{"_id":"63af2944133388466f7aba1a","slug":"projects-started-the-dream-of-completion-remained-incomplete-saharanpur-news-mrt6199255158","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: परियोजनाएं शुरू तो हुईं, पूर्ण होने का सपना रह गया अधूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: परियोजनाएं शुरू तो हुईं, पूर्ण होने का सपना रह गया अधूरा
विज्ञापन
सहारनपुर। महानगर के विकास से जुड़ी केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना 2022 में भी कोई खास बदलाव नहीं ला सकी। परियोजनाओं पर काम तो शुरू हुआ। योजना से जुड़े अधिकारियों ने बैठकें खूब कीं और बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन कार्यदायी संस्थाओं की लेटलतीफी पूर्ण कार्यशैली के चलते परियोजनाएं लटकी रह गईं। इनमें कई परियोजनाएं ऐसी भी हैं, जो गत वर्ष से चल रहीं हैं, लेकिन अब भी जल्द पूर्ण होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। जिन 21 वार्डों को एबीडी (एरिया बेस्ड डेवलेपमेंट) में लिया गया है। वहां भी कुछ जगहों पर केवल सीवर लाइन डालने का ही काम हुआ है। शेष व्यवस्था पुरानी ही चल रही है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण नगर निगम परिसर में स्थापित आईसीसीसी (इंटीग्रेटड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) है, जहां से अनेक व्यवस्थाएं संचालित होनी हैं, लेकिन वह भी अभी तक पूरी तरह चालू नहीं हो सका है। पेश है रिपोर्ट...
------
ट्रैफिक सिग्नल लगाने में बीत गया साल
स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर की यातायात व्यवस्था ट्रैफिक सिग्नल से संचालित होनी है। इसके लिए सभी प्रमुख चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने का कार्य शुरू हुआ, लेकिन अभी तक भी सभी जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल नहीं लगे हैं। जिन चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा चुके हैं वहां उनको चलाने का दो बार ट्रायल हो चुका है, लेकिन ट्रॉयल ही में जाम की समस्या बन गई। ट्रैफिक सिग्नल कब से पूरी तरह काम करना शुरू करेंगे? यह कह पाना अधिकारियों के लिए भी मुश्किल है।
------
सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य लटका
महानगर में यातायात व्यवस्था पर नजर रखने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए शहर भर के चौराहों, तिराहों, प्रमुख मार्गों एक हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। अभी तक कुछ ही चौराहों और तिराहों पर ही सीसीटीवी लगाए गए हैं। अन्य तमाम जगहों पर सीसीटीवी लगाने के लिए लाइनें खींचीं और खंभे लगाए जा रहे हैं। यह कार्य 2021 से संचालित है, जिसके अभी जल्द ही पूरा होने की संभावना कम है।
विज्ञापन
------
स्मार्ट क्लास के लिए हुई भागदौड़
महानगर के 20 विद्यालयों में 22 स्मार्ट क्लास बनाने का कार्य 2020 में शुरू हुआ था, लेकिन अधिकारियों और कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण स्मार्ट क्लास विकसित करने का कार्य करीब 20 फीसदी पूर्ण कर बंद कर दिया गया। उक्त कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका है। इसके अलावा महानगर के दो राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 25 स्मार्ट क्लास बनाई जानी हैं। लैब और अन्य भवन निर्माण होने हैं, जिनके लिए अधिकारियों ने विद्यालयों के खूब चक्कर लगाए हैं बैठकें भी की हैं, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ।
------
सड़क और सीवर कार्य भी अधूरा
स्मार्ट सिटी योजना के तहत कुल 23 किलोमीटर की स्मार्ट रोड बनाई जानी हैं। इनमें घंटाघर से कोर्ट रोड पुल और घंटाघर से रेलवे स्टेेशन तक करीब एक किलोमीटर की सड़क को स्मार्ट रोड बनाने का कार्य 2021 में शुरू हुआ था, लेकिन यह सड़कें अभी तक 50 फीसदी भी पूर्ण नहीं हो सकी हैं। इसी प्रकार सीवर लाइन डालने का कार्य भी करीब एक साल से चल रहा है, जिसमें अभी कई काम होने बाकी हैं।
विज्ञापन
------
ट्रैफिक सिग्नल लगाने में बीत गया साल
स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर की यातायात व्यवस्था ट्रैफिक सिग्नल से संचालित होनी है। इसके लिए सभी प्रमुख चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने का कार्य शुरू हुआ, लेकिन अभी तक भी सभी जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल नहीं लगे हैं। जिन चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा चुके हैं वहां उनको चलाने का दो बार ट्रायल हो चुका है, लेकिन ट्रॉयल ही में जाम की समस्या बन गई। ट्रैफिक सिग्नल कब से पूरी तरह काम करना शुरू करेंगे? यह कह पाना अधिकारियों के लिए भी मुश्किल है।
विज्ञापन
------
सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य लटका
महानगर में यातायात व्यवस्था पर नजर रखने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए शहर भर के चौराहों, तिराहों, प्रमुख मार्गों एक हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। अभी तक कुछ ही चौराहों और तिराहों पर ही सीसीटीवी लगाए गए हैं। अन्य तमाम जगहों पर सीसीटीवी लगाने के लिए लाइनें खींचीं और खंभे लगाए जा रहे हैं। यह कार्य 2021 से संचालित है, जिसके अभी जल्द ही पूरा होने की संभावना कम है।
विज्ञापन
------
स्मार्ट क्लास के लिए हुई भागदौड़
महानगर के 20 विद्यालयों में 22 स्मार्ट क्लास बनाने का कार्य 2020 में शुरू हुआ था, लेकिन अधिकारियों और कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण स्मार्ट क्लास विकसित करने का कार्य करीब 20 फीसदी पूर्ण कर बंद कर दिया गया। उक्त कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका है। इसके अलावा महानगर के दो राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 25 स्मार्ट क्लास बनाई जानी हैं। लैब और अन्य भवन निर्माण होने हैं, जिनके लिए अधिकारियों ने विद्यालयों के खूब चक्कर लगाए हैं बैठकें भी की हैं, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ।
------
सड़क और सीवर कार्य भी अधूरा
स्मार्ट सिटी योजना के तहत कुल 23 किलोमीटर की स्मार्ट रोड बनाई जानी हैं। इनमें घंटाघर से कोर्ट रोड पुल और घंटाघर से रेलवे स्टेेशन तक करीब एक किलोमीटर की सड़क को स्मार्ट रोड बनाने का कार्य 2021 में शुरू हुआ था, लेकिन यह सड़कें अभी तक 50 फीसदी भी पूर्ण नहीं हो सकी हैं। इसी प्रकार सीवर लाइन डालने का कार्य भी करीब एक साल से चल रहा है, जिसमें अभी कई काम होने बाकी हैं।