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रेलवे कर्मचारियों को नहीं मिली बाइक रैली की अनुमति
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निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते नारदर्न रेलवे मेंस यूनियन से जुड़े कर्मचारी।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। नादर्न रेलवे मेंस यूनियन की निजीकरण सहित अन्य मुद्दों को लेकर शुरू किए आंदोलन के तहत बृहस्पतिवार को बाइक रैली प्रस्तावित थी, लेकिन जिला प्रशासन ने बाइक रैली की अनुमति नहीं दी। इसके चलते रेल कर्मचारियों ने सोशल डिस्टेंस के साथ प्रदर्शन किया और कर्मचारियों के साथ जनसंपर्क किया।
रेलवे कर्मचारियों के प्रस्तावित आंदोलन के तहत बाइक रैली के साथ ही मशाल जुलूस निकालने की तैयारी थी। एनआरएमयू शाखा सचिव अवतार सिंह ने बताया कि इसकी अनुमति न मिलने के कारण जनसंपर्क ही किया। खान आलमपुरा यार्ड में सरकार की नीतियों के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शाखा लखपत सिंह, सुरेश चंद पांडेय सहित अन्य कर्मचारियों ने कहा कि रेलवे का निजीकरण होने से कर्मचारियों के साथ ही यात्रियों को भी परेशानी होंगी। उन्होंने रेलवे स्टेशनों और जमीनों को न बेचने, डीए को फ्रीज न करने, पुरानी पेंशन को बहाल करने, 50 या 55 साल की उम्र में ही सेवानिवृत्ति जैसे नियमों पर रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने बताया 18 सितंबर को भी जनजागरण अभियान चलेगा और 19 सितंबर को काला फीता बांधकर सरकार की नीतियों का विरोध होगा । शाखा सचिव परमजीत सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने रेलवे आवासों में पहुंचकर कर्मचारियों के साथ ही उनके परिवारों को भी सरकार की इन नीतियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
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रेलवे कर्मचारियों के प्रस्तावित आंदोलन के तहत बाइक रैली के साथ ही मशाल जुलूस निकालने की तैयारी थी। एनआरएमयू शाखा सचिव अवतार सिंह ने बताया कि इसकी अनुमति न मिलने के कारण जनसंपर्क ही किया। खान आलमपुरा यार्ड में सरकार की नीतियों के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शाखा लखपत सिंह, सुरेश चंद पांडेय सहित अन्य कर्मचारियों ने कहा कि रेलवे का निजीकरण होने से कर्मचारियों के साथ ही यात्रियों को भी परेशानी होंगी। उन्होंने रेलवे स्टेशनों और जमीनों को न बेचने, डीए को फ्रीज न करने, पुरानी पेंशन को बहाल करने, 50 या 55 साल की उम्र में ही सेवानिवृत्ति जैसे नियमों पर रोक लगाने की मांग की।
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उन्होंने बताया 18 सितंबर को भी जनजागरण अभियान चलेगा और 19 सितंबर को काला फीता बांधकर सरकार की नीतियों का विरोध होगा । शाखा सचिव परमजीत सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने रेलवे आवासों में पहुंचकर कर्मचारियों के साथ ही उनके परिवारों को भी सरकार की इन नीतियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
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