सहारनपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बृहस्पतिवार को बिजली कर्मचारियों ने घंटाघर स्थित बिजलीघर पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वे विद्युत निगम में और निजीकरण नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बीच कुछ राज्यों में विद्युत वितरण की सेवाओं को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। ऐसी नीतियां न तो कर्मचारियों के हित में हैं और न ही उपभोक्ताओं के हित में ही हैं।
समिति के जिला संयोजक प्रदीप सिंह यादव, अभियंता अक्षय कुमार, ओमप्रकाश और एके वर्मा ने कहा कि ऐसी नीतियों से सबसे अधिक परेशानी घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को होगी। ऐसी नीति बनाई जा रही है जिसे निजी कंपनियां 16 प्रतिशत तक मुनाफा ले सकेंगी। ऐसी स्थिति में 10 रुपये प्रति यूनिट से कम दर पर उपभोक्ता को बिजली उपलब्ध नहीं हो सकेगी। विद्युत उपभोक्ता किसी तरह के उत्पीड़न के लिए सरकारी सिस्टम को जिम्मेदार तक नहीं बता पाएंगे। वे निजी क्षेत्र पर ही निर्भर हो जाएंगे। उन्होंने ऐसी नीतियों को लागू न करने, निगम में लंबे समय से काम कर रहे संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, सभी संवर्गों में वेतन विसंगतियों को दूर करने सहित अन्य मुद्दों को भी उठाया। इस दौरान काफी संख्या में अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।