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Saharanpur News: अतिक्रमण की जकड़ में रायवाला बाजार
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सहारनपुर के रायवाला कपड़ा मार्केट में सड़क तक लगी दुकानें । संवाद
-तीन सौ से अधिक दुकानों वाले बाजार में पार्किंग का संकट, जाम से ग्राहक परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। उत्तर भारत का प्रमुख कपड़ा बाजार रायवाला अतिक्रमण की जकड़ में है। ज्यादातर दुकानें सड़कों पर सजती हैं। इसके अलावा रेहड़ी और थड़े भी सड़कों पर लग रहे हैं। इसकी वजह से स्थानीय के साथ ही दूर-दराज से आने वाले ग्राहकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
हरियाणा, उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश के ही विभिन्न जनपदों से लोग कपड़ा खरीदने रायवाला आते हैं। यहां छोटी-बड़ी 300 से अधिक दुकानें हैं। दुकानें सड़क पर लगने के साथ ही दुकानदारों और ग्राहकों के वाहन भी सड़क पर ही पार्क किए जाते हैं। इसकी वजह से चौपहिया वाहनों की निकलना मुश्किल रहता है। इसी कारण जाम लगता है। यदि कभी आग लगने की घटना हो जाए तो अग्निशमन विभाग की गाड़ियां तक नहीं जा पाएंगी।
नगर निगम का अतिक्रमणरोधी दस्ता और यातायात पुलिस की नाकामी के कारण समस्या लगातार बढ़ रही है। इसी मार्ग पर जेबीएस इंटर कॉलेज भी है। छात्राओं को भी जाम से निकलने में असुविधा रहती है। मुन्नालाल कॉलेज की भी अनेक छात्राएं बाजार से होकर गुजरती हैं। कभी अभियान चलता भी है तो हटाने के कुछ ही मिनट बाद फिर अतिक्रमण हो जाता है।
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-- नागरिकों की बात
- सूरजमल का कहना है कि पूरा शहर रायवाला के कपड़ा बाजार से सहारनपुर की पहचान है। बाजार अतिक्रमण से मुक्त रहना चाहिए, क्योंकि वहां दूर-दराज से ग्राहक आते हैं।
- जोगिंदर का कहना है कि पूरा शहर ही अतिक्रमण की जकड़ में है। उन्हें अक्सर रायवाला जाना होता है, जहां बाइक तक लेकर निकलना मुश्किल रहता है।
- सुमित ने बताया कि रायवाला क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था नगर निगम को करनी चाहिए। पार्किंग नहीं होने के कारण वाहन सड़कों पर खड़े होते हैं, जो जाम का कारण बनते हैं।
- नरेश सुखीजा का कहना है कि अतिक्रमण किसी दिन बाजार के लिए खतरा बन सकता है। क्योंकि आपात स्थिति में गाड़ियों तक के पहुंचने की जगह नहीं है।
-- -- --
रायवाला क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है। व्यापारियों और आम नागरिकों को भी इसका ध्यान रखना चाहिए कि उनकी वजह से अतिक्रमण न हो।
सुधीर शर्मा, अतिक्रमण प्रभारी, नगर निगम
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। उत्तर भारत का प्रमुख कपड़ा बाजार रायवाला अतिक्रमण की जकड़ में है। ज्यादातर दुकानें सड़कों पर सजती हैं। इसके अलावा रेहड़ी और थड़े भी सड़कों पर लग रहे हैं। इसकी वजह से स्थानीय के साथ ही दूर-दराज से आने वाले ग्राहकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
हरियाणा, उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश के ही विभिन्न जनपदों से लोग कपड़ा खरीदने रायवाला आते हैं। यहां छोटी-बड़ी 300 से अधिक दुकानें हैं। दुकानें सड़क पर लगने के साथ ही दुकानदारों और ग्राहकों के वाहन भी सड़क पर ही पार्क किए जाते हैं। इसकी वजह से चौपहिया वाहनों की निकलना मुश्किल रहता है। इसी कारण जाम लगता है। यदि कभी आग लगने की घटना हो जाए तो अग्निशमन विभाग की गाड़ियां तक नहीं जा पाएंगी।
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नगर निगम का अतिक्रमणरोधी दस्ता और यातायात पुलिस की नाकामी के कारण समस्या लगातार बढ़ रही है। इसी मार्ग पर जेबीएस इंटर कॉलेज भी है। छात्राओं को भी जाम से निकलने में असुविधा रहती है। मुन्नालाल कॉलेज की भी अनेक छात्राएं बाजार से होकर गुजरती हैं। कभी अभियान चलता भी है तो हटाने के कुछ ही मिनट बाद फिर अतिक्रमण हो जाता है।
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- सूरजमल का कहना है कि पूरा शहर रायवाला के कपड़ा बाजार से सहारनपुर की पहचान है। बाजार अतिक्रमण से मुक्त रहना चाहिए, क्योंकि वहां दूर-दराज से ग्राहक आते हैं।
- जोगिंदर का कहना है कि पूरा शहर ही अतिक्रमण की जकड़ में है। उन्हें अक्सर रायवाला जाना होता है, जहां बाइक तक लेकर निकलना मुश्किल रहता है।
- सुमित ने बताया कि रायवाला क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था नगर निगम को करनी चाहिए। पार्किंग नहीं होने के कारण वाहन सड़कों पर खड़े होते हैं, जो जाम का कारण बनते हैं।
- नरेश सुखीजा का कहना है कि अतिक्रमण किसी दिन बाजार के लिए खतरा बन सकता है। क्योंकि आपात स्थिति में गाड़ियों तक के पहुंचने की जगह नहीं है।
रायवाला क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है। व्यापारियों और आम नागरिकों को भी इसका ध्यान रखना चाहिए कि उनकी वजह से अतिक्रमण न हो।
सुधीर शर्मा, अतिक्रमण प्रभारी, नगर निगम