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गन्ने की फसल पर दिखा पायरिला कीट का प्रकोप
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सहारनपुर। गन्ने की फसल पर पायरिला कीट का प्रकोप दिखाई देने लगा है। यह कीट गन्ने की पत्तियों का रस चूसकर उसकी बढ़वार को प्रभावित करता है। इसके प्रकोप से गन्ने से शुगर रिकवरी पर भी विपरीत असर पड़ता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और फसल सुरक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉ. आईके कुशवाहा ने बताया कि देवबंद और नागल विकास खंड क्षेत्र में भ्रमण के दौरान गन्ने के कई खेेतों में पायरिला कीट का प्रकोप दिखाई दिया। पायरिला कीट तिकाने आकार और भूरे रंग का होता है। यह कीट झुंड में पाया जाता है। इसके शिशु सफेद रंग का होता, जिसकी दो पूंछ पाईं जाती हैं। पायरिला के शिशु और प्रौढ़ (दोनों) की पत्तियों से रस चूसते हैं, इससे पत्तियां पीली पड़ जाती हैं। रस चूसते समय यह कीट मधुस्राव करता है। इससे ब्लैक मोल्ड फफूंदी बढ़ती और पत्तियों के ऊपरी भाग पर कालापन बढ़ जाता है। पत्तियों से भोजन नहीं बनने के चलते पौधा कमजोर हो जाता है और इसमें शुगर रिकवरी भी कम हो जाती है।
इस कीट पर नियंत्रण के लिए चरी, मक्का एवं बाजरे के पत्तों पर रहने वाले परजीवी कीट इंपीरिकेनिया मिलेनोल्यूका का एकत्र कर पायरिला ग्रस्त गन्ने के अगोले पर छोड़ दिया जाए। यह परजीवी कीट पायरिला के अंड़ों, प्रौढ़ एवं शिशु को नष्ट कर देता है। यदि पायरिला का प्रकोप बहुत अधिक हो और परजीवी कीट उपलब्ध न हो तो किसान रसायनिक कीटनाशकों का प्रयोग कर सकते हैं। इस कीट से ग्रसित गन्ने के खेत में यूरिया का अधिक प्रयोग न करें। नाइट्रोजन के अधिक प्रयोग वाले खेत में पायरिला कीट का प्रकोप बढ़ता है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और फसल सुरक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉ. आईके कुशवाहा ने बताया कि देवबंद और नागल विकास खंड क्षेत्र में भ्रमण के दौरान गन्ने के कई खेेतों में पायरिला कीट का प्रकोप दिखाई दिया। पायरिला कीट तिकाने आकार और भूरे रंग का होता है। यह कीट झुंड में पाया जाता है। इसके शिशु सफेद रंग का होता, जिसकी दो पूंछ पाईं जाती हैं। पायरिला के शिशु और प्रौढ़ (दोनों) की पत्तियों से रस चूसते हैं, इससे पत्तियां पीली पड़ जाती हैं। रस चूसते समय यह कीट मधुस्राव करता है। इससे ब्लैक मोल्ड फफूंदी बढ़ती और पत्तियों के ऊपरी भाग पर कालापन बढ़ जाता है। पत्तियों से भोजन नहीं बनने के चलते पौधा कमजोर हो जाता है और इसमें शुगर रिकवरी भी कम हो जाती है।
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इस कीट पर नियंत्रण के लिए चरी, मक्का एवं बाजरे के पत्तों पर रहने वाले परजीवी कीट इंपीरिकेनिया मिलेनोल्यूका का एकत्र कर पायरिला ग्रस्त गन्ने के अगोले पर छोड़ दिया जाए। यह परजीवी कीट पायरिला के अंड़ों, प्रौढ़ एवं शिशु को नष्ट कर देता है। यदि पायरिला का प्रकोप बहुत अधिक हो और परजीवी कीट उपलब्ध न हो तो किसान रसायनिक कीटनाशकों का प्रयोग कर सकते हैं। इस कीट से ग्रसित गन्ने के खेत में यूरिया का अधिक प्रयोग न करें। नाइट्रोजन के अधिक प्रयोग वाले खेत में पायरिला कीट का प्रकोप बढ़ता है।
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