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Saharanpur News: पहले 2,851 था गृहकर, निगम ने इस बार भेजा 1.77 लाख का बिल
Wed, 22 Apr 2026 01:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 22 Apr 2026 01:41 AM IST
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सहारनपुर। जनक नगर निवासी वीर सिंह कुंडलीवाल के भवन का गृहकर एवं जलकर पहले 2,851 रुपये था, जो 2023 तक जमा कराया हुआ है। इस बार नगर निगम ने 1.77 लाख रुपये का बिल भेजा है, जिसे लेकर वीर सिंह परेशान हैं। उन्होंने समाधान के लिए नगर निगम के अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन समाधान नहीं किया गया। अब नगर निगम ने उनके घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया है।
उन्होंने बताया कि वर्षों से वह 2,851 रुपये का गृहकर एवं जलकर जमा कराते आ रहे हैं। इसमें 1,296 रुपये गृहकर और 1,553 रुपये जलकर के होते थे। वर्ष 2022-23 तक का उनका टैक्स जमा है, जिसकी रसीद भी उनके पास है। उसके बाद का बिल वह किसी कारणवश जमा नहीं करा पाए थे। ऐसे में वर्ष 2023-24, वर्ष 2024-25 और 2025-26 का कुल बकाया करीब 8,553 रुपये बैठता है, लेकिन नगर निगम ने उनके घर पर 1,76,584 रुपये का बिल भेजा है। साथ ही कुर्की का वारंट भी आया है।
इस संबंध में उन्होंने महापौर, नगर आयुक्त और गृहकर एवं जलकर अनुभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर कारण पूछा। आरोप है कि उनकी बात को सुना नहीं गया, जबकि वह सीनियर सिटीजन हैं। आरोप लगाया कि सभी का रवैया टालमटोल वाला रहा। आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारी मनमाने बिल और कुर्की के वारंट भेजकर नागरिकों को परेशान कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।
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ऐसी कोई शिकायत अभी तक मेरे सामने नहीं आई है। पीड़ित को चाहिए कि वह किसी भी कार्यदिवस में नगर निगम पहुंचकर उनसे मिल
ले। यदि गलत टैक्स गया होगा तो उसे ठीक कराया जाएगा।
- सुधीर शर्मा, कर अधीक्षक
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उन्होंने बताया कि वर्षों से वह 2,851 रुपये का गृहकर एवं जलकर जमा कराते आ रहे हैं। इसमें 1,296 रुपये गृहकर और 1,553 रुपये जलकर के होते थे। वर्ष 2022-23 तक का उनका टैक्स जमा है, जिसकी रसीद भी उनके पास है। उसके बाद का बिल वह किसी कारणवश जमा नहीं करा पाए थे। ऐसे में वर्ष 2023-24, वर्ष 2024-25 और 2025-26 का कुल बकाया करीब 8,553 रुपये बैठता है, लेकिन नगर निगम ने उनके घर पर 1,76,584 रुपये का बिल भेजा है। साथ ही कुर्की का वारंट भी आया है।
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इस संबंध में उन्होंने महापौर, नगर आयुक्त और गृहकर एवं जलकर अनुभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर कारण पूछा। आरोप है कि उनकी बात को सुना नहीं गया, जबकि वह सीनियर सिटीजन हैं। आरोप लगाया कि सभी का रवैया टालमटोल वाला रहा। आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारी मनमाने बिल और कुर्की के वारंट भेजकर नागरिकों को परेशान कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।
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ऐसी कोई शिकायत अभी तक मेरे सामने नहीं आई है। पीड़ित को चाहिए कि वह किसी भी कार्यदिवस में नगर निगम पहुंचकर उनसे मिल
ले। यदि गलत टैक्स गया होगा तो उसे ठीक कराया जाएगा।
- सुधीर शर्मा, कर अधीक्षक