{"_id":"65e229b9316ada9e030f00f4","slug":"rahul-gandhis-team-has-been-sold-to-bjp-and-rss-maulana-badruddin-saharanpur-news-c-34-1-smrt1024-104193-2024-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीजेपी और आरएसएस के हाथों बिकी हुई है राहुल गांधी की टीम : मौलाना बदरुद्दीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीजेपी और आरएसएस के हाथों बिकी हुई है राहुल गांधी की टीम : मौलाना बदरुद्दीन
Sat, 02 Mar 2024 12:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 02 Mar 2024 12:47 AM IST
विज्ञापन
देवबंद। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि राहुल गांधी की टीम बीजेपी और आरएसएस के हाथों बिकी हुई है। उन पर भाजपा से मिले होने का आरोप लगाने वाले राहुल गांधी अब इसके बारे में क्या कहेंगे।
असम की डूबरी सीट से सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने देवबंद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन को हमने बिना किसी शर्त समर्थन दिया है, जो आगे भी जारी रहेगी। एनडीए और गठबंधन के बीच चुनाव में कांटे की टक्कर होगी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में असम में उनकी पार्टी तीन सीट जीत रही है। चुनाव बाद जब एक-एक सीट को लेकर मारामारी चल रही होगी, उस समय वह बिना किसी शर्त के अपना समर्थन इंडिया गठबंधन को देंगे। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन नहीं टूटा है। नीतीश कुमार ही गए हैं, लेकिन अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी भी वापस आ गई। शरद पंवार और शिवसेना वाले भी वापस आ गए। हम दिलों जान से गठबंधन के साथ हैं। हम एनडीए के साथ नहीं जा सकते, क्योंकि उनसे हमारे वैचारिक मतभेद हैं।
विज्ञापन
असम की डूबरी सीट से सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने देवबंद में मीडिया से बात करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन को हमने बिना किसी शर्त समर्थन दिया है, जो आगे भी जारी रहेगी। एनडीए और गठबंधन के बीच चुनाव में कांटे की टक्कर होगी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में असम में उनकी पार्टी तीन सीट जीत रही है। चुनाव बाद जब एक-एक सीट को लेकर मारामारी चल रही होगी, उस समय वह बिना किसी शर्त के अपना समर्थन इंडिया गठबंधन को देंगे। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन नहीं टूटा है। नीतीश कुमार ही गए हैं, लेकिन अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी भी वापस आ गई। शरद पंवार और शिवसेना वाले भी वापस आ गए। हम दिलों जान से गठबंधन के साथ हैं। हम एनडीए के साथ नहीं जा सकते, क्योंकि उनसे हमारे वैचारिक मतभेद हैं।
विज्ञापन