सहारनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी सुमिता ने जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बंदियों के मुकदमों में पैरवी करने के लिए अधिवक्ता नहीं हैं, उनसे आवेदन पत्र प्राप्त कर उनके कार्यालय को भिजवाएं। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ऐसे बंदियों के मुकदमों की पैरवी करने के लिए नि:शुल्क विधिक सहायता योजना के तहत अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश सर्वेश कुमार के मार्गदर्शन में उन्होंने सोमवार को कारागार में निरुद्ध बंदियों से वर्चुअल विधिक साक्षरता शिविर के माध्यम से जानकारी ली। उन्होंने बंदियों से अलग अलग वार्ता कर उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने बंदियों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि जो अभियुक्त छोटे छोटे मामलों में जेल में निरुद्ध हैं और वह अपना जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर निस्तारित कराना चाहते हैं, तो वह जेल अधीक्षक के माध्यम से या स्वयं संबंधित न्यायालय में उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। उन्होंने चिकित्सक डॉ. प्रवीन पुंडीर से कारागार हॉस्पिटल में निरुद्ध बंदियों के स्वास्थ्य एवं उपचार की जानकारी ली। जेल प्रशासन ने बताया कि वर्तमान में जेल में 26 बंदी कोरोना संक्रमित हैं। इस दौरान डिप्टी जेलर हिमांशु रौतेला, राजकुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।