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शराब के खिलाफ प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर मनिहारान
Updated Wed, 18 May 2016 12:27 AM IST
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रामपुर मनिहारान तहसील दिवस में शराब के विरोध में प्रदर्शन करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव मल्हीपुर के बाद अब गांव जगरौली की महिलाओं ने कच्ची शराब माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तहसील दिवस के दौरान गांव की महिलाओं ने हाथों में नारे लिखी तख्तियों के साथ सीडीओ के समक्ष नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।
गांव जगरोली की महिलाएं मंगलवार को एकत्र होकर तहसील दिवस में पहुंची। सीडीओ दीपक मीणा से मिली और उन्हें अपना शिकायती पत्र सौंपा। कहा कि कच्ची शराब, भांग व चरस का कारोबार करने वालों के यहां शाम होते ही कई गांवों के लोग जमा हो जाते हैं।
नशे में ये लोग महिलाओं को गलत निगाह से देखते हैं। गांव के छोटे बच्चे भी नशे की लत का शिकार हो रहे हैं। गांव में अत्यधिक नशे के कारण पांच युवक पागल तक हो गए हैं। आरोप लगाया कि गांव में एक विकलांग भी नशे के अवैध धंधे को कर रहा है।
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पुलिस सब कुछ जानते हुए भी उस पर कार्रवाई नहीं करती है। महिला मुन्नी, राजवती, राखी, ओमवती, सत्यवती, भरतू, गीता, समलेश, मुनेष आदि ने अधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि गांव में कच्ची शराब, भांग, चरस बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अन्यथा उग्र आंदोलन को बाध्य होंगी। सीडीओ ने थाना प्रभारी को इस मामले मे सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद ही आंदोलनकारी महिलाएं शांत होकर गांव को लौट गई।
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गांव जगरोली की महिलाएं मंगलवार को एकत्र होकर तहसील दिवस में पहुंची। सीडीओ दीपक मीणा से मिली और उन्हें अपना शिकायती पत्र सौंपा। कहा कि कच्ची शराब, भांग व चरस का कारोबार करने वालों के यहां शाम होते ही कई गांवों के लोग जमा हो जाते हैं।
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नशे में ये लोग महिलाओं को गलत निगाह से देखते हैं। गांव के छोटे बच्चे भी नशे की लत का शिकार हो रहे हैं। गांव में अत्यधिक नशे के कारण पांच युवक पागल तक हो गए हैं। आरोप लगाया कि गांव में एक विकलांग भी नशे के अवैध धंधे को कर रहा है।
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पुलिस सब कुछ जानते हुए भी उस पर कार्रवाई नहीं करती है। महिला मुन्नी, राजवती, राखी, ओमवती, सत्यवती, भरतू, गीता, समलेश, मुनेष आदि ने अधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि गांव में कच्ची शराब, भांग, चरस बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अन्यथा उग्र आंदोलन को बाध्य होंगी। सीडीओ ने थाना प्रभारी को इस मामले मे सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद ही आंदोलनकारी महिलाएं शांत होकर गांव को लौट गई।