेस्ट चैप्टर का सम्मान भी मिला है।
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उन्होंने बताया नौ जुलाई को जब कार्यकारी पदाधिकारियों की मीटिंग हुई, तब आईआईए के प्रोटोकॉल और समृद्ध परंपरा को दरकिनार कर उनके साथ पीड़ादायक व्यवहार किया। जबकि संगठन ने उन्हें मंडल स्तर पर भी जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद भी वर्तमान कार्यकारिणी के कुछ पदाधिकारियों ने जानबूझकर ऐसा व्यवहार किया। रविंद्र मिगलानी ने कहा नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को निवर्तमान पदाधिकारियों द्वारा ही कार्यभार सौंपा जाता है, ऐसा पहले से होता आया है।
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इस पूरे मामले के बारे में उसी दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी अवगत कराया और पदाधिकारियों से भी निवेदन किया कि उनके आत्म सम्मान को जो ठेस पहुंचाई गई, उस पर खेद व्यक्त करके परस्पर तालमेल से कार्य किया जाए, लेकिन 23 दिन बाद भी इस विषय पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। रविंद्र मिगलानी ने आरोप लगाया कि कुछ पदाधिकारियों के अहम की वजह से संगठन के कई सदस्य आहत हैं, क्योंकि दो तीन पदाधिकारियों द्वारा मनमानी की जा रही है। उन्होंने अपने त्यागपत्र के साथ ही 20 से ज्यादा सदस्यों के भी त्यागपत्र देने का दावा किया है।