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रेल कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 06 Feb 2017 11:51 PM IST
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हंगामा करते रेल कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में नॉरदर्न रेलवे मेंस यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने केंद्र सरकार पर कर्मचारी हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए पहले जुलूस निकाला और इसके बाद में रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया।
समस्याओं का निस्तारण न होने की स्थिति में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। स्टेशन के मुख्य द्वार पर आयोजित धरने को संबोधित करते हुए शाखा सचिव परमजीत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने 4200 और 4600 ग्रेड-पे वाले कर्मचारियों को ट्रेड यूनियन से बाहर करने को जो फरमान जारी किया है,
वह निंदनीय है। एनआरएमयू इसका पुरजोर विरोध करती है। कहा कि सेफ्टी कैटेगरी में सवा लाख पद खाली पड़े हैं, जिन्हें भरने को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग उठाई।
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अध्यक्ष फूल सिंह ने कहा कि एनआरएमयू रेलवे को प्राइवेट हाथों में नहीं जाने देगी। साथ ही शत प्रतिशत एफडीआई को भी लागू नहीं होने दिया जाएगा। सचिव विनीत हेम्ब्रोम लगातार घट रही कर्मचारी संख्या की वजह से बढ़ रहे काम के बोझ पर चिंता जताई।
यूनियन ने तमाम समस्याओं का समाधान शीघ्र न होने पर विशाल आंदोलन करने की चेतावनी दी। धरने में जीएस विद्यार्थी, राकेश शर्मा, सतेंद्र, रामप्रसाद, अनिल, राजकुमार, दिलीप, प्रदीप गिल्होत्रा, दुष्यंत, विनोद कुमार, सुधीर कुमार, रामदयाल, गुरप्रीत सिंह, विजेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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समस्याओं का निस्तारण न होने की स्थिति में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। स्टेशन के मुख्य द्वार पर आयोजित धरने को संबोधित करते हुए शाखा सचिव परमजीत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने 4200 और 4600 ग्रेड-पे वाले कर्मचारियों को ट्रेड यूनियन से बाहर करने को जो फरमान जारी किया है,
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वह निंदनीय है। एनआरएमयू इसका पुरजोर विरोध करती है। कहा कि सेफ्टी कैटेगरी में सवा लाख पद खाली पड़े हैं, जिन्हें भरने को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। उन्होंने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग उठाई।
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अध्यक्ष फूल सिंह ने कहा कि एनआरएमयू रेलवे को प्राइवेट हाथों में नहीं जाने देगी। साथ ही शत प्रतिशत एफडीआई को भी लागू नहीं होने दिया जाएगा। सचिव विनीत हेम्ब्रोम लगातार घट रही कर्मचारी संख्या की वजह से बढ़ रहे काम के बोझ पर चिंता जताई।
यूनियन ने तमाम समस्याओं का समाधान शीघ्र न होने पर विशाल आंदोलन करने की चेतावनी दी। धरने में जीएस विद्यार्थी, राकेश शर्मा, सतेंद्र, रामप्रसाद, अनिल, राजकुमार, दिलीप, प्रदीप गिल्होत्रा, दुष्यंत, विनोद कुमार, सुधीर कुमार, रामदयाल, गुरप्रीत सिंह, विजेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।