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Saharanpur News: छत से प्लास्टर गिरा, तीन बच्चे घायल, एक की हालत गंभीर
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बेहट के गांव हरिपुर में मकान में छज्जे से टूटकर गिरा मलबा। स्रोत:ग्रामीण
बेहट। गांव हरिपुर में शनिवार की रात तीन बजे भोपाल सिंह के मकान के लिंटर का प्लास्टर टूटकर गिर गया। मलबा ऊपर गिरने से कमरे में सो रहे उसके तीन बच्चे घायल हो गए। इनमें उसकी 13 वर्षीय बेटी मोहिनी की हालत गंभीर है, जिसे हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया है। चंडीगढ़ पीजीआई में उसका इलाज चल रहा है, जबकि उसके दो भाई बहन जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
हादसे के समय भोपाल सिंह और उनकी पत्नी पशुशाला में सो रहे थे, जबकि पक्के मकान में उनके तीनों बच्चे सो रहे थे। रात के करीब तीन बजे कमरे की छत के लिंटर का एक भारी टुकड़ा बच्चों के ऊपर गिर गया। हादसे में उनकी बेटी मोहिनी गंभीर रूप से घायल हो गई। बेटा कृष्णा (8) व सबसे छोटी बेटी को भी चोटें आईं।
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के परिवार के लोग और पशुशाला में सो रहे भोपाल सिंह व उनकी पत्नी दौड़कर मकान के अंदर पहुंचे। उन्होंने बच्चों को मलबे के नीचे से निकाला। गंभीर रूप से घायल मोहिनी को तुरंत सीएचसी बेहट लाया गया, जहां से उसे गंभीर हालत के चलते जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
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जिला अस्पताल में भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज पिलखनी रेफर कर दिया। वहां से भी उसे चंडीगढ़ पीजीआई के लिए भेज दिया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
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झुक गया पूरा मकान
हादसे के बाद भोपाल सिंह का पूरा मकान झुक गया है। कई जगह मकान में दरारें आ गई है। ग्रामीणों का कहना है, कि भोपाल सिंह का मकान बहुत ज्यादा पुराना नहीं है, लेकिन रात के हादसे के बाद यह पूरा मकान हिल गया है। छज्जे से भी प्लास्टर गिरा है। अब यह मकान रहने के लिए सुरक्षित नहीं है।
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हादसे के समय भोपाल सिंह और उनकी पत्नी पशुशाला में सो रहे थे, जबकि पक्के मकान में उनके तीनों बच्चे सो रहे थे। रात के करीब तीन बजे कमरे की छत के लिंटर का एक भारी टुकड़ा बच्चों के ऊपर गिर गया। हादसे में उनकी बेटी मोहिनी गंभीर रूप से घायल हो गई। बेटा कृष्णा (8) व सबसे छोटी बेटी को भी चोटें आईं।
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बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के परिवार के लोग और पशुशाला में सो रहे भोपाल सिंह व उनकी पत्नी दौड़कर मकान के अंदर पहुंचे। उन्होंने बच्चों को मलबे के नीचे से निकाला। गंभीर रूप से घायल मोहिनी को तुरंत सीएचसी बेहट लाया गया, जहां से उसे गंभीर हालत के चलते जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
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जिला अस्पताल में भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज पिलखनी रेफर कर दिया। वहां से भी उसे चंडीगढ़ पीजीआई के लिए भेज दिया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
झुक गया पूरा मकान
हादसे के बाद भोपाल सिंह का पूरा मकान झुक गया है। कई जगह मकान में दरारें आ गई है। ग्रामीणों का कहना है, कि भोपाल सिंह का मकान बहुत ज्यादा पुराना नहीं है, लेकिन रात के हादसे के बाद यह पूरा मकान हिल गया है। छज्जे से भी प्लास्टर गिरा है। अब यह मकान रहने के लिए सुरक्षित नहीं है।