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Saharanpur News: छह महीने से वेतन के लिए भटक रही प्रधानाचार्या धरने पर बैठी
Wed, 07 Jun 2023 12:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 07 Jun 2023 12:06 AM IST
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सहारनपुर। छह महीने से वेतन नहीं मिलने से आहत एसडी कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या सरिता शर्मा मंगलवार को डीआईओएस कार्यालय पर धरने पर बैठ गई। उन्होंने रोते हुए अपनी व्यथा बताते हुए अधिकारियों और विद्यालय के प्रबंधन तंत्र पर बेवजह वेतन रोकने का आरोप लगाया।
धरने पर बैठी सरिता शर्मा ने बताया कि उनका वेतन छह महीने से रोका गया है। जबकि यदि कोई कर्मचारी निलंबित होता है तो भी जीवन यापन के लिए उसका आधा वेतन दिया जाता है, लेकिन हठधर्मिता के कारण उनका पूरा वेतन रोका गया है। वेतन के लिए वह लगातार अधिकारियों और प्रबंधन तंत्र से अनुरोध कर रही हैं, लेकिन वेतन नहीं दिया जा रहा है।
उनका आरोप है कि मंगलवार की सुबह जब वह वेतन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय विनोद कुमार से मिलने पहुंची तो उनकी अनुपस्थिति में एक लिपिक ने उनके साथ अभद्रता करते हुए देख लेने की धमकी दी। कर्मचारी के व्यवहार से आहत होकर ही उन्हें धरने पर बैठना पड़ा।
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मौके पर पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक योगराज सिंह ने उनकी बात सुनी और जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय विनोद कुमार से फोन पर बात की। जिला विद्यालय निरीक्षक योगराज सिंह के आश्वासन के बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त किया।
प्रधानाचार्य का प्रबंधन तंत्र के साथ कुछ विवाद है। प्रबंधन की शिकायत पर ही जिलाधिकारी द्वारा प्रधानाचार्य का वेतन रोका गया था, लेकिन बाद में वेतन को लेकर जिलाधिकारी ने एक और पत्र जारी किया था, जिसमें नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही थी। इसके बाद हमने प्रबंधन को वेतन जारी करने के लिए पत्र लिख दिया था। लखनऊ से लौटकर प्रधानाचार्य का वेतन जारी कराया जाएगा।
- विनोद कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय
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धरने पर बैठी सरिता शर्मा ने बताया कि उनका वेतन छह महीने से रोका गया है। जबकि यदि कोई कर्मचारी निलंबित होता है तो भी जीवन यापन के लिए उसका आधा वेतन दिया जाता है, लेकिन हठधर्मिता के कारण उनका पूरा वेतन रोका गया है। वेतन के लिए वह लगातार अधिकारियों और प्रबंधन तंत्र से अनुरोध कर रही हैं, लेकिन वेतन नहीं दिया जा रहा है।
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उनका आरोप है कि मंगलवार की सुबह जब वह वेतन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय विनोद कुमार से मिलने पहुंची तो उनकी अनुपस्थिति में एक लिपिक ने उनके साथ अभद्रता करते हुए देख लेने की धमकी दी। कर्मचारी के व्यवहार से आहत होकर ही उन्हें धरने पर बैठना पड़ा।
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मौके पर पहुंचे जिला विद्यालय निरीक्षक योगराज सिंह ने उनकी बात सुनी और जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय विनोद कुमार से फोन पर बात की। जिला विद्यालय निरीक्षक योगराज सिंह के आश्वासन के बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त किया।
प्रधानाचार्य का प्रबंधन तंत्र के साथ कुछ विवाद है। प्रबंधन की शिकायत पर ही जिलाधिकारी द्वारा प्रधानाचार्य का वेतन रोका गया था, लेकिन बाद में वेतन को लेकर जिलाधिकारी ने एक और पत्र जारी किया था, जिसमें नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही थी। इसके बाद हमने प्रबंधन को वेतन जारी करने के लिए पत्र लिख दिया था। लखनऊ से लौटकर प्रधानाचार्य का वेतन जारी कराया जाएगा।
- विनोद कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय