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Saharanpur News: चकमार्ग सहखातेदार की भूमि से चार फीट की दूरी पर लगाएं पेड़
Thu, 15 Feb 2024 03:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 15 Feb 2024 03:05 AM IST
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नकुड़। एसडीएम संगीता राघव ने कहा कि किसान अपने से खेत की मेढ़ या सहखातेदार की भूमि से कम से कम चार फीट की दूरी पर ही पेड़ लगाएं। नियम का पालन न करने पर संबंधित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
एसडीएम संगीता राघव ने बताया कि आजकल खेत की मेढ़, चकमार्ग, सरकारी भूमि, पशुचर व गूल आदि पर लगे पेड़ों को लेकर ही अधिकतर विवादित मामले सामने आ रहे हैं। इसी के मद्देनजर एसडीएम ने आदेश जारी कर तहसील क्षेत्र के किसानों से खेत की डोल, चकमार्ग, गूल (पानी की नाली), पशुचर या सहखातेदार की भूमि से कम से कम चार फीट की दूरी पर ही पेड़ लगाने को कहा है। उन्होंने कहा डोल या चकमार्ग से सटाकर पेड़ लगाने से पेड़ के बड़ा होने पर सहखातेदार की भूमि व चकमार्ग पर अतिक्रमण होना स्वाभाविक है और इससे पड़ोसी किसान की फसल पर भी प्रभाव पड़ता है। इसीलिए आए दिन इस तरह के विवादों में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने पर कृषक अपने खसरे में दी गई विधि व्यवस्था के अनुसार नियमानुसार दर्ज कराए और प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों को काटने से पूर्व वन विभाग से इसकी अनुमति जरूर लें। उन्होंने ग्राम समाज, पशुचर, बंजर आदि की भूमि से भी किसी भी तरह का कोई भी पेड़ न काटने की चेतावनी दी। एसडीएम ने कहा कि उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। नियमों का पालन न करने वाले किसान के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी, जिसका जिम्मेदार व स्वयं होगा।
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एसडीएम संगीता राघव ने बताया कि आजकल खेत की मेढ़, चकमार्ग, सरकारी भूमि, पशुचर व गूल आदि पर लगे पेड़ों को लेकर ही अधिकतर विवादित मामले सामने आ रहे हैं। इसी के मद्देनजर एसडीएम ने आदेश जारी कर तहसील क्षेत्र के किसानों से खेत की डोल, चकमार्ग, गूल (पानी की नाली), पशुचर या सहखातेदार की भूमि से कम से कम चार फीट की दूरी पर ही पेड़ लगाने को कहा है। उन्होंने कहा डोल या चकमार्ग से सटाकर पेड़ लगाने से पेड़ के बड़ा होने पर सहखातेदार की भूमि व चकमार्ग पर अतिक्रमण होना स्वाभाविक है और इससे पड़ोसी किसान की फसल पर भी प्रभाव पड़ता है। इसीलिए आए दिन इस तरह के विवादों में वृद्धि हो रही है।
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उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने पर कृषक अपने खसरे में दी गई विधि व्यवस्था के अनुसार नियमानुसार दर्ज कराए और प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों को काटने से पूर्व वन विभाग से इसकी अनुमति जरूर लें। उन्होंने ग्राम समाज, पशुचर, बंजर आदि की भूमि से भी किसी भी तरह का कोई भी पेड़ न काटने की चेतावनी दी। एसडीएम ने कहा कि उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। नियमों का पालन न करने वाले किसान के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी, जिसका जिम्मेदार व स्वयं होगा।
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